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Tapti Nagzhiri Ghat: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में बहने वाली ताप्ती नदी का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है. मान्यता है कि वनवास के दौरान भगवान श्री राम ने इसी स्थान पर अपने पिता राजा दशरथ का श्राद्ध किया था.
Tapti Nagzhiri Ghat: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में बहने वाली ताप्ती नदी का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है. शहर के नागझिरी घाट को लेकर मान्यता है कि वनवास के दौरान भगवान श्री राम ने इसी स्थान पर अपने पिता राजा दशरथ का श्राद्ध किया था. यही वजह है कि नागझिरी घाट आज भी श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. बुरहानपुर का नागझिरी घाट सिर्फ धार्मिक आस्था का स्थल ही नहीं बल्कि स्थानीय लोगों के लिए परंपरा और संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थान भी है. भगवान श्री राम से जुड़ी इस मान्यता के कारण ताप्ती नदी का यह घाट आज भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है.
ताप्ती सेवा समिति प्रमुख ने दी जानकारी
लोकल 18 की टीम को ताप्ती सेवा समिति के राजेश भगत ने जानकारी देते हुए बताया कि मान्यता के अनुसार, भगवान श्री राम जब वनवास के दौरान इस क्षेत्र से होकर गुजर रहे थे तब उन्हें अपने पिता राजा दशरथ के निधन का समाचार मिला. इसके बाद उन्होंने ताप्ती नदी के तट पर नागझिरी घाट के समीप अपने पिता का श्राद्ध और तर्पण किया. धार्मिक मान्यता के अनुसार, पितरों की आत्मा की शांति के लिए किए गए इस कर्म के बाद भगवान श्री राम अपनी वनवास यात्रा को आगे बढ़ाते हुए महाराष्ट्र की ओर रवाना हुए थे. इसी धार्मिक मान्यता के कारण नागझिरी घाट का विशेष महत्व माना जाता है. खासकर श्राद्ध पक्ष के दौरान यहां बड़ी संख्या में लोग अपने पूर्वजों का श्राद्ध तर्पण और पिंडदान करने के लिए पहुंचते हैं. श्रद्धालुओं का मानना है कि ताप्ती नदी के पवित्र तट पर विधि-विधान से पितरों का श्राद्ध करने से उन्हें शांति मिलती है और पूर्वजों का आशीर्वाद परिवार पर बना रहता है.
15 दिन आते हैं सबसे अधिक लोग
श्राद्ध पक्ष में सुबह से ही नागझिरी घाट पर श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो जाती है. लोग ताप्ती नदी में स्नान कर अपने पितरों को जल अर्पित करते हैं और पुरोहितों के माध्यम से श्राद्ध कर्म संपन्न करवाते हैं. कई परिवार अपने पूर्वजों की स्मृति में यहां विशेष पूजा-अर्चना भी करते हैं.