SIR विवाद पर सियासी घमासान, राहुल गांधी के बयान पर गजेंद्र पटेल का पलटवार

SIR विवाद पर सियासी घमासान, राहुल गांधी के बयान पर गजेंद्र पटेल का पलटवार


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सांसद गजेंद्र सिंह पटेल वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर सामूहिक वंदे मातरम कार्यक्रम में शामिल होने खरगोन पहुंचे. इस दौरान उन्होंने वंदे मातरम को लेकर बयान दिया. साथ ही राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा. राहुल ने केंद्रीय चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. गजेंद्र ने कहा कि राहुल और कांग्रेस देश की दुर्गति कर रहे हैं.

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खरगोन के सांसद गजेंद्र सिंह पटेल का राहुल गांधी पर बयान.

खरगोन. केंद्रीय चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार विवादों में घिर गए हैं. SIR को लेकर उनपर गंभीर आरोप लग रहे हैं. राहुल गांधी समेत कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल ज्ञानेश कुमार को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साध रही है. राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है. इस पर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री गजेन्द्र सिंह पटेल ने राहुल गांधी के बयान पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा, “राहुल गांधी आज देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर बेबुनियाद आरोप लगाकर भ्रम पैदा कर रहे हैं.”

गजेंद्र सिंह पटेल ने राहुल गांधी पर कई और मुद्दों को लेकर भी घेरा. उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में दतिया के उप चुनाव में कांग्रेस जीती लेकिन वहां EVM पर सवाल क्यों नहीं उठाया? धारा 356 और तीन तालाक पर भी विपक्ष लामबंद हुआ था. देश में कांग्रेस की दुर्गति हो रही है और राहुल गांधी देश को बांटने काकाम कर रहे है. 2014 से ही कांग्रेस विकास के कार्यों का विरोध करते आई है.

गजेंद्र सिंह पटेल ने कहा, “आप लम्बे समय से देख रहे हैं 2014 से, कांग्रेस को इस देश के तमाम प्रकार के निर्णय का विरोध करती आ रही है. कभी निर्वाचन होते हैं, चुनाव होते हैं तो कभी वो ईवीएम मशीन पर आरोप लगाते हैं. जब इनकी सरकारें बनती हैं तब वो बोलते नहीं हैं. आज देश के 70% हिस्सों पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, तीन प्रदेशों में उनकी भी गठबंधन की सरकार है, वहां पर कभी प्रश्न नहीं उठाते. अभी दतिया का उपचुनाव हुआ, दतिया के उपचुनाव में कांग्रेस के विधायक भी जीते, वहां उन्होंने आरोप नहीं लगाया.”

गजेंद्र सिंह पटेल ने आगे कहा, “ऐसे तमाम उदाहरण हैं कि जहां पर उनको लगता है कि यहां पर बीजेपी जीती है तो आरोप ईवीएम मशीन पर लगाना. आज निर्वाचन आयोग के अधिकारी पर इस्तीफे की बात करना, तमाम प्रकार के भ्रम पैदा करने का काम राहुल गांधी कर रहे हैं. मुझे लगता है कि कांग्रेस की पार्टी पहले बहुत वरिष्ठों के हाथ में हुआ करती थी, एक संस्कारित पार्टी के रूप में पहचानी जाती थी. देश के कई तमाम तरह के वरिष्ठ लोगों ने आजादी के आंदोलन में भाग भी लिया. और आज देखने में आ रहा है कि कांग्रेस जिस व्यक्ति के हाथ में है, कहीं न कहीं इस देश में उनकी दुर्गति भी हो रही है और इस तरह का वो भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं जहां पर देश बटने की स्थिति बन रही है. ऐसे तमाम प्रकार के विषय राहुल गांधी के द्वारा किये जा रहे हैं.”

गजेंद्र सिंह ने वंदे मातरम विवाद पर कांग्रेस को घेरा, “कांग्रेस पार्टी शुरू से ही वन्दे मातरम का विरोध करते आई है. मैं इस बात को बड़े प्रामाणिकता के साथ कह सकता हूं कि जब स्वर्गीय रविंद्रनाथ टैगोर जी के द्वारा ये वन्दे मातरम प्रारंभ किया गया था, तो कांग्रेस का ही अधिवेशन था और पूरा वन्दे मातरम गान वहां पर गाया गया. 30-40 साल बाद 1937 में जब कांग्रेस का वापस अधिवेशन हुआ, तब कांग्रेस के ही लोगों ने ऊपरी छंद को स्वीकृत करते हुए बाकी के छंदों को काट दिया गया. तब से लेकर देश में सिर्फ दो छंद का ही वाचन किया जा रहा है, ये कांग्रेस की ही देन है.”



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