Lieutenant Kushvi Purohit Success Story: जिस कुशवी पुरोहित (Kushvi Purohit) पर कभी NCC की वर्दी जचती थी, आज उसी के कंधे पर भारतीय सेना के सितारे चमक रहे हैं. अहमदाबाद की पूर्व NCC कैडेट कुशवी पुरोहित ने अनुशासन और मेहनत के दम पर एक बड़ा मुकाम हासिल किया है. उन्होंने ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA), गया की कठिन मिलिट्री ट्रेनिंग पूरी करने के बाद 5 सितंबर 2026 को भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन हासिल किया. खास बात यह है कि उनका यह सफर NCC के परेड ग्राउंड से शुरू हुआ और अब वह सेना के Corps of Electronics and Mechanical Engineers (EME) में देश की सेवा करेंगी.
अहमदाबाद की NCC यूनिट से शुरू हुआ सफर
दरअसल, कुशवी पुरोहित का सेना तक पहुंचने का सफर NCC से शुरू हुआ. वह अहमदाबाद की 2 Gujarat Air Squadron NCC की कैडेट रह चुकी हैं. NCC में रहते हुए उन्होंने परेड, अनुशासन और टीमवर्क जैसी चीजों को करीब से सीखा. यही अनुभव आगे चलकर उनके मिलिट्री करियर की नींव बना.
याद रखें कि NCC केवल परेड और कैंप तक सीमित नहीं है. यहां कैडेट्स को अनुशासन के साथ लीडरशिप, जिम्मेदारी और टीम के साथ काम करने की ट्रेनिंग भी दी जाती है. कुशवी के मामले में भी NCC का यह अनुभव आगे की यात्रा में काम आया.
OTA गया में पूरी की कड़ी मिलिट्री ट्रेनिंग
NCC के बाद कुशवी ने भारतीय सेना में अधिकारी बनने की दिशा में कदम बढ़ाया. इसके लिए उन्होंने ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA), गया में मिलिट्री ट्रेनिंग ली. OTA में कैडेट्स को शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ सैन्य अनुशासन, लीडरशिप और अलग-अलग परिस्थितियों में कठिन फैसले लेने की ट्रेनिंग दी जाती है.
वहीं, कठिन ट्रेनिंग को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद कुशवी को भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन मिला. 5 सितंबर 2026 को उनकी कमीशनिंग हुई और इसके साथ ही NCC कैडेट से भारतीय सेना की अधिकारी बनने का उनका सफर पूरा हुआ.
अब EME Corps में निभाएंगी जिम्मेदारी
लेफ्टिनेंट कुशवी पुरोहित को सेना के Corps of Electronics and Mechanical Engineers यानी EME Corps में शामिल किया गया है. यह सेना की टेक्निकल ब्रांच में से एक है और इसका काम सैन्य उपकरणों की तकनीकी जरूरतों को पूरा करना है.
EME Corps सेना के वाहनों, हथियारों और दूसरे महत्वपूर्ण उपकरणों की देखभाल, मरम्मत और तकनीकी सहायता से जुड़ा काम करता है. युद्ध या किसी भी सैन्य अभियान के दौरान उपकरणों की स्थिति ठीक रखना बेहद जरूरी होता है. ऐसे में EME Corps सेना की ऑपरेशनल तैयारी को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
NCC ने दी आगे बढ़ने की मजबूत नींव
कुशवी की कहानी में NCC की भूमिका खास है. अहमदाबाद में कैडेट के तौर पर बिताए समय के बाद उन्होंने उसी अनुशासन और नेतृत्व की भावना को सेना की ट्रेनिंग में आगे बढ़ाया. NCC डायरेक्टरेट गुजरात ने भी उनकी उपलब्धि पर खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी है.
एक NCC कैडेट से भारतीय सेना की कमीशंड ऑफिसर बनने तक का यह सफर उन युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है, जो आगे चलकर सेना में अधिकारी बनने का सपना देखते हैं. कुशवी पुरोहित अब लेफ्टिनेंट के रूप में अपने सैन्य करियर की शुरुआत कर रही हैं और EME Corps में तकनीकी जिम्मेदारियां संभालेंगी.