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Supaul News: सुपौल में एक डाटा एंट्री ऑपरेटर नौकरी से हाथ धो बैठा. जरा से लालच में उसने खुद के साथ परिवार की भी मुश्किलें बढ़ा लीं. सरकारी काम के बदले 15 हजार रुपये रिश्वत मांगना उसे भारी पड़ गया. शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने जाल बिछाया और जैसे ही उसने रिश्वत की रकम हाथ में ली, टीम ने उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया. मामला सुपौल जिला परिवहन कार्यालय का है, जहां पटना से पहुंची विजिलेंस की नौ सदस्यीय टीम ने गुरुवार को यह कार्रवाई की.
सुपौल में कंप्यूटर ऑपरेटर रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया.
सुपौलः बिहार के सुपौल जिला परिवहन कार्यालय (RTO) में रिश्वतखोरी के खिलाफ विजिलेंस ने बड़ी कार्रवाई की है. सरकारी काम कराने के नाम पर 15 हजार रुपये रिश्वत लेते डाटा एंट्री ऑपरेटर नंदलाल कुमार को विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (VIB), पटना की टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया. कार्रवाई गुरुवार को जिला परिवहन कार्यालय परिसर में हुई. अचानक हुई विजिलेंस की कार्रवाई से कार्यालय में हड़कंप मच गया.
मामला ललितग्राम थाना क्षेत्र के मधुबनी निवासी अजहर अली की शिकायत से जुड़ा है. अजहर अली ने आरोप लगाया था कि सरकारी काम कराने के बदले उनसे 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही है. शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने पहले आरोपों का सत्यापन कराया. जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद आरोपी को पकड़ने की योजना बनाई गई.
15 हजार लेते ही विजिलेंस ने दबोचा
गुरुवार को पटना से नौ सदस्यीय विजिलेंस टीम सुपौल जिला परिवहन कार्यालय पहुंची. टीम ने पहले से तय योजना के तहत कार्रवाई की. जैसे ही डाटा ऑपरेटर नंदलाल कुमार ने 15 हजार रुपये की रिश्वत ली, विजिलेंस अधिकारियों ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया. कार्रवाई के बाद विजिलेंस टीम आरोपी को अपने साथ ले गई. उसके खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. मामले में रिश्वत की रकम की बरामदगी और अन्य जरूरी साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है.
शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
विजिलेंस के डीएसपी विद्याचल प्रसाद ने बताया कि अजहर अली की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है. शिकायत का सत्यापन कराया गया था. आरोप सही पाए जाने के बाद ट्रैप की कार्रवाई की गई और डाटा ऑपरेटर को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया. जिला परिवहन कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण सरकारी दफ्तर में हुई इस कार्रवाई के बाद विभाग में भी हड़कंप है. विजिलेंस टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि रिश्वत मांगने और लेने के मामले में आरोपी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं. फिलहाल गिरफ्तार डाटा ऑपरेटर से पूछताछ की जा रही है. विजिलेंस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई के बाद इस मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है.