Hurricane Polo Eyer : कभी तूफान की ‘आंख’ देखी है? हुरिकेन हंटर्स ने बवंडर के अंदर घुसा दिया हवाई जहाज, दिल दहला देंगी तस्वीरें

Hurricane Polo Eyer : कभी तूफान की ‘आंख’ देखी है? हुरिकेन हंटर्स ने बवंडर के अंदर घुसा दिया हवाई जहाज, दिल दहला देंगी तस्वीरें


260 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बहती तूफानी हवाएं, चारों तरफ घने-मटमैले बादलों का अंधेरा और इस भयंकर उथल-पुथल के बीच हवा में तैरता एक हवाई जहाज! ये किसी हॉलीवुड की थ्रिलर फिल्म का सीन नहीं, बल्कि अमेरिकी मौसम एजेंसी NOAA के वैज्ञानिकों द्वारा रिकॉर्ड किया गया बिल्कुल असली और रोंगटे खड़े कर देने वाला मंजर है. इसमें प्लेन सीधे तूफान के बिल्कुल बीचों-बीच यानी उसकी ‘आंख’ में जा घुसा. NOAA के जांबाज ‘हुरिकेन हंटर्स’ यानी तूफान का पीछा करने वाले वैज्ञानिक ने अपना विमान सीधे ‘कैटेगरी 5’ के इस महाविनाशकारी तूफान ‘पोलो’ के केंद्र में उड़ाया.

POLO तूफान के खौफनाक बादलों की दीवार और फिर अचानक नीला आसमान

NOAA के WP-3D ओरियन विमान ने 22 सितंबर को तूफान पोलो के भीतर अपनी ऐतिहासिक उड़ान भरी थी. सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे ये विमान पहले तो घने, मटमैले और भयानक सफेद बादलों की दीवार, जिसे आईवॉल कहते हैं, उसको चीरता हुआ आगे बढ़ता है. उस दौरान प्लेन में जबरदस्त झटके महसूस होते हैं और बाहर देखना लगभग नामुमकिन हो जाता है.

लेकिन जैसे ही विमान इस भयंकर दीवार को पार करके तूफान के बिल्कुल केंद्र यानी ‘आंख’ में दाखिल होता है, नजारा पूरी तरह बदल जाता है. अचानक एकदम शांति छा जाती है. ऊपर साफ नीला आसमान नजर आने लगता है और चारों तरफ बादलों की एक विशाल गोल दीवार दिखाई देती है. ऐसा लगता है मानो कोई बहुत बड़ा स्टेडियम बना हो, जिसकी छत खुली हो और दीवारें ऊंचे-ऊंचे बादलों से बनी हों. मौसम विज्ञान में इसे ‘स्टेडियम इफेक्ट’ कहा जाता है, जो केवल बेहद शक्तिशाली चक्रवातों में ही देखने को मिलता है.

आखिर तूफान के पेट में कैसे जाता है ये विशेष विमान?

कई लोगों के मन में ये सवाल उठता है कि जब आम यात्री विमान तूफान का नाम सुनते ही अपना रास्ता बदल लेते हैं, तो ये प्लेन तूफान के इतने करीब कैसे चला जाता है?

दरसअल, जिस विमान ने इस कारनामे को अंजाम दिया है, वो एक बेहद खास लॉकहीड WP-3D ओरियन एयरक्राफ्ट है. NOAA के पास ऐसे दो खास मौसम-विमान हैं, जिनमें से एक का नाम प्यार से ‘मिस पिग्गी’ रखा गया है. ये विमान आम जहाजों से अलग होता है और इसकी बनावट इतनी मजबूत होती है कि ये हवा के भयानक थपेड़ों और दबाव को आसानी से झेल सकता है.

ये विमान अंदर जाकर क्या करता है?

