Chhattisgarh Flood: घर में सामान छोड़ जान बचाकर भाग रहे लोग! छत्तीसगढ़ में बाढ़ का तांडव, उफान पर नदी-नाले, पुल-सड़कें डूबी

Chhattisgarh Flood: घर में सामान छोड़ जान बचाकर भाग रहे लोग! छत्तीसगढ़ में बाढ़ का तांडव, उफान पर नदी-नाले, पुल-सड़कें डूबी


रायपुर. इस बार का मानसून जाते-जाते भी जमकर बरस रहा है. छत्तीसगढ़ के कई जिलों में लगातार हो बारिश से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. प्रदेश की नदियां-नाले उफान पर हैं. निचले इलाकों में आई बाढ़ ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. कई जगहों पर सड़कों और पुल-पुलियाओं पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हो रहा है. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है.

राज्य की राजधानी रायपुर सहित, कांकेर, महासमुंद, दंतेवाड़ा, जगदलपुर, धमतरी और गरियाबंद सहित जिलों में बाढ़ से हालात भयावह बने हुए हैं. प्रशासन भी जलभराव और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है. लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की गई है.

रायपुर में डूबा महादेव घाट का मुख्य ब्रिज
राजधानी रायपुर में खारून नदी उफान पर है इस वजह से आसपास के इलाके बाढ़ की चपेट में हैं. कई क्षेत्र डूबने की कगार पर है. घर में पानी भर रहा है, लोग बेघर हो रहे हैं. स्थिति को देखते हुए पूर्व विधायक विकास उपाध्याय बाढ़ स्थल पर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कहा कि कई जगह बाढ़ आ गई है. सरकारी व्यवस्था फेल हो गई है. कई सालों बाद इतना पानी आया है लेकिन इसने व्यवस्था की पोल खोल दी है. राजधानी को दुर्ग से जोड़ने वाले महादेव घाट का मुख्य ब्रिज भी डूब गया है. ब्रिज डूबने से आवागमन बंद है, राजधानी से अमलेश्वर समेत सैकड़ों गांवों की कनेक्टिविटी टूटी गई है. लोगों ने बताया कि करीब 10 साल बाद ये स्थिति बनी कि पूरा ब्रिज डूब गया है. बाढ़ की वजह से महादेव घाट का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. प्रशासन ने बैरिकेड लगा दिया है और लोगों से पानी के बढ़ते दबाव को देखते हुए दूर रहने की अपील की है.

दुधावा जलाशय छोड़ा गया पानी
कांकेर जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच दुधावा जलाशय का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. जलाशय 97.78 प्रतिशत भर चुका है. जलाशय में पानी की आवक 28,706 क्यूसेक दर्ज की गई है, जबकि बांध के चार गेटों से 16,762 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है.

वहीं, महासमुंद में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. बारिश के चलते महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. वहीं कई नदी-नाले उफान पर हैं. महानदी किनारे बसे करीब तीन दर्जन गांवों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है. बम्हनी में शासकीय शराब भट्टी पानी से घिर गई, जहां दो सुरक्षाकर्मी फंस गए. दोनों ने वीडियो बनाकर अपनी स्थिति की जानकारी दी. सूचना मिलने के बाद नगर सेना की टीम मौके पर पहुंची और दोनों सुरक्षाकर्मियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. लगातार बारिश के चलते प्रशासन प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए है.

दंतेवाड़ा और जगदलपुर के हालात
दंतेवाड़ा में लगातार हो रही बारिश के बीच इंद्रावती नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ गया है. नदी का पानी बढ़ने से बारसूर स्थित CRPF की 195 बटालियन के हेड क्वार्टर में बाढ़ का पानी घुस गया. कैंप के चारों ओर पानी भर गया, जिससे जवानों के सामने मुश्किल स्थिति पैदा हो गई. जवानों की सूझबूझ से कैंप में मौजूद सभी जवानों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. घटना की सूचना के बाद SDRF की टीम भी मौके पर तैनात की गई है. लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा बल अलर्ट है.

जगदलपुर जिले में भी बाढ़ का कहर दिखाई दे रहा है. जगदलपुर शहर के सबसे प्राचीनतम महादेव घाट का शिव मंदिर भी बाढ़ की चपेट में आ गया है. मंदिर की सीढ़ी से लेकर पूरा मार्ग जलमग्न हो गया है. आसपास के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है. घर में पानी आ जाने से सभी लोग अपनी जान बचाने के लिए सामान छोड़कर घरों से निकल रहे हैं. बाढ़ के डर से पूरी रात लोग जाग रहे हैं..



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