15 की उम्र, गजब की बैट स्पीड… वैभव सूर्यवंशी पर फिदा हुए योगराज सिंह
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Vaibhav Sooryavanshi looks like Yuvraj Singh: पूर्व क्रिकेटर योगराज सिंह ने वैभव सूर्यवंशी की तुलना युवराज सिंह से की है. योगराज ने कहा कि दोनों का टैलेंट एक जैसा है और ऐसे खिलाड़ी सदी में एक बार ही मिलते हैं. वैभव की अद्भुत बैट स्पीड और शॉर्ट बैकलिफ्ट उन्हें खास बनाती है. रोज 1000 से 1500 गेंदें खेलने का अभ्यास दोनों में समान है. योगराज के मुताबिक वैभव को खेलते देखना क्रीज पर युवराज को ही देखने जैसा है.
वैभव सूर्यवंशी में योगराज सिंह को युवराज सिंह का अक्स दिखता है. (PHOTO-PTI)
नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट के इतिहास में ऐसे खिलाड़ी कम ही देखने को मिलते हैं जो महज 15 साल की उम्र में पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लें. हाल में अपने विस्फोटक प्रदर्शन से सनसनी मचाने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर हर तरफ चर्चा है. इस बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर और युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने वैभव सूर्यवंशी की तुलना 15 साल की उम्र के युवराज सिंह से की है. योगराज सिंह ने दोनों खिलाड़ियों की प्रतिभा, बैट स्पीड, तकनीक और उनकी कड़ी मेहनत पर खुलकर बात की.
योगराज सिंह (Yograj Singh) से वायरल वीडियो में जब जब पूछा गया कि क्या 15 साल की उम्र में युवराज सिंह (Yuvraj Singh) भी वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) जितने टैलेंटेड थे, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मेरे ख्याल में दोनों ही एक जैसे थे. योगराज के अनुसार ऐसे खिलाड़ी बार-बार पैदा नहीं होते. उनका मानना है कि दोनों ही ऐसे खिलाड़ी हैं जो पूरी लाइफटाइम यानी एक पीढ़ी में केवल एक बार नजर आते हैं. हर इंसान इस तरह का टैलेंट लेकर पैदा नहीं हो सकता. योगराज सिंह ने यह भी कहा कि वैभव जिस उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट खेल रहे हैं और जैसा प्रदर्शन कर रहे हैं, उससे वह उनके फेवरेट बन गए हैं. उन्हें पूरा भरोसा है कि वैभव भारत के लिए बहुत लंबे समय तक खेलेंगे.
अद्भुत बैट स्पीड और बैकलिफ्ट का अंतर
वैभव सूर्यवंशी के खेल का विश्लेषण करते हुए योगराज सिंह ने उनकी बैट स्पीड की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि वैभव का बल्ला इतनी तेजी से घूमता है कि लगता ही नहीं कि वह 15 साल के हैं. उन्हें देखकर ऐसा अहसास होता है मानो वह बहुत सालों से क्रिकेट की प्रैक्टिस कर रहे हों. योगराज सिंह ने ईमानदारी से स्वीकार किया कि 15 साल की उम्र में युवराज सिंह की बैट स्पीड शायद वैसी नहीं थी, जैसी आज वैभव सूर्यवंशी की है. वैभव की बैट स्पीड बेहद अद्भुत है. हालांकि दोनों की बल्लेबाजी की तकनीक में एक बड़ा अंतर बैकलिफ्ट का है. वैभव सूर्यवंशी बहुत शॉर्ट (छोटी) बैकलिफ्ट के साथ खेलते हैं, जिससे उन्हें तेजी से शॉट खेलने में मदद मिलती है. वहीं दूसरी तरफ युवराज सिंह लंबी (हाई) बैकलिफ्ट के साथ खेला करते थे, जो उनका सिग्नेचर स्टाइल था.
रोजाना 1000 से 1500 गेंदों का कड़ा अभ्यास
इतनी छोटी उम्र में इस स्तर की बल्लेबाजी के पीछे दोनों ही खिलाड़ियों का कड़ा परिश्रम रहा है. वैभव के अभ्यास का जिक्र करते हुए योगराज ने बताया कि उन्होंने वैभव के कोच से सुना है कि यह युवा खिलाड़ी रोजाना 1000 गेंदें खेलता है. इस बात ने योगराज सिंह को युवराज सिंह के बचपन के दिनों की याद दिला दी. उन्होंने बताया कि जब वह युवी को तैयार कर रहे थे, तब युवी भी रोज 1000 से 1500 गेंदें खेला करता था. घर के अंदर हो या बाहर, उसका अभ्यास कभी नहीं रुकता था. यही वजह है कि इतनी कम उम्र में दोनों के शॉट्स में वो टाइमिंग और पॉवर देखने को मिलती है.
युवराज सिंह, अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी
योगराज सिंह ने अभिषेक शर्मा का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि युवराज के बाद अगर उन्हें कोई खिलाड़ी युवी की शैली के करीब लगा, तो वह अभिषेक शर्मा हैं. जब वह अभिषेक को खेलते देखते हैं तो लगता है कि वह युवराज के स्टाइल के काफी नजदीक खेल रहे हैं. लेकिन वैभव सूर्यवंशी को लेकर योगराज सिंह का नजरिया और भी खास रहा. उन्होंने कहा कि अगर मैं पूरी ईमानदारी से कहूं, तो जब मैं वैभव सूर्यवंशी को मैदान पर खेलता देखता हूं, तो मुझे लगता है कि खुद युवराज सिंह ही क्रीज पर बल्लेबाजी कर रहा है. योगराज सिंह की बातें यह साफ करती हैं कि वैभव सूर्यवंशी की अद्भुत बैट स्पीड, शॉर्ट बैकलिफ्ट की तकनीक और रोजाना 1000 गेंदों का अभ्यास उन्हें भारतीय क्रिकेट के एक बहुत बड़े सितारे के रूप में स्थापित करने जा रहा है.