मुसीबत के वक्त पैसा तुरंत चाहिए तो कहां रखें इमरजेंसी फंड, सेविंग अकाउंट या FD, एक्सपर्ट ने बताया कौन सा ऑप्शन बेहतर

मुसीबत के वक्त पैसा तुरंत चाहिए तो कहां रखें इमरजेंसी फंड, सेविंग अकाउंट या FD, एक्सपर्ट ने बताया कौन सा ऑप्शन बेहतर


अगर अचानक मेडिकल खर्च सामने आ जाए, नौकरी चली जाए या घर में कोई बड़ा अनप्लान्ड खर्च आ जाए, तो इमरजेंसी फंड सबसे ज्यादा काम आता है. ऐसे पैसे को निवेश करने का मकसद ज्यादा रिटर्न कमाना नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर बिना परेशानी के पैसा उपलब्ध कराना होता है. यही वजह है कि इमरजेंसी फंड को सामान्य निवेश से अलग रखना जरूरी माना जाता है.

कई लोग अपना पूरा इमरजेंसी फंड एक ही सेविंग अकाउंट, एफडी या किसी निवेश ऑप्शन में रख देते हैं. लेकिन जानकारों के मुताबिक, पूरे पैसे को एक जगह रखने के बजाय जरूरत के हिसाब से अलग-अलग हिस्सों में बांटा जा सकता है. इससे एक तरफ तुरंत जरूरत का पैसा आसानी से मिल सकता है, वहीं बाकी रकम पर कुछ रिटर्न कमाने का मौका भी रहता है.

तुरंत जरूरत के लिए इस्तेमाल होने वाले पैसे को कहां रखें?

इमरजेंसी फंड का वह हिस्सा जिसकी कभी भी जरूरत पड़ सकती है, उसे ऐसी जगह रखना चाहिए जहां से पैसा आसानी से निकाला जा सके. इसके लिए हाई-यील्ड सेविंग अकाउंट या स्वीप-इन एफडी जैसे ऑप्शन पर विचार किया जा सकता है. इस पैसे को रोजमर्रा के खर्च वाले खाते से अलग रखना बेहतर है. इसका फायदा यह होगा कि इमरजेंसी आने पर आपको कोई निवेश बेचने या क्रेडिट कार्ड अथवा लोन का सहारा लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इस हिस्से के लिए रिटर्न से ज्यादा जरूरी सुरक्षा और तुरंत पैसा मिलने की सुविधा है.

डेट फंड में कितना अमाउंट रखें?

इमरजेंसी फंड का वह हिस्सा जिसकी अगले कुछ महीनों में जरूरत पड़ने की संभावना कम है, उसके लिए लिक्विड या शॉर्ट-टर्म डेट म्यूचुअल फंड पर विचार किया जा सकता है. इन फंड्स का पैसा मुख्य रूप से बॉन्ड और दूसरे फिक्स्ड-इनकम इंस्ट्रूमेंट्स में लगाया जाता है. इसलिए इनमें इक्विटी फंड की तुलना में उतार-चढ़ाव आमतौर पर कम होता है. हालांकि, इन्हें पूरी तरह जोखिम-मुक्त नहीं माना जा सकता. ब्याज दरों में बदलाव और फंड में मौजूद सिक्योरिटीज की क्रेडिट क्वालिटी का असर रिटर्न पर पड़ सकता है.

डेट फंड का एक फायदा यह है कि जरूरत के मुताबिक सिर्फ उतनी ही रकम निकाली जा सकती है, जितनी जरूरी हो. हालांकि, निवेश करने से पहले रिडेम्पशन टाइम और किसी संभावित एग्जिट लोड की जानकारी जरूर देखनी चाहिए.

एफडी में पैसा रखने का फायदा

एफडी उन लोगों के लिए एक ऑप्शन हो सकती है जो अपने पैसे पर पहले से तय ब्याज चाहते हैं. एफडी की अवधि और ब्याज दर पहले से तय होती है, इसलिए रिटर्न का अंदाजा लगाना आसान रहता है. लेकिन इसमें एक कमी है. अगर एफडी की अवधि पूरी होने से पहले पैसा निकालना पड़े, तो बैंक की शर्तों के मुताबिक पेनल्टी लग सकती है या ब्याज कम मिल सकता है.

इसके अलावा, एफडी में महंगाई का असर भी ध्यान में रखना चाहिए. अगर एफडी मैच्योर होने के बाद बाजार में ब्याज दरें कम हो जाती हैं, तो अगली एफडी पहले जितना रिटर्न नहीं दे सकती. इसे री-इन्वेस्टमेंट रिस्क कहा जाता है.

एक्सपर्ट ने दी जानकारी

विभवांगल अनुकूलकरा प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर सिद्धार्थ मौर्य मुताबिक, इमरजेंसी फंड का मकसद ज्यादा रिटर्न कमाना नहीं होना चाहिए. इसका शुरुआती हिस्सा सेविंग अकाउंट में रखना बेहतर है, जबकि कुछ रकम कम अवधि की एफडी में रखी जा सकती है. इससे बिना मार्केट रिस्क लिए थोड़ा अतिरिक्त ब्याज मिल सकता है. जरूरत हो तो फंड के छोटे हिस्से को मनी मार्केट या लिक्विड फंड में भी रखा जा सकता है, लेकिन इनमें रिटर्न की गारंटी या डिपॉजिट इंश्योरेंस नहीं मिलता.

एक अच्छा इमरजेंसी फंड किसी एक प्रोडक्ट पर निर्भर होने के बजाय अलग-अलग हिस्सों में बनाया जा सकता है. कुछ पैसा तुरंत इस्तेमाल के लिए सेविंग अकाउंट या एफडी में रहे और जरूरत के मुताबिक बाकी रकम दूसरे ऑप्शन में रखी जाए. बैंक में सेविंग अकाउंट और FD जैसे डिपॉजिट पर DICGC के तहत प्रति जमाकर्ता, प्रति बैंक ₹5 लाख तक का बीमा मिलता है। यह सुविधा DICGC के तय नियमों और शर्तों के अधीन होती है.

इमरजेंसी फंड बनाते समय क्या देखें?

इमरजेंसी फंड के लिए सिर्फ यह देखना सही नहीं है कि कौन-सा ऑप्शन सबसे ज्यादा रिटर्न दे रहा है. आपको यह देखना चाहिए कि पैसा कितनी जल्दी चाहिए, कितना जोखिम ले सकते हैं और कितने समय तक रकम को अलग रखा जा सकता है. तुरंत जरूरत वाली रकम सेविंग अकाउंट या स्वीप-इन एफडी में रखी जा सकती है, जबकि कुछ अतिरिक्त रकम के लिए डेट फंड जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है. एफडी भी पोर्टफोलियो का हिस्सा हो सकती है, लेकिन पूरी रकम ऐसी जगह रखना ठीक नहीं जहां जरूरत के समय पैसे निकालने में परेशानी हो.

(Disclaimer: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से प्रकाशिक की गई है. यदि आप इनमें से किसी भी शेयर में पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्‍टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह के लाभ या हानि के लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)



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