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Healthy Lifestyle Longevity Tips: अगर आप लंबी आयु चाहते हैं तो डॉ.अनुराग श्रीवास्तव की सलाह माने. डॉक्टर के अनुसार 100 साल जीने के लिए शाम 6 बजे के बाद खाना बंद करें. रात 9 बजे तक सोएं. ब्रह्म मुहूर्त में जागें, सात्विक भोजन करें और तनाव से बचें. तनाव डीएनए को नुकसान पहुंचाकर कैंसर का कारण बन सकता है. जानिए इनसे हेल्थ टिप्स.
नई दिल्ली: 100 साल जीने की इच्छा हर किसी की होती है. आज से करीब 50 साल पीछे हम लोग चले जाएं तो लोगों की उम्र 100 साल या उससे भी ज्यादा हुआ करती थी. लेकिन तेजी से बदल रहे खान-पान और लोगों की दिनचर्या की वजह से अब लोग 40 साल की उम्र में ही तमाम बीमारियों का शिकार होने लगे हैं. कैंसर लोगों की उम्र को कम करने में सबसे बड़ी भूमिका निभा रहा है. हालांकि अगर आपने अभी से ही अपने रूटीन में बदलाव कर लिए तो आप 100 साल की उम्र के पड़ाव तक पहुंच सकते हैं. कैसे जिया जाए 100 साल तक यही जानने के लिए देश के जाने-माने मेरठ के सुभारती इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर मैनेजमेंट एंड रिसर्च के निदेशक डॉ. अनुराग श्रीवास्तव से खास बातचीत की गई तो उन्होंने कई टिप्स बताए. आपको बता दें कि डॉक्टर अनुराग श्रीवास्तव मेडिवेज हेल्थ फाउंडेशन की ओर से द लीला पैलेस में नारी शक्ति 3.0 के तीसरे संस्करण का शुभारंभ कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे. इसी दौरान उन्होंने खास इंटरव्यू दिया.
शाम 6:00 के बाद बंद कर दें खाना
डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि अगर आप 100 साल तक जीना चाहते हैं और चाहते हैं कि आपके शरीर में किसी भी बीमारी का जन्म ना हो तो कोशिश करें शाम 6:00 के बाद कुछ भी ना खाएं. रात का खाना आप शाम 6:00 बजे तक खा लें. उसके बाद पानी आप पी सकते हैं. जूस ले सकते हैं, लेकिन दाल, चावल और रोटी सब्जी रात में खाना बंद कर दें. रात में 9:00 बजे तक सो जाएं और सुबह ब्रह्म मुहूर्त में जागे. यानी सूर्योदय के पहले आप जाग जाएं और एक्सरसाइज करें. पढ़ने लिखने के लिए भी ब्रह्म मुहूर्त का वक्त सबसे अच्छा माना जाता है. इसके अलावा सात्विक खाना खाएं जिसमें प्याज लहसुन बहुत ज्यादा तेल या मसाले ना हों. इसके अलावा अपने विचारों को भी अच्छा रखें.
तनाव से भी हो रहा है कैंसर
डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने सबसे महत्वपूर्ण बात करते हुए यह बताया कि आजकल कैंसर बढ़ने का एक कारण तनाव भी है, क्योंकि जब लोग ज्यादा तनाव लेते हैं तो डीएनए रिपेयर मेकैनिज्म डैमेज हो जाता है. इसके बाद डीएनए सही से बन नहीं पाते हैं और यह भी एक कैंसर होने का कारण है. तनाव की वजह से ही डीएनए प्रभावित होता है और डीएनए डैमेज होता है जिस वजह से डीएनए रिपेयर मेकैनिज्म कम हो जाता है और लोग कैंसर का शिकार हो जाते हैं. इसलिए कोशिश करें अपने विचारों को अच्छा रखें. तनाव न लें और कोशिश करें की अपना वजन नियंत्रित रखें. जब आप अपना वजन नियंत्रित रखेंगे तो आपको डायबिटीज नहीं होगी और ब्रेस्ट कैंसर का खतरा भी कम हो जाएगा क्योंकि आजकल सबसे ज्यादा महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर पाया जा रहा है.
लाल मांस खाना कर दें बंद
मशहूर डॉक्टर डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने यह भी बताया कि लोग रेड मीट खाते हैं. यानी लाल मांस रेड मीट रोस्टेड के तौर पर बहुत ज्यादा इस्तेमाल किया जा रहा है जोकि कैंसर का एक बड़ा कारण है. रेड मीट अगर आप भी खाते हैं तो उसे तत्काल प्रभाव से बंद कर दें क्योंकि लाल मांस सेहत के लिए किसी जहर से कम नहीं है. और तो और जंक फूड और फास्ट फूड सब कुछ कम कर दें. नहीं तो आपको 40 साल की उम्र तक पहुंचने में तमाम बीमारियां हो जाएगी. पानी ज्यादा से ज्यादा पीना शुरू कर दें. अगर आपने इतना कर लिया तो यकीन मानिए आप 100 साल नहीं उससे भी ज्यादा जी सकते हैं.