नई दिल्ली: टेस्ट और टी20 से संन्यास के बाद विराट कोहली को लेकर यह कहा जाने लगा था कि जल्द ही उनका वनडे करियर भी खत्म हो जाएगा. लेकिन जिस तरह से अभी उनकी बल्लेबाजी हो रही है, उसे देखकर नहीं लगता कि फिलहाल वह रुकने वाले हैं. इस का सबसे बड़ा उदाहरण वेस्टइंडीज के खिलाफ तिरुवनंतपुरम में उनकी 139 रनों की नाबाद शतकीय पारी है.
इस पारी के साथ ही विराट कोहली ने वनडे में सचिन के सबसे तेज 15000 रन के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया. विराट कोहली ने 303 पारियों में 15000 रन के आंकड़े को पार किया. सचिन तेंदुलकर की बात करें तो उन्होंने 377 पारियों में यह कारनामा किया था. ऐसे में आइए समझते हैं कि वनडे में 15000 रन के आंकड़े तक पहुंचने में सचिन और विराट में से कौन बेहतर है.
15000 रन तक पहुंचने में किसके ज्यादा शतक?
इसमें कोई शक नहीं है कि मॉडर्न डे क्रिकेट में विराट कोहली महानतम बल्लेबाजों में से एक हैं. विराट इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने सचिन के बड़े-बड़े रिकॉर्ड्स को तोड़ने का कारनामा किया है, जिसमें 15000 रन का आंकड़ा छूना भी शामिल है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस मुकाम पर दोनों में से कौन सा खिलाड़ी किससे कितना बेहतर है.
सचिन तेंदुलकर ने जब वनडे में 15000 रन पूरे किए थे, तब उनके नाम 41 शतक दर्ज थे. वहीं विराट कोहली की बात करें, तो उन्होंने 15000 रन तक पहुंचते-पहुंचते 55 शतक जड़ दिए हैं. इसके अलावा विराट कोहली वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज भी हैं, जबकि वनडे में सचिन के नाम कुल 49 शतक दर्ज हैं.
90 के बाद शतक के कन्वर्जन में भी विराट, सचिन से आगे
इंटरनेशनल क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर के वनडे और टेस्ट को मिलाकर कुल 100 शतक हैं. हालांकि, शतकों की संख्या और भी ज्यादा हो सकती थी, लेकिन सचिन को 90 रन के स्कोर के बाद उसे शतक में तब्दील करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. सचिन इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार ‘नर्वस नाइंटीज’ का शिकार होने वाले बल्लेबाज हैं. वनडे और टेस्ट को मिलाकर वह कुल 28 बार 90 से 99 के बीच आउट हुए हैं.
इस मामले में अगर विराट कोहली से तुलना करें, तो उनका शतक कन्वर्जन रेट सचिन से काफी बेहतर है. विराट तीनों फॉर्मेट को मिलाकर अब तक कुल 86 शतक लगा चुके हैं. इस दौरान वह सिर्फ 12 मौकों पर ही नर्वस नाइंटीज का शिकार हुए हैं. इतना ही नहीं, विराट जैसे ही 90 रन के पार पहुंचते हैं, वे तेजी से अपना शतक पूरा करते हैं.
90 से 100 तक चीते की तरह पहुंचते हैं विराट
सचिन तेंदुलकर के संदर्भ में अक्सर देखा गया कि जब वे 90 रन के स्कोर पर पहुंचे, तो उनकी बल्लेबाजी की गति धीमी हो गई. 90 से 100 तक पहुंचने में उन्होंने औसतन 14 गेंदें खेलीं. इसके अलावा, नाइंटीज में पहुंचने के बाद 73 प्रतिशत मौकों पर ही वे उसे शतक में बदल पाए.
इसके विपरीत, यदि विराट कोहली के आंकड़ों को देखें, तो 90 प्रतिशत मौकों पर उन्होंने अपने नाइंटीज के स्कोर को शतक में तब्दील किया है. साथ ही, उन्होंने नाइंटीज के स्कोर से शतक पूरा करने में औसतन 11 गेंदें ही ली हैं, जो सचिन की तुलना में काफी कम हैं.