बाल्टिक सागर में पुतिन के लड़ाकू विमानों का खेल खत्म! फिनलैंड-स्वीडन के जेट्स ने मिग-31 और सुखोई को घेरा

बाल्टिक सागर में पुतिन के लड़ाकू विमानों का खेल खत्म! फिनलैंड-स्वीडन के जेट्स ने मिग-31 और सुखोई को घेरा


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बाल्टिक सागर में पुतिन के फाइटर जेट्स का खेल खत्म! फिनलैंड-स्वीडन ने साथ घेरा

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फिनलैंड और स्वीडन ने पहली बार संयुक्त मिलिट्री ऑपरेशन चलाकर बाल्टिक सागर के ऊपर उड़ रहे रूसी फाइटर जेट्स को इंटरसेप्ट किया है. फिनलैंड की खाड़ी में रूस के टीयू-134 ट्रांसपोर्ट विमान के साथ मिग-31 और सुखोई-30 जेट्स को दोनों देशों के क्विक रिएक्शन अलर्ट विमानों ने तुरंत ट्रैक किया. यह मिशन रूस के बढ़ते हाइब्रिड हमलों और यूरोप में तेज होती सुरक्षा चिंताओं के बीच नाटो की एकजुटता का खुला प्रदर्शन है.

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24 सितंबर, 2026 को फिनलैंड की खाड़ी के ऊपर उड़ान भरते हुए फिनिश F/A-18 हॉर्नेट और रूसी सैन्य विमान. (Swedish Air Force/Finnish Air Force/Handout via REUTERS)

हेलसिंकी: फिनलैंड की खाड़ी के ऊपर अचानक गहराए युद्ध के बादलों ने पूरे यूरोप को सांस थामने पर मजबूर कर दिया है. इतिहास में पहली बार फिनलैंड और स्वीडन के लड़ाकू विमानों ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर रूसी मिलिट्री एयरक्राफ्ट्स को अंतरराष्ट्रीय एयरस्पेस में सीधे इंटरसेप्ट किया है. बाल्टिक सागर क्षेत्र में यूक्रेन युद्ध के बाद से ही तनाव बना हुआ है. इस ताजा घटनाक्रम में दोनों नॉर्डिक देशों की वायुसेना ने रूस के ट्रांसपोर्ट प्लेन और खतरनाक फाइटर जेट्स की एक पूरी टुकड़ी की पहचान की. इस ऑपरेशन को सफल बनाकर पश्चिमी देशों ने साफ संदेश दिया है कि रूस के किसी भी उकसावे पर अब मिलकर तत्काल पलटवार किया जाएगा.

क्या पुतिन की चाल को भांपकर आसमान में उतरे दोनों देशों के जेट्स?

बाल्टिक सागर के ऊपर रूस की सैन्य उड़ानें लगातार पश्चिमी देशों के लिए सिरदर्द बनी हुई हैं. गुरुवार को जब रूसी विमानों का एक बड़ा समूह फिनलैंड की खाड़ी के आसमान में पहुंचा, तो दोनों देशों का रडार नेटवर्क तुरंत एक्टिव हो गया.

फिनलैंड और स्वीडन ने तुरंत अपने क्विक रिएक्शन अलर्ट (क्यूआरए) जेट्स को हवा में उड़ाया. आसमान में रूसी टुकड़ी में शामिल टीयू-134 ट्रांसपोर्ट विमान के साथ घातक मिग-31 और सुखोई-30 फाइटर जेट्स की मौजूदगी दर्ज की गई. दोनों देशों के फाइटर पायलटों ने सटीक पोजिशनिंग के जरिए इन सभी रूसी विमानों की पहचान पूरी की. दोनों नॉर्डिक एयरफोर्स के बीच हुआ यह अब तक का पहला संयुक्त ऑपरेशनल मिशन दर्ज किया गया है.

स्वीडिश प्रधानमंत्री ने ऐसा क्या कहा जिससे क्रेमलिन तक खलबली मची?

इस पूरे मिशन के बाद स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन ने सोशल मीडिया एक्स पर स्पष्ट किया कि यह सफल एक्शन दोनों देशों की मजबूत तैयारी और आपसी भरोसे की जीती-जागती मिसाल है.

क्रिस्टरसन ने कहा, ‘बाल्टिक सागर आज से पहले कभी इतना संवेदनशील नहीं था – लेकिन यह भी सच है कि यह इलाका आज से पहले कभी इतना सुरक्षित भी नहीं था.’ उनका यह बयान सीधे तौर पर मॉस्को के लिए एक खुली चेतावनी माना जा रहा है. यह मिशन दिखाता है कि नाटो में शामिल होने के बाद अब दोनों पड़ोसी देश अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह एकजुट होकर एक्शन ले रहे हैं.



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