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Belgium reactor Vessel Kumbhi Sugar Mill: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की कुंभी चीनी मिल की मालकिन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. बलरामपुर समूह की प्रतिनिधि अवंतिका सरावगी ने हालिया भारी बारिश और तेज आंधी से तबाह हुई फसलों को लेकर किसानों से एक संवेदनशील अपील की हैं.
जिस चीनी मिल में बेल्जियम से आ रहा रिएक्टर वेसल उसकी मालकिन ने सोशल मीडियो पर क्या अपील की हैं?
लखीमपुर खीरी: बेल्जियम से ओडिशा, बिहार के रास्ते यूपी के एक चीनी मिल में आ रहा विशालकाय रिएक्टर वेसल काफी चर्चा में है. 308 पहियों वाले हाइड्रोलिक ट्रक लदा ये रिएक्टर वेसल कुछ दिनों में कुंभी चीनी मिल में पहुंच जाएगा. इसकी मदद से एशिया का पहला बायो प्लास्टिक प्लांट स्थापित किया जा रहा है. अब इसी चीनी मिल की मालकिन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. वे किसानों से खास अपील करती नजर आ रही हैं.
दरअसल, उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से तेज आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश हो रही है. बारिश और तूफान ने आम लोगों के साथ-साथ किसानों की कमर तोड़कर रख दी है. खासकर गन्ने की पैदावार करने वाले किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है. कुंभी चीनी मिल की मालकिन और बलरामपुर समूह की प्रमुख अवंतिका सरावगी ने किसानों के हित में आगे आते हुए एक खास अपील जारी की है.
गन्ने की फसल गिरने से भारी नुकसान की आशंका
अवंतिका सरावगी ने वीडियो संदेश के जरिए किसानों से मुखातिब होते हुए कहा कि पिछले दो दिनों में हुई भारी बरसात और तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में गन्ने की फसलें जमीन पर पूरी तरह गिर चुकी हैं. यदि समय रहते इस गिरे हुए गन्ने को संभाला नहीं गया, तो किसानों की सालभर की मेहनत पानी में मिल जाएगी और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि अगर इस आपदा से फसल को बचाना है, तो किसानों को तुरंत सक्रिय होना होगा.
तीन से चार दिनों के भीतर गन्ने की बंधाई का अनुरोध
कुंभी चीनी मिल की मालकिन ने किसानों से विशेष आग्रह किया है कि वे अगले तीन से चार दिनों के भीतर खेतों में जाकर गिरे हुए गन्ने को खड़ा करें और उसकी विधिवत बंधाई कर लें. उन्होंने समझाया कि यदि ऐसा कर लिया जाता है, तो इस भारी नुकसान से काफी हद तक बचा जा सकता है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते गन्ने को नहीं बांधा गया, तो उत्पादन और वजन में 30 से 40 प्रतिशत तक की भारी गिरावट आ सकती है, जिससे किसानों को तगड़ा झटका लगेगा.
मिल कर्मचारियों की मदद लेने की सलाह
किसानों की इस गंभीर समस्या को लेकर मिल प्रबंधन भी पूरी तरह चिंतित है. अवंतिका सरावगी ने किसानों से अपील की है कि वे इस संकट की घड़ी में एक-दूसरे की मदद करें या जरूरत पड़ने पर मिल के कर्मचारियों का सहयोग लें. उन्होंने आपसी मेलजोल और सामूहिक प्रयास से इस काम को युद्धस्तर पर पूरा करने की बात कही है. किसानों से यह भी कहा गया है कि वे इस संदेश को अधिक से अधिक अन्य किसानों तक शेयर करें ताकि समय रहते अन्नदाता अपनी फसल को सुरक्षित बचा सकें.