Iran Slams Israel-US: मुस्लिम देशों में फूट पैदा करना चाहते हैं अमेरिका-इजरायल भड़के ईरानी राष्ट्रपति होर्मुज पर भी दिया रिएक्शन

Iran Slams Israel-US: मुस्लिम देशों में फूट पैदा करना चाहते हैं अमेरिका-इजरायल भड़के ईरानी राष्ट्रपति होर्मुज पर भी दिया रिएक्शन


Last Updated:

Iran-US War Update: ईरान- अमेरिका को लेकर ईरानी राष्ट्रपति ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि ये दोनों देश मिलकर मुस्लिम देशों के संसाधनों पर कब्जा करना चाहते हैं. उनकी ये प्रतिक्रिया ऐसे वक्त में आई है, जब अमेरिका ने ईरान के होर्मुज वाले प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया है.

ख़बरें फटाफट

Zoom

मसूद पेजेश्कियन. (रॉयटर्स)

Iran-US War Update:  ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि ईरान को अब अमेरिका के साथ बातचीत पर भरोसा नहीं है. उनका कहना है कि पहले भी बातचीत हुई थी, लेकिन उसके बाद ईरान पर हमले और प्रतिबंध लगाए गए. उन्होंने अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान को यह समझ नहीं आ रहा कि अमेरिका के साथ किस आधार पर कोई समझौता किया जा सकता है. ईरान के राष्ट्रपति और विदेश मंत्री अब्बास अरागची इस हफ्ते संयुक्त राष्ट्र की बैठक के लिए अमेरिका गए थे. वहां उन्होंने युद्ध खत्म करने के लिए एक प्रस्ताव रखा.

पेजेश्कियन ने ईरान पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों की आलोचना की. उन्होंने कहा कि जिन देशों ने ईरान को दवाइयों और कच्चे माल तक पहुंच से रोका, वही देश गाजा में भोजन और पानी की समस्या पैदा करने के लिए जिम्मेदार हैं. उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों के जरिए ईरान पर दबाव डालने की कोशिश सफल नहीं होगी. पेजेश्कियन ने कहा कि मिडिल ईस्ट की सुरक्षा इस क्षेत्र के देशों को मिलकर सुनिश्चित करनी चाहिए.

ईरान का प्रस्ताव क्या है?

  • पहले 4-5 दिनों में समझौते की शुरुआती प्रक्रिया पूरी होगी.
  • छठें दिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को फिर से खोल दिया जाएगा.
  • सातवें दिन अमेरिका के साथ अंतिम समझौते के लिए बातचीत शुरू होगी.
  • अमेरिका ईरान के बंदरगाहों पर लगी नौसैनिक नाकेबंदी हटाए.
  • ईरान के तेल की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों में राहत दी जाए.
  • ईरान की करीब 12 अरब डॉलर की जमी हुई संपत्ति जारी की जाए.
  • पूरे क्षेत्र में युद्धविराम हो, जिसमें लेबनान और यमन भी शामिल हों.
  • इसके बदले ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खोलने पर सहमत होगा.

ईरान ने अमेरिका-इजराइल को लताड़ा 

पेजेश्कियन ने अमेरिका को इस युद्ध का हमलावर बताया. उन्होंने कहा कि ईरान ने लंबे समय से किसी दूसरे देश पर हमला नहीं किया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजराइल को उम्मीद थी कि कुछ ही दिनों में ईरान की सरकार कमजोर हो जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ. उनके मुताबिक ईरान अमेरिकी और इजराइली हमलों का सामना कर चुका है और आगे भी पीछे नहीं हटेगा. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और इजराइल ने क्षेत्र के कुछ देशों के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए किया. ईरान जब क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाता है, तो उसका कारण यह है कि उनके अनुसार इन्हीं ठिकानों से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की जाती है.

‘हमें पुलिस की जरूरत नहीं’

उन्होंने कहा कि हमें इलाके में किसी क्षेत्रीय पुलिसवाले की जरूरत नहीं है. उन्होंने अमेरिका और इजराइल पर आरोप लगाया कि वे मुस्लिम देशों के बीच मतभेद पैदा करके इस इलाके के संसाधनों पर नियंत्रण रखना चाहते हैं. उन्होंने ये भी कहा कि सऊदी अरब मुस्लिम देशों को एकजुट करने में अहम भूमिका निभा सकता है. यमन के हूती समूह और सऊदी अरब समर्थित यमनी बलों के बीच तनाव पर पेजेश्कियन ने कहा कि हूतियों की कार्रवाई ईरान से जुड़ी हुई नहीं है. उन्होंने कहा कि ईरान अन्याय का सामना करने वाले लोगों के साथ खड़ा है. साथ ही उन्होंने हूतियों और सऊदी अरब से बातचीत के जरिए अपने मतभेद दूर करने की अपील की.

होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों महत्वपूर्ण है?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है. युद्ध से पहले दुनिया के कुल तेल और गैस व्यापार का लगभग 5वां हिस्सा इस रास्ते से गुजरता था. पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान ने खुद इस रास्ते को बंद नहीं किया, बल्कि उनके अनुसार अमेरिका ने पहले ईरान के रास्ते बंद किए. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में होर्मुज को बंद करना ईरान की स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी. उन्होंने यह भी कहा कि अगर बातचीत के जरिए युद्ध समाप्त होता है, तो ईरान व्यावसायिक जहाजों के लिए यह रास्ता फिर खोल देगा.



Source link