Mahadev Betting App Scam: क्या है ₹6000 करोड़ महादेव बेटिंग ऐप स्कैम? भारत में क्यों हुई बैन?

Mahadev Betting App Scam: क्या है ₹6000 करोड़ महादेव बेटिंग ऐप स्कैम? भारत में क्यों हुई बैन?


Mahadev Betting App Scam: महादेव बेटिंग ऐप घोटाले में सीबीआई को बड़ी सफलता मिली है. सीबीआई ने गुरुवार को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अभिषेक कुमार नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है. अभिषेक दुबई से हैदराबाद पहुंचा था. वह 6000 करोड़ रुपए के इस घोटाले के मुख्य आरोपियों में से एक माना जाता है. CBI के प्रवक्ता ने कहा, “जांच में पता चला है कि उसने बेटिंग पैनल को कोऑर्डिनेट करने, फंड इकट्ठा करने और गैर-कानूनी कामों से मिली कथित कमाई का इस्तेमाल करके दुबई में अचल संपत्ति खरीदने में अहम भूमिका निभाई थी.”

CBI ने अभिषेक कुमार की तलाशी के दौरान आपत्तिजनक सामान ज़ब्त किया गया. अधिकारियों ने कहा, “यह सामान पहली नज़र में महादेव बेटिंग ऐप के संचालन में उसकी भूमिका की ओर इशारा करता है और बताता है कि उसने मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर और शुभम सोनी के साथ मिलकर काम किया था.” अभिषेक को हैदराबाद की एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जिसने तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मंज़ूर की. बाद में उसे रायपुर की अदालत में पेश किया गया और दो दिन के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया.

प्रवक्ता ने कहा, “छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में दर्ज 13 FIR सौंपने के बाद महादेव बेटिंग ऐप का मामला CBI को ट्रांसफर कर दिया गया था. इसके बाद एजेंसी ने मामले अपने हाथ में ले लिए और अब तक 100 आरोपियों के ख़िलाफ़ 8 चार्जशीट दायर की हैं, जिनमें ऐप के मुख्य प्रमोटर, पैनल ऑपरेटर, हवाला ऑपरेटर और सरकारी कर्मचारी शामिल हैं.” अधिकारियों ने बताया कि फ़रार चल रहे अन्य आरोपियों का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है. महादेव बेटिंग ऐप के मुख्य प्रमोटरों को भी मुकदमे का सामना करने के लिए भारत वापस लाने की कोशिशें की जा रही हैं. करोड़ों का यहा घोटाला क्या है? इस घोटाले का खुलासा कैसे हुआ? इस मामले में क्या अपडेट है? इसके बारे में हम आपको विस्तार से बता रहे हैं.

भारत में बैन है महादेव बेटिंग ऐप

बात है नवंबर 2023 की. सरकार ने आईटी एक्ट 69ए के उल्लंघन करने के लिए महादेव बेटिंग ऐप को बैन कर दिया था. इस ऐप का मुख्य कार्यालय यानी हेडक्वार्टरन यूएई में था. इसके बावजूद यह काम करता रहा. महादेव ऐप को कई वेबसाइट्स के जरिए ऑपरेट करते थे. कांग्रेस की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी अप्रैल 2024 में बताया कि ऐप पर 3200 पैनल थे, जो बेटिंग करते थे.

महादेव बेटिंग ऐप कैसे करती थी काम

महादेव ऐप में सट्टेबाजों को एक नंबर दिया जाता था, जिसपर उन्हें पैसे लगाने के लिए कहा जाता था. यह पैसे क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस, फुटबॉल और पोकर समेत लाइव और ऑनलाइन गेम्स पर दांव लगाए जाते थे. रिपोर्ट के मुताबिक, IPL के दौरान क्रिकेट मैचों पर सट्टेबाजी के अलावा कुछ राज्यों के चुनावों के नतीजों और सीटों को लेकर भी कथित तौर पर दांव लगाए जा रहे थे.

बॉलीवुड के कई सेलेब्रिटी के नाम भी आए

साल 2023 और 2024 में कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज के नाम भी इस ऐप से जुड़े थे, जो जिन पर कथित तौर पर इस ऐप के जरिए सट्टा लगाने का आरोप था. रणबीर कपूर, श्रद्धा कपूर, तमन्ना भाटिा हो, जैकलीन फर्नांडिज, संजय दत्त, बादशाह और कपिल शर्मा जैसे सेलिब्रिटी के नाम थे. इन सबसे भी पूछताछ की गई. इस मामले में ईज माय ट्रिप के को-फाउंडर निशांत पिट्टी को भी आरोपी बनाया गया. इस मामले में उन्हें हाल में छठी बार समन भेजा गया.

कई जांच एजेंसियां कर रही इन्वेस्टिगेशन

महादेव ऑनलाइन बुक नेटवर्क की जांच पिछले कुछ वर्षों से ED, CBI और दूसरी जांच एजेंसियों के दायरे में है. ED ने आरोप लगाया है कि विदेश में बैठे प्रमोटर भारत में अलग-अलग पैनल के जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क चला रहे थे. एजेंसी ने 2023 में कहा था कि उसने इस मामले में 450 करोड़ रुपये से अधिक की अपराध से अर्जित संपत्ति जब्त की थी. अबतक इस मामले में 1800 करोड़ रुपए तक की संपत्ति जब्त हो चुकी है. जांच में सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल को प्रमुख आरोपी/प्रमोटर के तौर पर नामित किया गया है. जुलाई 2026 में सौरभ चंद्राकर को ओमान में हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई थी और भारतीय एजेंसियां उसे भारत लाने की प्रक्रिया में जुटी थीं. हाल में सीबीआई ने रायपुर की कोर्ट में ईज माय ट्रिप के को-फाउंडर के निशांत पिट्टी के खिलाफ छठी चार्जशीट दायर की.



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