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Bhopal News: भोपाल के एमपी नगर इलाके में रविवार रात एक दर्दनाक हादसा हो गया. डीबी मॉल के सामने सड़क पार करते समय बिजली के खंभे से करंट लगने के कारण भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला महामंत्री और अधिवक्ता दिव्यऋषि तिवारी की मौत हो गई. इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर एडीएम की अध्यक्षता में 4 सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है.
सीएम ने एक्स पर पोस्ट कर जताया दुख, फिर दिए कड़े निर्देश.
रिपोर्ट: रमाकांत दुबे
भोपाल में रविवार रात एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है. एमपी नगर थाना क्षेत्र में डीबी मॉल के सामने बिजली के खंभे से करंट लगने से भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के जिला महामंत्री और अधिवक्ता दिव्यऋषि तिवारी की मौत हो गई.
इस घटना पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्वीट कर लिखा कि ईश्वर दिव्यऋषि के परिजनों को यह दुख सहन करने का संबल प्रदान करें. साथ ही मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को पूरे मामले की जांच कर सख्त वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
सड़क पार करते समय हुआ था हादसा
जानकारी के अनुसार, रविवार को दिव्यऋषि तिवारी अपने परिवार के साथ डीबी मॉल घूमने गए थे. मॉल के सामने सड़क पार करते समय वे सड़क किनारे लगे एक बिजली के खंभे की चपेट में आ गए. घटनास्थल पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने बताया कि खंभे से एक तार बाहर निकल रहा था. दिव्यऋषि तिवारी ने खंभे और उससे निकल रहे तार को एक साथ पकड़ लिया. इससे उन्हें तेज करंट लगा और वे तुरंत तड़पकर नीचे गिर पड़े, जिसके बाद उनकी मौत हो गई.
4 सदस्यीय जांच टीम गठित
मुख्यमंत्री द्वारा मामले में संज्ञान लेने के बाद भोपाल कलेक्टर के आदेश पर एडीएम (ADM) की अध्यक्षता में 4 सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया है. यह जांच कमेटी अगले तीन दिन में अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेगी.
वकीलों में आक्रोश, दोषियों पर हत्या के मुकदमे की मांग
दूसरी ओर, अधिवक्ता और युवा मोर्चा नेता की मौत से वकीलों में भारी रोष है. जिला बार काउंसिल के अध्यक्ष देवेंद्र रावत के नेतृत्व में वकीलों ने एमपी नगर थाने में ज्ञापन सौंपा. वकीलों का कहना है कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि बिजली विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही से हुई हत्या है. वकीलों ने मांग की है कि जिन लोगों की लापरवाही के कारण यह मौत हुई है, उन पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए. देवेंद्र रावत ने कहा कि जब तक दोषियों पर हत्या का मामला दर्ज नहीं होगा, तब तक वकील अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे.