मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का आज से आगाज, 7 शहरों में दौड़ेंगी 351 बसें

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का आज से आगाज, 7 शहरों में दौड़ेंगी 351 बसें


रिपोर्ट- शिवकांत आचार्य, भोपाल. मध्य प्रदेश के बस यात्रियों के लिए खुशखबरी है. राज्य में आज (शुक्रवार) से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू होने जा रही है. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होंगे. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव नितिन गडकरी के साथ भोपाल के भेल (BHEL) दशहरा मैदान से बसों को हरी झंडी दिखाएंगे. पैनिक बटन और जीपीएस से बसों की लाइव लोकेशन मिलेगी. 2031 तक प्रदेश में करीब 15000 बसें चलाने का लक्ष्य रखा गया है. मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसें चलाई जाएंगी. इसके लिए चालकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा. जल्द नए ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर तैयार होंगे.

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा से शहरों-गांवों में डायरेक्ट बस कनेक्टिविटी मिलेगी. शुभारंभ के दौरान 7 शहरों के लिए 351 इंटरसिटी-इंट्रासिटी बसें एक साथ रवाना होंगी. इंदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड इसमें शामिल हैं. प्रदेश की 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों तक परिवहन सेवा का विस्तार किया जाएगा. शुरुआती चरण में इंदौर में 145 बसें, जिसमें 50 इंटरसिटी और 95 इंट्रासिटी, भोपाल में 106 बसें, जिसमें 23 इंटरसिटी और 83 इंट्रासिटी, जबलपुर के लिए 67 बसें, जिसमें 14 इंटरसिटी और 53 इंट्रासिटी, रीवा में 18 इंटरसिटी बसें, देवास में 10 इंटरसिटी बसें, कटनी में तीन और भिंड में दो इंटरसिटी बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा.

हर साल बढ़ाई जाएंगी 2500 से 3000 बसें
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत साल 2031 तक प्रदेश में 15000 बसें संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है जबकि पहले साल यह लक्ष्य 1500 बसों के संचालन का होगा. इसके बाद हर साल लगभग 2500 से 3000 बसें बढ़ाई जाएंगी. मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को बढ़ावा दिया जाएगा.

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की विशेषताएं
1. इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से बसों के संचालन, लोकेशन और समयबद्धता की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी.

2. मध्य प्रदेश यात्री परिवहन इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड एवं उसकी 7 सहायक कंपनियों में कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं, जहां से बसों की निगरानी की जाएगी.

3. यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सर्विलांस के लिए हर बस में सीसीटीवी कैमरा इंस्टॉल रहेगा.

4. आपात स्थिति में यात्रियों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए बसों में पैनिक बटन की सुविधा होगी.

5. व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस के माध्यम से प्रत्येक बस की लाइव लोकेशन की जानकारी उपलब्ध होगी.

6. यात्रियों को बस के संचालन और यात्रा से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पैसेंजर इनफॉरमेशन सिस्टम की सुविधा दी गई है.

7. आधुनिक तकनीक और सुरक्षित यातायात व्यवस्था के अनुरूप बस चालकों को तकनीकी रूप से प्रशिक्षण दिया जाएगा.

8. यात्रियों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र विकसित किया जाएगा.

9. पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के माध्यम से निजी बस ऑपरेटरों की भागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है.

10. आधुनिक तकनीक, निगरानी प्रणाली और सुरक्षा सुविधाओं के माध्यम से यात्रियों को अधिक सुरक्षित, सुगम, पारदर्शी और समयबद्ध परिवहन सेवा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा.



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