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जहानाबाद के 21 साल के सत्यम ने छोटी उम्र में बड़ा कारनामा कर दिखाया है. वह 12 बीघे में मछली पालन कर रहे हैं. इससे सालाना 2000 क्विंटल से अधिक मछली का उत्पादन हो रहा है. सत्यम युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं. उनकी इस सफलता से अच्छी कमाई हो रही है.
जहानाबादः बिहार में मत्स्य पालन व्यवसाय ग्रामीण परिवेश में आर्थिक उन्नति का मजबूत आधार बनता जा रहा है. प्रदेश में अब बड़े स्तर पर यह कार्य धरातल पर आ गया है. लाखों किसान पूरे राज्य में मत्स्य से जुड़कर रोजी रोटी चला रहे हैं. इन्हीं सब के चलते कभी दूसरे राज्यों पर निर्भर बिहार अब मत्स्य पालन में आत्म निर्भरता की ओर बढ़ चला है. राज्य के हर एक जिले में मत्स्य पालन का कार्य हो रहा है, उन्हीं जिलों में जहानाबाद भी शामिल है. यहां भी हजारों किसानों की रोजी रोटी मत्स्य पालन से जुड़ा हुआ है. खास बात यह है कि न सिर्फ इस व्यवसाय को व्यस्क लोग ही कर रहे हैं, बल्कि छोटे युवा भी अब इस क्षेत्र में आने लगे हैं.
जहानाबाद जिला मुख्यालय से 20 KM दूर बसा, एक गांव भारथू है. यहां के कम से कम 25 से 30 युवा मछली पालन से जुड़े हुए हैं और अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहे हैं. साथ ही आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहे हैं. इन्हीं युवाओं में से एक हैं सत्यम कुमार. सत्यम की उम्र महज 21 साल हो रही है. वो अभी पोस्ट ग्रैजुएशन की पढ़ाई कर रहे हैं. हालांकि, 4 साल पहले से मछली पालन के क्षेत्र में आए हुए हैं. अभी वो 12 बीघा तालाब में मछली पालन कर रहे हैं. मौजूदा समय में उनके पास 12 तालाब है. वो मानते हैं कि इस व्यवसाय को अपनाने से पहले उन्होंने इसकी बारीकी को सीखा और लगा कि यह क्षेत्र बेहतर मुनाफे का है तब अपनी यात्रा की शुरुआत की.
डेढ़ बीघा से 12 बीघा तक तालाब का सफर
सत्यम कुमार की यात्रा, मत्स्य पालन के क्षेत्र में 4 साल पहले शुरू हुई थी. हालांकि, वो यह सोचकर नहीं चले कि बहुत ही कम वक्त में इतनी बड़ी उपलब्धि की ओर चलेंगे. 2022 में उन्होंने डेढ़ बीघा तालाब से मछली पालन का व्यवसाय शुरू किया. पहले वर्ष में ही अच्छी कमाई हुई तो उन्होंने यह सोच लिया कि इस क्षेत्र में बेहतर मुनाफा कमाया जा सकता है. बहुत आगे तक सफर तय हो सकता है. इन्हीं सोच को लेकर आगे बढ़े और आज वो 4 साल की यात्रा में 12 बीघा में तालाब खुदवा चुके हैं और सभी तालाबों में मछली पाल रखे हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि वो बहुत कम उम्र के हैं, लेकिन इसके बाद भी वो अपनी पढ़ाई के साथ इस कार्य को अंजाम दे रहे हैं.
पिछले साल 2,300 क्विंटल मछली का उत्पादन
सत्यम कुमार ने Local 18 से कहा कि हमने 4 साल पहले जब इस क्षेत्र में कदम रखा था तो पिता जी ने कहा, बेटे नौकरी की तैयारी करो. पढ़ाई लिखाई करो, यह सब में क्या रखा है? हमने शुरू से मन में यह ठान रखा था और रुचि थी. सबसे बड़ी बात कि हमारे गांव में बहुत लोग पहले से यह कार्य कर रहे थे. यही कारण है कि हम भी प्रेरित हुए और 2022 में हमने इसकी शुरुआत कर दी. डेढ़ बीघा तालाब से शुरुआत की और मेहनत करता. बाद में पिता और बड़े भाई का भी सहयोग मिला. साथ ही सरकारी योजना का भी लाभ लिया, जिसके चलते आज हमने इसे 12 बीघा का तालाब विकसित कर लिया है. इससे हमें अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है. हमने एक साल में बारह बीघा तालाब से 2100 क्विंटल पंगास और 200 क्विंटल रेहू कतला का प्रोडक्शन किया है.