यूपी विधानसभा चुनाव से पहले आया बड़ा सर्वे, समाजवादी पार्टी को मिलेगी 70 सीट? बीजेपी का दावा

यूपी विधानसभा चुनाव से पहले आया बड़ा सर्वे, समाजवादी पार्टी को मिलेगी 70 सीट? बीजेपी का दावा


Last Updated:

भारतीय जनता पार्टी ने दावा किया है कि समाजवादी पार्टी ने आतंरिक सर्वे कराया है, जिसमें उसको बड़ा झटका लगा है. बीजेपी ने कहा कि सपा को उस सर्वे में केवल 70 सीटें मिल रहे हैं, जिसके चलते सपा-कांग्रेस में तनातनी चल रही है.

Zoom

सपा को लेकर बीजेपी का बड़ा दावा.

लखनऊः उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का वक्त नजदीक आता जा रहा है. ऐसे में राजनीतिक दावे और बयानबाजी जारी है. इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने दावा किया है कि समाजवादी पार्टी को 2027 के विधानसभा चुनाव में महज 70 सीटें मिलने वाली हैं, इसके चलते सपा-कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान शुरू हो गई है. बीजेपी प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि समाजवादी  पार्टी और कांग्रेस पार्टी में जो खींचतान चल रही है, उसके पीछे समाजवादी पार्टी के आंतरिक सर्वे का मामला सामने आया है, जिसके कारण समाजवादी पार्टी की हवा टाइट बताई जा रही है.

सपा आतंरिक सर्वे में 70 सीटों पर सिमट रही- बीजेपी
इसके अलावा उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के आंतरिक सर्वे में समाजवादी पार्टी को सत्तर सीटों पर समेटते हुए बताया जा रहा है और इस बात की पुष्टि कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और कांग्रेस पार्टी के नेता इमरान मसूद का बयान करता है. जो सपा के खिलाफ दिया जा रहा है. वहीं आरएलडी प्रवक्ता रोहित अग्रवाल ने भी सर्वे को लेकर सपा पर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि सपा-कांग्रेस का गठबंधन नहीं, ठगबंधन है. दोनों एक-दूसरे को ठगने में लगे हैं. सपा का अपना सर्वे बता रहा है वो 70 सीटों पर सिमट रही है. इसलिए अखिलेश को ये गठबंधन मजबूरी लग रहा है.

सपा कांग्रेस को 30 से ज्यादा सीट देने को तैयार नहीं- RLD
साथ ही रोहित अग्रवाल ने यह भी कहा कि शीर्ष नेता गठबंधन करेंगे लेकिन कार्यकर्ता और जनता में कोई गठबंधन नहीं है. सरकार बनने से पहले ही ठेके, जमीन और अपराध के बंटवारे की बातें हो रही हैं, जिसे जनता सुन रही है. सपा कांग्रेस को 30 से ज्यादा सीटें देने को तैयार नहीं और दोनों दलों के नेता एक-दूसरे को औकात दिखा रहे हैं. 2027 में जनता इस ठगबंधन की सारी गांठें खोल देगी.

चुनाव से पहले आगे वाली सीट पर, चुनाव के बाद डिग्गी में भी नहीं- AIMIM
AIMIM ने भी तंज कसते हुए कहा कि  सपा-कांग्रेस को चुनाव आते ही मुसलमान याद आता है. 9 साल अत्याचार, हिजाब, फर्जी एनकाउंटर पर 100 विधायक और 37 सांसद गूंगे रहे. मुसलमान चुनाव में आगे की सीट पर. चुनाव बाद डिग्गी में भी जगह नहीं. मुजफ्फरनगर दंगा और अखलाक मॉब लिंचिंग इनकी सरकार में हुई, क्या माफी मांगेंगे? 4 बार मुसलमानों ने सपा परिवार को CM बनाया, क्या एक बार मुसलमान को CM बनाने को तैयार हैं?



Source link