Iran Missile Scared US Aircraft Carrier: Qasim Basir| ईरान ने निकाला ऐसा दिव्यास्त्र दुम दबाकर भागा अमेरिका का समुद्री दैत्य 1200KM तक खदेड़ कर माना

Iran Missile Scared US Aircraft Carrier: Qasim Basir| ईरान ने निकाला ऐसा दिव्यास्त्र दुम दबाकर भागा अमेरिका का समुद्री दैत्य 1200KM तक खदेड़ कर माना


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Iran Qasem Basir Missile Scares US Navy: अमेरिका एक तरफ होर्मुज में नाकेबंदी के दावे कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ हालात ये हैं कि ईरान की मिसाइल को देखकर उसके युद्धपोत दुम दबाकर भाग रहे हैं. कम से कम सैटेलाइट तस्वीरें तो यही बता रही हैं कि अमेरिका के यूएसएस जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश को ईरानी एंटी शिप मिसाइल से 1200 किलोमीटर की दूरी बनानी पड़ी.

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ईरानी मिसाइल से डरकर भागा अमेरिकी युद्धपोत.

Iran Qasem Basir Missile Scares US Navy: अमेरिकी नौसेना की ताकत दुनिया भर में जानी जाती है. खासकर एयरक्राफ्ट कैरियर को उसकी नौसेना की शान मानी जाती है, लेकिन हाल के हफ्तों में मिडिल-ईस्ट के समुद्री इलाकों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. सैटेलाइट तस्वीरों से साफ हो गया है कि ओमान की खाड़ी और अरब सागर से अमेरिकी बड़े युद्धपोत गायब हो गए हैं. सितंबर की शुरुआत से वहां कोई एयरक्राफ्ट कैरियर या डेस्ट्रॉयर नजर नहीं आ रहा और इसके पीछे हटने की मुख्य वजह ईरान का वो दिव्यास्त्र है, जो उसने गोदाम से निकाला तो हड़कंप ही मच गया.

ईरान का दावा है कि अमेरिका भले ही बड़ी-बड़ी बातें कर रहा है, लेकिन सच ये है कि जैसे ही उसकी एंटी शिप बैलिस्टिक मिसाइल कासिम बसीर की आहट सुनाई दी, उसके युद्धपोत उल्टे पांव भागे. पहले भी खबरें आई थीं कि ईरान की एंटी शिप मिसाइल ने अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर पर हमला किया था और उसे नुकसान भी पहुंचाया था. एक बार फिर से ईरान ने अपने दिव्यास्त्र का जलवा दिखाया, तो अमेरिका के युद्धपोत को भी भागना पड़ गया.

ईरानी दिव्यास्त्र है कासिम बसीर

  1. कासिम बसीर को ईरान खुद कैरियर किलर यानी बड़े युद्धपोतों को निशाना बनाने वाली मिसाइल बताता है. इसकी रेंज करीब 1200 किलोमीटर मानी जाती है.
  2. इसमें थर्मल और ऑप्टिकल सीकर लगे होने का दावा किया जाता है, जो युद्धपोतों को आसानी से ढूंढने और निशाना बनाने में मदद करते हैं. ईरान का कहना है कि इस मिसाइल का पहली बार असल मुकाबले में इस्तेमाल हुआ और इसने अमेरिकी जहाजों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दीं.
  3. सेंटकॉम यानी अमेरिकी मध्य कमान ने भी स्वीकार किया कि अमेरिकी जहाज मिसाइल हमलों की चपेट में आए. ईरान इसे अमेरिकियों के लिए जहन्नुम जैसा माहौल बनाने वाला हथियार बता रहा है.
  4. एक महंगे फोर्ड-क्लास कैरियर की कीमत लगभग 13 अरब डॉलर होती है और उस पर करीब 4500 नाविक तैनात रहते हैं. इसके मुकाबले एक मिसाइल की लागत बहुत कम होती है. इसी लागत-जोखिम के गणित ने अमेरिकी रणनीति को प्रभावित किया.
ईरान की कासिम बसीर मिसाइल आई मैदान में.

अमेरिकी बेड़े की वापसी और सैटेलाइट सबूत

सैटेलाइट तस्वीरें इस बदलाव की पुष्टि करती हैं. पहले जहां नियमित गश्त दिखती थी, वहां अब खाली समुद्र नजर आ रहा है. यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन, यूएसएस जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश, यूएसएस ट्रिपोली और कई आर्ली बर्क क्लास डेस्ट्रॉयर इस इलाके से हटे यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड तो मध्य पूर्व से पूरी तरह बाहर चला गया. कासिम बसीर की रेंज से बचने के लिए जॉर्ज वाशिंगटन जैसे जहाजों को कम से कम 600 नॉटिकल मील पीछे रखा गया.





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