लाल भी, सफेद भी… एक ही गमले में! बडिंग की ये देसी ट्रिक बदल देगी आपकी बालकनी का नजारा

लाल भी, सफेद भी… एक ही गमले में! बडिंग की ये देसी ट्रिक बदल देगी आपकी बालकनी का नजारा


Rose Budding Tips: छत्तीसगढ के सरगुजा जिले में अगर आप रहते हैं और गुलाब फूल के शौकीन हैं और चाहते हैं कि एक ही गमले में दो अलग अलग लाल सफेद गुलाब के फूल खिले तो ये खबर आपके लिए बेहद ख़ास होने वाली है. दरअसल, गुलाब एक सुगंधित और लोकप्रिय फूल माना जाता है. इसे हर कोई पसंद करता है और अगर आप अभी सितम्बर के लास्ट में एक गमले में ही दो लाल सफेद गुलाब फूल लगाना चाहते हैं तो गुलाब की किस्में अहम हो जाती है जो मुख्य रूप से तीन प्रमुख हैं, जिसे आप गमले में लागते ही अक्टूबर में बर्ड निकलने शुरु हो जाएंगे और गमले में नवंबर तक लाल और सफेद गुलाब फूल खिलेंगे. देखिए ये रिपोर्ट…

एक पौधे पर दो रंग के गुलाब कैसे उगाएं
राकेश राजवाड़े के मुताबिक, सबसे आसान और कारगर तरीका ग्राफ्टिंग या बडिंग है. सबसे पहले ऐसे रूट स्टॉक का चयन करना होगा जिसकी जड़ अच्छी तरह विकसित हो चुकी हो, इसके बाद जिस रंग का गुलाब चाहिए. उस पौधे से ऐसी स्वस्थ कली चुनी जाती है जो पूरी तरह विकसित हो चुकी हो, लेकिन अभी फूल न बनी हो. लाल और सफेद दोनों गुलाब के पौधों से अलग-अलग कलियां सावधानी से साफ चाकू की मदद से निकालनी होती हैं. इसके बाद रूट स्टॉक की दो अलग-अलग शाखाओं पर छाल को T आकार में काटकर हटाया जाता है. निकाली गई बड को इस कटे हुए हिस्से के अंदर सावधानी से फिट करके टेप से अच्छी तरह बांध दिया जाता है.

बडिंग के बाद रखें इन बातों का ध्यान
बडिंग के बाद पौधे को ऐसी जगह रखना चाहिए जहां तेज बारिश या अतिरिक्त पानी न पड़े. मिट्टी में पर्याप्त नमी बनी रहे, लेकिन पानी जमा न हो. नियमित सिंचाई करते रहना जरूरी है.एक्सपर्ट के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में करीब एक महीने में नई बड निकलना शुरू हो सकती है.

अक्टूबर-नवंबर का मौसम बताया बेहतर
राकेश राजवाड़े ने बताया कि गुलाब की बडिंग के लिए अक्टूबर और नवंबर का समय बेहतर माना जाता है. अगर यह समय निकल जाए तो फरवरी-मार्च में भी बडिंग की जा सकती है. अक्टूबर में बडिंग करने पर नवंबर तक नई बड निकल सकती है और इसके बाद पौधे में फूल आने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है.

खाद कितनी और कौन सी दें
पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए खाद संतुलित मात्रा में देना जरूरी है. एक्सपर्ट ने NPK 19:19:19 कम मात्रा में देने की सलाह दी. इसके साथ बोनमील, नीमखली और अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक खाद का इस्तेमाल किया जा सकता है. खाद जरूरत से ज्यादा देने के बजाय पौधे की आवश्यकता के अनुसार देनी चाहिए.

गुलाब की तीन प्रमुख किस्में
कृषि एक्सपर्ट के अनुसार गुलाब को मुख्य रूप से मिनिएचर, टी हाइब्रिड और फ्लोरीबंडा जैसी श्रेणियों में देखा जाता है. मिनिएचर गुलाब में छोटे आकार के फूल आते हैं. टी हाइब्रिड में आमतौर पर एक तने पर बड़ा फूल देखने को मिलता है. वहीं, फ्लोरीबंडा में फूलों के गुच्छे देखने को मिलते हैं.

गमले का आकार भी है बेहद जरूरी
गुलाब को गमले में लगाने के लिए 12 से 16 इंच या उससे बड़ा गमला बेहतर रहेगा. छोटे गमले में जड़ों को पर्याप्त जगह नहीं मिलने से पौधे की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है.

गुलाब के लिए ऐसी बनाएं मिट्टी
गमले में मिट्टी का सही मिश्रण पौधे की ग्रोथ के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.एक्सपर्ट के अनुसार मिश्रण में करीब 40% मिट्टी, 30% अच्छी तरह सड़ी हुई कंपोस्ट, 10% बालू/रेती, 15% कोकोपीट या चावल का हस्क और 5% नीमखली व बोनमील रखा जा सकता है.बालू मिट्टी में रंध्रता और पानी की निकासी बनाए रखने में मदद करती है, जबकि कोकोपीट या चावल का हस्क नमी बनाए रखने में सहायक होता है. इस तरह तैयार मिश्रण गुलाब के पौधे के लिए बेहतर वातावरण तैयार कर सकता है.



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