IPS Mohibullah Ansari Success Story: पिता की फटकार का गजब असर, स्कूल में फेल मोहिबुल्लाह अंसारी पहले पहुंचे IIT, फिर बने IPS

IPS Mohibullah Ansari Success Story: पिता की फटकार का गजब असर, स्कूल में फेल मोहिबुल्लाह अंसारी पहले पहुंचे IIT, फिर बने IPS


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IPS Mohibullah Ansari Success Story: स्कूल की प्री-बोर्ड परीक्षा में फेल होने वाले मोहिबुल्लाह अंसारी अब बिहार के मुजफ्फरपुर में सिटी एसपी हैं. आईआईटी दिल्ली से पढ़ाई और यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा क्रैक करने के बाद अब उन्हें अमेरिका के फ्लोरिडा में ‘द एशियन हीरो अवार्ड 2026’ से सम्मानित किया जाएगा.

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IPS Mohibullah Ansari Success Story: आईपीएस मोहिबुल्लाह अंसारी की कहानी बेहद इंस्पायरिंग है

नई दिल्ली (IPS Mohibullah Ansari). आईएएस-आईपीएस अफसरों की सक्सेस स्टोरी पढ़कर धारणा बनती है कि ये बचपन से ही पढ़ाई में होशियार रहे होंगे. लोग मानते हैं कि स्कूल के दिनों में फेल होने वाला छात्र आगे चलकर देश की सबसे कठिन परीक्षा पास नहीं कर सकता. बिहार के मुजफ्फरपुर में सिटी एसपी के तौर पर तैनात आईपीएस अधिकारी मोहिबुल्लाह अंसारी की कहानी कुछ ऐसी ही है. उन्होंने साबित कर दिया कि शुरुआती असफलताएं इंसान की मंजिल तय नहीं करतीं.

10वीं-12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षा में फेल होने वाले मोहिबुल्लाह अंसारी की जिंदगी उनके पिता के तानों से पलटी. आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग और फिर कॉर्पोरेट की शानदार नौकरी छोड़कर खाकी पहनने वाले इस जांबाज अफसर के काम की गूंज अब सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि सात समंदर पार अमेरिका तक सुनाई दे रही है. उन्हें जल्द ही यूएसए में प्रतिष्ठित ‘द एशियन हीरो अवार्ड 2026’ से सम्मानित किया जाने वाला है. पढ़िए आईपीएस मोहिबुल्लाह अंसारी की सक्सेस स्टोरी.

स्कूल में फेल, आईआईटी दिल्ली से बीटेक

बिहार के सिवान जिले के मोहिबुल्लाह अंसारी का शुरुआती स्कूली सफर संघर्षों भरा रहा. 10वीं और 12वीं के प्री-बोर्ड एग्जाम में वह फेल हो गए थे. इस नाकामी के बाद पिता ने उन्हें ताना मारा कि IIT जाने का सपना देखते हो, लेकिन पास तक नहीं हो पा रहे. यह बात उनके दिल पर लग गई. पिता की डांट को उन्होंने चुनौती के रूप में लेकर अपनी कमियों पर काम किया. कठोर मेहनत के दम पर उन्होंने न सिर्फ स्कूली पढ़ाई पूरी की, बल्कि JEE पास कर 2011 में IIT दिल्ली के केमिकल इंजीनियरिंग कोर्स में दाखिला भी लिया.

कॉर्पोरेट की मोटी नौकरी छोड़कर पकड़ी सिविल सेवा की राह

आईआईटी दिल्ली से बीटेक करने के बाद मोहिबुल्लाह ने एक आईटी कंपनी में नौकरी शुरू की. लेकिन उनका मन कॉर्पोरेट की चकाचौंध में नहीं लगा. वे देश और समाज के लिए कुछ बड़ा करना चाहते थे. इसलिए उन्होंने नौकरी को अलविदा कहकर यूपीएससी की तैयारी का फैसला किया. साल 2015 में दिल्ली का रुख करने वाले मोहिबुल्लाह अंसारी को शुरुआत में कुछ असफलताओं का सामना करना पड़ा. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. आखिरकार, यूपीएससी सीएसई के तीसरे प्रयास में सफल होकर वह आईपीएस अफसर बने.

अब अमेरिका में मिलेगा ‘द एशियन हीरो अवॉर्ड 2026’

वर्तमान में मुजफ्फरपुर में सिटी एसपी के रूप में सेवाएं दे रहे आईपीएस मोहिबुल्लाह अंसारी को उनकी शानदार पुलिसिंग, बेदाग छवि, ईमानदारी और समाज कल्याण में योगदान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा रहा है. अमेरिका के फ्लोरिडा के टाम्पा में 13 दिसंबर 2026 को होने वाले 7वें वर्ल्ड फेयर एंड फेस्टिवल के दौरान उन्हें ‘द एशियन हीरो अवार्ड 2026’ से नवाजा जाएगा. यह सम्मान ‘एसोसिएशन ऑफ वर्ल्ड फेयर एंड फेस्ट यूएसए इंक’ की तरफ से दिया जा रहा है.

असफलता से न डरने का संदेश देती है यह कहानी

मोहिबुल्लाह अंसारी की सक्सेज स्टोरी आज के दौर के उन तमाम युवाओं के लिए किसी टॉनिक से कम नहीं है जो छोटी-मोटी असफलताओं से घबरा जाते हैं. उनकी यात्रा बताती है कि अगर इरादे मजबूत हैं और आप अपनी गलतियों से सीखकर लगातार आगे बढ़ने का जज्बा रखते हैं तो कोई भी रुकावट आपको रोक नहीं सकती. प्री-बोर्ड परीक्षा में फेल होने से लेकर अमेरिका तक पहुंचने का सफर सिखाता है कि सफलता वक्त और मेहनत की मांग करती है. जो लोग इस कसौटी पर खरे उतरते हैं, इतिहास उन्हीं का बनता है.



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