Uttarakhand Weather Today: उत्तराखंड के पहाड़ों पर मौसम ने अचानक करवट ले ली है. पिछले 12 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और ऊपरी इलाकों में शुरू हुई बर्फबारी से पूरे प्रदेश में ठंड बढ़ गई है. एक तरफ जहां बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब जैसी ऊंची चोटियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गई हैं, वहीं मैदानी और घाटी वाले इलाकों में भारी बारिश आफत बनकर बरस रही है. बारिश के कारण कई प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर मलबा और बोल्डर गिरने से रास्ते बंद हो गए हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है.
हेमकुंड और बदरीनाथ में बर्फबारी, यात्रा मार्ग पर SDRF मुस्तैद
चमोली जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में कड़ाके की ठंड के बीच जमकर बर्फबारी हो रही है. बदरीनाथ धाम की चोटियों समेत हेमकुंड साहिब में भारी हिमपात दर्ज किया गया है. लगातार बर्फ गिरने की वजह से हेमकुंड साहिब के पैदल ट्रैक पर फिसलन काफी बढ़ गई है, जिससे तीर्थयात्रियों के लिए सफर बेहद जोखिम भरा हो गया है. हालात को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा बढ़ा दी है. मार्ग पर एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस बल को तैनात किया गया है.
नैनीताल-अल्मोड़ा में मूसलाधार बारिश, स्कूल बंद
मौसम विभाग के अलर्ट के बाद नैनीताल और आसपास के इलाकों में देर रात से ही भारी बारिश हो रही है. तापमान में आई भारी गिरावट से सिहरन बढ़ गई है. तेज बारिश के चलते नैनीताल-हल्द्वानी और अल्मोड़ा-हल्द्वानी मार्ग पर जगह-जगह पहाड़ियों से भारी भरकम बोल्डर और मलबा सड़क पर आ गिरा है, जिससे गाड़ियों की रफ्तार थम गई है. खतरे को देखते हुए नैनीताल और अल्मोड़ा जिले में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एहतियातन छुट्टी घोषित कर दी गई है. अल्मोड़ा के डीएम ने सभी सरकारी महकमों को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं. वहीं, अल्मोड़ा-बागेश्वर हाईवे पर कालीमठ के पास गिरा एक भारी पेड़ फायर ब्रिगेड ने काटकर हटा दिया है, जिसके बाद वहां यातायात सुचारु हो सका.
चीन सीमा पर भारी हिमपात, टनकपुर-पिथौरागढ़ ऑलवेदर रोड बंद
पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्रों में मौसम का सबसे कड़ा रूप देखने को मिल रहा है. चीन सीमा से सटे नाभीढ़ाग और गुंजी इलाके पूरी तरह बर्फ से पट गए हैं. सीमा पार चीन के तकलाकोट इलाके में भी जबर्दस्त बर्फबारी हो रही है. इधर, भारी बारिश के चलते पिथौरागढ़ की लाइफलाइन कही जाने वाली ‘टनकपुर-पिथौरागढ़ ऑलवेदर रोड’ बीते दिन से ठप पड़ी है. घाट के पास पहाड़ी से लगातार पत्थरों की बारिश हो रही है, जिससे सीमा को जोड़ने वाले इस इकलौते हाईवे पर सैकड़ों यात्री फंसे हैं. एडीएम योगेंद्र सिंह ने एनएच अधिकारियों के साथ मौके का जायजा लिया. हाईवे अथॉरिटी का कहना है कि जब तक पहाड़ी से बोल्डर गिरना बंद नहीं होते, तब तक सड़क खोलना मुमकिन नहीं होगा.
उत्तरकाशी, गंगोत्री-यमुनोत्री में बढ़ी ठिठुरन
उत्तरकाशी जिले में शनिवार सुबह से हल्की और रुक-रुक कर बारिश का दौर बना हुआ है. इसके असर से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में कड़ाके की ठंड पड़ रही है और दर्शन को पहुंचे तीर्थयात्रियों को कंपकंपी का सामना करना पड़ रहा है. मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, अगले तीन दिनों तक उत्तरकाशी समेत आसपास के इलाकों में मौसम ऐसा ही सर्द बना रहेगा और तापमान में और भी गिरावट दर्ज होगी.
बागेश्वर, चंपावत और खटीमा में भारी बारिश का अलर्ट
कुमाऊं और गढ़वाल के मैदानी व तराई वाले हिस्सों में भी पानी का कहर जारी है. बीते 24 घंटे में उधम सिंह नगर के खटीमा में 95 एमएम और पिथौरागढ़ में करीब 65 एमएम बारिश दर्ज की गई है. बागेश्वर जिले में भी देर रात से जारी झमाझम बारिश के बाद ठिठुरन बढ़ गई है और स्थानीय लोग गर्म कपड़ों में नजर आने लगे हैं. चंपावत, देहरादून और गढ़वाल के कई हिस्सों में बारिश की झड़ी लगी है. मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.
बदहाल धरमघर-लाथी मार्ग से ग्रामीण परेशान
एक तरफ जहां कुदरत का पहरा है, वहीं दूसरी तरफ खराब सड़कों ने लोगों की मुश्किलें दोगुनी कर दी हैं. क्षेत्र का धरमघर-चूचेर-माजखेत-लाथी मोटर मार्ग लंबे समय से बदहाली का शिकार है. बरसात के दौरान यह रास्ता जगह-जगह बंद रहा, जिससे गांवों का संपर्क टूटता रहा. सड़क पर बने गहरे गड्ढों और मलबे से राहगीरों व वाहन चालकों की जान सांसत में है. स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि अन्य मुख्य मार्गों पर मशीनें लगाकर सफाई की जा रही है, लेकिन इस ग्रामीण मार्ग की लगातार अनदेखी हो रही है.