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पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने 2024 लोकसभा चुनाव में मुजफ्फरनगर से मिली हार के दो साल बाद पार्टी के भीतर मतभेदों पर खुलकर बात की. अपनी हार के दो साल बाद संजीव बालियान ने बीजेपी नेता संगीत सोम को लेकर अपने दिल के किसी कोने में दफन सारे राज खोल डाले. संगीत सोम के साथ विवाद पर उन्होंने कहा कि ऐसे मतभेद नहीं होने चाहिए थे और वे कभी बीजेपी के खिलाफ काम नहीं करेंगे. 2022 के सरधना विधानसभा चुनाव में सोम के लिए गांव-गांव जाकर प्रचार करने का दावा भी किया. बालियान ने माना कि उनकी हार का कोई एक कारण नहीं था. राजपूत पंचायतों, बीएसपी उम्मीदवार और राजनीतिक प्रबंधन की कमी जैसे कई कारण रहे, जिनमें अपनी कमियों को भी उन्होंने स्वीकार किया.
पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली हार के लिए कहीं ना कहीं अपनी ही पार्टी के पूर्व विधायक संगीत सोम को भी जिम्मेदार माना है.
मुजफ्फरनगर: 2024 के लोकसभा चुनाव में मुजफ्फरनगर सीट से मिली हार के दो साल बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के दिग्गज नेता संजीव बालियान ने अपनी ही पार्टी के ही पूर्व विधायक संगीत सोम के साथ अपने रिश्तों और हार के कारणों पर बेबाक राय रखी है. एक यूट्यूब चैनल से बातचीत के दौरान जब उनसे संगीत सोम के साथ चल रही आपसी खींचतान पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने अपना कलेजा खोलकर रख दिया. कहा- पार्टी के भीतर ऐसे मतभेद नहीं होने चाहिए थे.
‘अब तो कारवां गुजर गया, बस गुबार देखते रहो’
संगीत सोम के साथ विवाद और ठाकुर पंचायतों से हुए नुकसान पर बालियान ने कहा, ‘अब किसकी कितनी गलती थी, इसका विश्लेषण करने वाले बहुत लोग हैं. अब तो कारवां गुजर गया, बस गुबार देखते रहो.’ उन्होंने स्पष्ट किया कि वे जन्मजात बीजेपी कार्यकर्ता हैं और पार्टी के खिलाफ उन्होंने कभी काम नहीं किया है. बालियान ने कहा, ‘मेरे किसी से मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मैं अपनी पार्टी को नुकसान कभी नहीं पहुंचाऊंगा. भाजपा जिसे भी चुनाव लड़ाएगी, मैं उसका विरोध न पहले किया था और न आगे करूंगा.’
‘मैं सरधना में गांव-गांव जाकर वोट मांगा’
2022 के विधानसभा चुनाव में सरधना सीट पर संगीत सोम के खिलाफ काम करने के आरोपों को खारिज करते हुए पूर्व सांसद ने कहा कि उन्होंने 2022 में सरधना में संगीत सोम को जिताने के लिए पूरी ताकत लगाई थी. उन्होंने कहा, ’22 के चुनाव में मेरा सबसे ज्यादा समय सरधना विधानसभा में ही बीता. मेरे समाज का ऐसा कोई गांव नहीं था जहां मैं वोट मांगने न गया होऊं. मेरी तरफ से हमेशा सकारात्मक प्रयास रहा, कभी कोई नकारात्मक कदम नहीं उठाया.’
बालियान ने हार के लिए खुद के खराब मैनेजमेंट को भी जिम्मेदार माना
2024 की अपनी हार पर चर्चा करते हुए संजीव बालियान ने माना कि चुनाव में मिली हार का कोई एक कारण नहीं होता. राजपूत समाज की पंचायतों और बीएसपी उम्मीदवार की मौजूदगी ने चुनाव पर बड़ा असर डाला. हालांकि, उन्होंने अपनी कमियां भी स्वीकार कीं और कहा, ‘मैं सिर्फ 24,000 वोटों के अंतर से हारा था. अगर सही समय पर राजनीतिक प्रबंधन (मैनेजमेंट) किया जाता, तो नतीजे अलग हो सकते थे. 10 साल मंत्री रहने के बाद शायद मुझमें भी कुछ कमियां रही होंगी, जिन्हें जनता ने आईना दिखाया है.’