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Kota Aryan Singh Smart Emotion Pot: कोटा के छात्र और युवा इनोवेटर आर्यन सिंह ने पौधों की देखभाल को तकनीक और भावनाओं से जोड़ते हुए ‘स्मार्ट इमोशन पॉट’ तैयार किया है. यह स्मार्ट पॉट सॉइल मॉइस्चर, तापमान, आर्द्रता, लाइट और वाटर लेवल जैसे सेंसर की मदद से पौधे के आसपास की परिस्थितियों पर नजर रखता है. खास बात यह है कि पौधे की जरूरत को सिर्फ आंकड़ों में दिखाने के बजाय पॉट स्क्रीन पर इमोजी और एनिमेटेड एक्सप्रेशन के जरिए संकेत देता है. पानी की जरूरत होने पर चेहरा उदास और पौधा स्वस्थ होने पर मुस्कुराता हुआ नजर आता है. इसमें 70 से ज्यादा इमोशन और जेस्चर विकसित किए गए हैं. भविष्य में एआई और एपीआई आधारित फीचर्स जोड़ने की योजना है.
कोटा के छात्र और युवा इनोवेटर आर्यन सिंह ने पौधों की देखभाल को तकनीक और भावनाओं से जोड़ते हुए ‘स्मार्ट इमोशन पॉट’ तैयार किया है
कोटा. पौधों को पानी चाहिए या धूप कम मिल रही है, यह जानने के लिए अब हर बार मिट्टी को छूकर या पौधे की हालत देखकर अंदाजा लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. कोटा के छात्र और युवा इनोवेटर आर्यन सिंह ने पौधों की देखभाल को तकनीक और भावनाओं से जोड़ते हुए एक अनोखा प्रयोग किया है. उन्होंने ‘स्मार्ट इमोशन पॉट’ तैयार किया है, जो पौधे के आसपास के वातावरण और उसकी जरूरतों को सेंसर की मदद से मॉनिटर करता है और फिर स्क्रीन पर अलग-अलग इमोजी व एनिमेटेड एक्सप्रेशन के जरिए संकेत देता है.
इस स्मार्ट पॉट की खासियत यह है कि इसमें पौधे की जरूरत को सिर्फ तकनीकी आंकड़ों के रूप में नहीं दिखाया जाता, बल्कि उसे एक भावनात्मक अंदाज में समझाने की कोशिश की गई है. उदाहरण के तौर पर अगर पौधे की मिट्टी में नमी कम हो जाती है और उसे पानी की जरूरत है तो पॉट का चेहरा उदास दिखाई देता है. इसी तरह धूप कम मिलने पर उसका एक्सप्रेशन बदल जाता है. वहीं जब पौधे के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती हैं और वह स्वस्थ रहता है तो स्क्रीन पर मुस्कुराता हुआ चेहरा नजर आता है.
कई सेंसर लगातार रखते हैं पौधे की स्थिति पर नजर
आर्यन सिंह के स्मार्ट इमोशन पॉट में सॉइल मॉइस्चर, तापमान, आर्द्रता, लाइट और वाटर लेवल जैसे सेंसर लगाए गए हैं. ये सेंसर लगातार पौधे और उसके आसपास के वातावरण से जुड़ी जानकारी मॉनिटर करते हैं. सेंसर से मिलने वाले डेटा के आधार पर पॉट का एक्सप्रेशन बदलता है. इसका उद्देश्य पौधों की देखभाल को आम लोगों, खासकर बच्चों के लिए आसान और रोचक बनाना है. आर्यन ने बताया कि इस सिस्टम को इस तरह डिजाइन करने की कोशिश की गई है कि इसे इस्तेमाल करने के लिए किसी खास तकनीकी जानकारी की जरूरत न पड़े. पॉट का चेहरा देखकर ही यूजर को पौधे की स्थिति का शुरुआती संकेत मिल सके. यानी अगर चेहरा उदास है तो पौधे को पानी या किसी दूसरी जरूरत की जांच करनी है और मुस्कान दिखाई दे रही है तो पौधे की स्थिति बेहतर समझी जा सकती है.
70 से ज्यादा एनिमेटेड इमोशन दिखाने वाले का अगला वर्जन AI से होगा लैस
स्मार्ट इमोशन पॉट को सिर्फ कुछ सीमित इमोजी तक रखने के बजाय इसमें 70 से ज्यादा एनिमेटेड इमोशन और जेस्चर दिखाने की क्षमता विकसित की गई है. अलग-अलग परिस्थितियों के हिसाब से पॉट के एक्सप्रेशन और जेस्चर बदल सकते हैं. आर्यन का मानना है कि इस तरह की तकनीक बच्चों को पौधों से जोड़ने और उनकी देखभाल के प्रति जिम्मेदारी विकसित करने में मदद कर सकती है. अब इस इनोवेशन को अगले स्तर तक ले जाने की तैयारी है. भविष्य के वर्जन में एआई और एपीआई आधारित इंटरैक्शन जोड़ने की योजना है.
इसके बाद स्मार्ट पॉट केवल चेहरे के एक्सप्रेशन के जरिए संकेत देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यूजर से संवाद भी कर सकेगा. पौधे की स्थिति को आवाज के जरिए बताया जा सकेगा और उसकी देखभाल के लिए जरूरी सुझाव भी दिए जा सकेंगे. आर्यन सिंह का यह प्रयोग तकनीक और प्रकृति के बीच एक अलग तरह का कनेक्शन बनाने की कोशिश है. स्मार्ट पॉट के जरिए उनका लक्ष्य पौधों को सिर्फ घर की सजावट का हिस्सा मानने के बजाय उनकी जरूरतों को समझने और उनकी नियमित देखभाल की आदत विकसित करना है.