  • प्रत्यक्ष डेटा: सैटेलाइट्स तूफान को केवल ऊपर से देख सकते हैं, लेकिन ये विमान उसके अंदर जाकर हवा की असली रफ्तार, एयर प्रेशर, तापमान और नमी का सटीक हिसाब लगाता है.
  • ड्रॉपसॉन्डे तकनीक: इस प्लेन से तूफान के अंदर विशेष सेंसर्स गिराए जाते हैं, जिन्हें ‘ड्रॉपसॉन्डे’ कहा जाता है. ये छोटे-छोटे उपकरण पैराशूट के जरिए नीचे गिरते हुए हवा के हर मोड़ और दबाव को मापते हैं और सीधा डेटा प्लेन के सिस्टम को भेजते हैं.

इस सटीक डेटा को सुपरकंप्यूटर में डालकर ये अनुमान लगाया जाता है कि तूफान आगे कितना विनाशकारी हो सकता है.

‘कैटेगरी 5’ का दानव: कितना शक्तिशाली है तूफान पोलो?

‘हुरिकेन हंटर्स’ जब पोलो के अंदर उड़ान भर रहे थे, तब ये अपने सबसे रौद्र रूप में था. नेशनल हुरिकेन सेंटर के मुताबिक, 24 सितंबर तक तूफान पोलो ने ‘कैटेगरी 5’ का रूप धारण कर लिया था. इस दौरान इसके केंद्र में हवाओं की रफ्तार 260 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई थी. 260 किमी/घंटे की रफ्तार का मतलब है कि रास्ते में आने वाले बड़े-बड़े पेड़, कच्चे-पक्के मकान और गाड़ियां सब तिनके की तरह उड़ सकती हैं.

हालांकि, बाद में विमान की रिपोर्ट से पता चला कि हवा की रफ्तार थोड़ी घटकर 240 किमी/घंटा हुई. वैज्ञानिकों ने बताया कि इस दौरान तूफान के भीतर ‘आईवॉल रिप्लेसमेंट साइकिल’ चल रही थी. ये एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसमें तूफान की पुरानी भीतरी बादलों की दीवार टूटती है और बाहर एक नई दीवार बनने लगती है. इस दौरान तूफान की ताकत में थोड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है.

अंतरिक्ष से दिखा विशालकाय रूप

जमीन पर जहां तबाही की आहट थी और प्लेन तूफान के अंदर मंडरा रहा था, वहीं अंतरिक्ष से भी इस तूफान का नजारा अद्भुत दिखाई दे रहा था. अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर मौजूद नासा की अंतरिक्ष यात्री जैसिका मीर ने पृथ्वी से सैकड़ों किलोमीटर ऊपर से इस तूफान की अविश्वसनीय तस्वीरें अपने कैमरे में कैद कीं. आईएसएस की ‘कुपोला’ खिड़की से बाहर देखते हुए जैसिका ने बताया कि तूफान पोलो अंतरिक्ष से ‘बेहद विशाल’ और डरावना लग रहा है.

उन्होंने तूफान की उस साफ-सुथरी ‘आंख’ का क्लोज-अप शॉट भी साझा किया, जिसके चारों तरफ बादलों का विशाल चक्रवात घूम रहा था. जैसिका ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जब भी आईएसएस तूफान के ऊपर से दोबारा गुजरेगा, वो इसकी और तस्वीरें खींचने की कोशिश करेंगी.

अब किस तरफ बढ़ रहा है पोलो?

अगर इसके ताजा रास्ते की बात करें, तो तूफान पोलो मेक्सिको के दक्षिण-पश्चिमी तट के पास मंडरा रहा है. नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, ये मेक्सिको के मंजानिलो से लगभग 315 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित था और पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा था.

भले ही तूफान का मुख्य केंद्र समुद्र में तट से थोड़ा दूर है, फिर भी इसका असर मेक्सिको के तटीय इलाकों पर दिखने लगा है.

  1. मूसलाधार बारिश: पोलो के कारण मेक्सिको के दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में भारी बारिश शुरू हो चुकी है.
  2. भूस्खलन का खतरा: पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश की वजह से लैंडस्लाइड और अचानक बाढ़ आने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है.
  3. दोबारा खतरनाक होने की संभावना: मौसम विभाग का अनुमान है कि ये तूफान एक बार फिर से ‘कैटेगरी 5’ की ताकत हासिल कर सकता है, जिसके बाद ही ये धीरे-धीरे कमजोर पड़ेगा.



Source link