शिमला. हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के कर्मचारियों को अगस्त महीने का वेतन अब तक नहीं मिलने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. सितंबर की 24 तारीख बीत जाने के बाद भी वेतन का भुगतान नहीं होने पर भारतीय मजदूर संघ ने निगम प्रबंधन और प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की चेतावनी दी है.
इससे पहले, भी अगस्त माह में संघ ने वेतन में देरी को लेकर चिंता जताई थी. संघ ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है और पर्यटन विकास निगम के चेयरमैन रघुवीर सिंह बाली को हटाने की मांग की है. इस मामले पर बाली पक्ष नहीं आया है, हालांकि राज्य सरकार की ओर से मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान का कहना है कि उन्हें इसके बारे में जानकारी नहीं है.
भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष मदन राणा ने आरोप लगाया कि पर्यटन निगम के कर्मचारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. उनके मुताबिक निगम में करीब 1000 नियमित कर्मचारी, 500 आउटसोर्स कर्मचारी और 70 दैनिक भोगी हैं, जिन्हें अगस्त माह का वेतन अभी तक नहीं मिला है.
’24 दिन बीत गए, कर्मचारी वेतन के लिए भटक रहा’
मदन राणा ने कहा कि सितंबर के 24 दिन बीत चुके हैं, लेकिन कर्मचारियों को अगस्त की सैलरी नहीं मिली. उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपने परिवार का खर्च चलाने के साथ-साथ कमरे का किराया, बैंक लोन की किस्त और बच्चों की फीस जैसी जिम्मेदारियां पूरी करते हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि जब पर्यटन निगम के होटल और दूसरी इकाइयां कमाई कर रही हैं, तो आखिर होटलों से होने वाली आय कहां जा रही है? निगम के पास पैसा होने के बावजूद कर्मचारियों को समय पर वेतन क्यों नहीं दिया जा रहा.
‘ओपीएस देने की बात, कर्मचारी वेतन के लिए परेशान’
भारतीय मजदूर संघ ने सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ सरकार कर्मचारियों को पुरानी पेंशन देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर पर्यटन निगम का कर्मचारी अपने वेतन के लिए भटकना पड़ रहा है, मदन राणा ने कहा कि कर्मचारियों को मेडिकल बिल और टीए का भुगतान भी समय पर नहीं हो रहा है. उनका आरोप है कि कर्मचारियों ने कई बार सरकार से मिलने का समय मांगा, लेकिन उनकी समस्याओं पर गंभीरता से बात नहीं की गई.
‘पर्यटन निगम को क्यों बेचा जा रहा?’
मदन राणा ने पर्यटन निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि कभी निगम के पास करीब 70 बसों का बेड़ा था, लेकिन अब सिर्फ दो बसें रह गई हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि निगम की संपत्तियों और होटलों को निजी हाथों में देने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार पर्यटन निगम के होटलों को बेचना चाहती है. हालांकि, सरकार ने अगस्त में विधानसभा में स्पष्ट किया था कि लाभ में चल रही एचपीटीडीसी इकाइयों को निजी कंपनियों को लीज पर देने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है, वहीं 8 संपत्तियों को पीपीपी मॉडल के तहत ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस के लिए देने की मंजूरी की जानकारी दी गई थी.
‘चेयरमैन को हटाएं, CM निगम को अपने हाथ में लें’
संघ ने HPTDC के चेयरमैन रघुवीर सिंह बाली की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं. मदन राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मांग की कि चेयरमैन को पद से हटाया जाए और निगम की व्यवस्था मुख्यमंत्री अपने हाथ में लें. उन्होंने आरोप लगाया कि निगम में तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है और अधिकारी कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे.
‘1 तारीख तक वेतन नहीं मिला तो होगा बड़ा आंदोलन’
भारतीय मजदूर संघ ने चेतावनी दी है कि अगर हर माह 1 तारीख को कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला, तो आंदोलन को तेज किया जाएगा. मदन राणा ने कहा कि आने वाले समय में प्रदेशभर में चेयरमैन के खिलाफ प्रदर्शन किए जाएंगे. उन्होंने काले झंडे दिखाने और पुतले फूंकने की चेतावनी भी दी है. उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को नहीं माना तो आने वाले समय में बड़ा आंदोलन किया जाएगा. यहां तक कि मंत्रियों और अधिकारियों के खिलाफ भी विरोध के दूसरे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है. निगम कर्मचारियों की ओर से उनको दी जाने वाली सेवाएं बंद करने पर विचार किया जा सकता है.
चेयरमैन रघुवीर सिंह बाली का पक्ष बाकी, सरकार ये बोली
इस पूरे मामले में HPTDC चेयरमैन रघुवीर सिंह बाली का पक्ष अभी सामने नहीं आया है. हालांकि मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को पेंशन और वेतन के लिए इंतजार नहीं करना पड़ता है, इतना जरूर है कि बोर्ड और कॉरपोरेशन में कभी ऐसी समस्या आती है. उन्होंने कहा कि इससे पहले हिमाचल पथ परिवहन निगम में भी इस तरह की दिक्कत आई थी तो सीएम के हस्तक्षेप के बाद समस्या को सुलझा दिया गया था. अब भी कोई परेशानी आएगी तो उसे दूर किया जाएगा. उन्होंने दावा किया कि सरकार के खजाने में कोई कमी नहीं है. हालांकि, बाली शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं.