चितकारा में ‘भूत’ का डर, LPU में रेप की खबर… अफवाहों की आग में कैसे झुलस गए 140KM दूर दो यूनिवर्सिटी

चितकारा में ‘भूत’ का डर, LPU में रेप की खबर… अफवाहों की आग में कैसे झुलस गए 140KM दूर दो यूनिवर्सिटी


25 सितंबर की रात बड़ी संख्या में छात्र कैंपस में जुटने लगे. कुछ लोगों ने दावा किया कि हॉस्टल से छात्राएं लापता हैं या उनके साथ कोई अनहोनी हुई है. पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों से जब कथित तौर पर लापता छात्राओं के बारे में जानकारी मांगी गई तो वे नाम, फोटो, रोल नंबर या कोई अन्य पहचान संबंधी जानकारी उपलब्ध नहीं करा सके. पुलिस ने कहा कि किसी छात्रा के लापता या घायल होने की आधिकारिक सूचना नहीं मिली थी.

इसके बावजूद तनाव बढ़ता गया. पुलिस की कई टीमें कैंपस पहुंचीं. स्थिति बिगड़ने के दौरान पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया और कैंपस की संपत्ति में तोड़फोड़ की गई. एक पुलिस अधिकारी के साथ कथित तौर पर हाथापाई की बात भी सामने आई. यानी जिस डर की शुरुआत सोशल मीडिया पोस्ट से हुई थी, उसने कुछ ही समय में जमीन पर हिंसक रूप ले लिया.

चितकारा के अगले ही दिन फगवाड़ा की LPU में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा. यहां मामला कथित तौर पर एक छात्रा के यौन उत्पीड़न से जुड़ा था. छात्रों के बीच यह बात फैली कि लड़कियों के हॉस्टल में बाहर से आए किसी व्यक्ति ने एक छात्रा के साथ कथित यौन अपराध किया. आरोपी को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आए- कहीं उसे पेंटर, कहीं प्लंबर तो कहीं निर्माण कार्य से जुड़ा कर्मचारी बताया गया.

कुछ छात्रों ने यह भी दावा किया कि कथित पीड़िता बाद में घर चली गई और उसकी मौत हो गई. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.

मामला इसलिए और गंभीर हो गया क्योंकि छात्रों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज कर ली. मामले की जांच के लिए SIT भी गठित की गई. पुलिस अब कथित घटना की सच्चाई पता लगाने के लिए फोरेंसिक साक्ष्य, CCTV फुटेज और मोबाइल फोन से जुड़े डेटा की जांच कर रही है.

LPU प्रशासन ने सोशल मीडिया पर फैल रही कथित रेप की खबर को झूठा और मनगढ़ंत बताया. छात्रों को भरोसा दिलाने के लिए यूनिवर्सिटी की ओर से हॉस्टल में रहने वाले तीन छात्रों का एक वीडियो भी जारी किया गया, जिसमें उन्होंने इस कथित घटना से इनकार किया.

हालांकि बाद में उन्हीं छात्रों ने आरोप लगाया कि वीडियो रिकॉर्ड करते समय उन्हें क्या कहना है, इसके लिए निर्देश दिए गए थे. उनका दावा था कि उनकी अनुमति के बिना वीडियो को एडिट करके जारी किया गया.

इस घटनाक्रम ने मामले को और पेचीदा बना दिया. हालांकि छात्रों के इन आरोपों से कथित यौन अपराध की पुष्टि नहीं होती, लेकिन यूनिवर्सिटी की ओर से जारी वीडियो को लेकर सवाल जरूर खड़े हुए.

LPU में छात्रों का विरोध सिर्फ कैंपस तक सीमित नहीं रहा. प्रदर्शनकारी जालंधर-फगवाड़ा हाईवे पर पहुंच गए और रास्ता जाम कर दिया. इससे पंजाब के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की तरफ जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा.

कैंपस में तोड़फोड़ के अलावा दुकानों, वाहनों और अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आईं. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारियों को कैंपस में प्रदर्शित सैन्य उपकरणों और एक MiG-23 विमान पर चढ़ते हुए भी देखा गया. बाद में पुलिस वाहन में आग लगाए जाने की घटना भी सामने आई.

पुलिस ने कहा कि कई पुलिसकर्मी घायल हुए और पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया. वहीं, प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस लाठीचार्ज के आरोप लगाए गए. पुलिस ने इन आरोपों को लेकर अलग रुख अपनाया और प्रदर्शनकारियों पर पथराव का आरोप लगाया.

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए LPU में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया. 28 सितंबर तक यहां 2,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की रिपोर्ट सामने आई. अधिकारियों ने कहा कि अब कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है.

दोनों विश्वविद्यालयों ने भी अकादमिक गतिविधियों को कुछ समय के लिए रोक दिया. LPU ने 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कीं और मिड-टर्म परीक्षाएं भी टाल दीं. चितकारा यूनिवर्सिटी ने 1 अक्टूबर तक शैक्षणिक गतिविधियां रोकने का फैसला किया, जिसके बाद 5 अक्टूबर से कक्षाएं दोबारा शुरू होनी हैं.

लगातार दो रातों में करीब 140 किलोमीटर के अंतर पर दो विश्वविद्यालयों में छात्रों का हिंसक प्रदर्शन होना निश्चित रूप से ध्यान खींचता है. दोनों मामलों में सोशल मीडिया पर छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ी चिंताजनक बातें तेजी से फैलीं और छात्रों ने जवाब मांगने के लिए हॉस्टल से बाहर निकलकर प्रदर्शन किया. लेकिन समानता यहीं तक है.

चितकारा में पुलिस के अनुसार ‘भूत’, छात्राओं के लापता होने और मौत जैसी बातें अफवाहों से जुड़ी थीं. वहीं LPU में छात्रों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू की है. कथित यौन अपराध हुआ या नहीं, इसका निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा. पंजाब पुलिस ने दोनों घटनाओं के बीच किसी कनेक्शन की पुष्टि नहीं की है.



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