बस्तर में 3 दिन से बारिश का कहर, घरों में घुसा पानी; 353 से ज्यादा ग्रामीण राहत शिविरों में

बस्तर में 3 दिन से बारिश का कहर, घरों में घुसा पानी; 353 से ज्यादा ग्रामीण राहत शिविरों में


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बस्तर में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। ग्रामीण और शहरी इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे 353 से अधिक ग्रामीण राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हुए हैं।

बस्तर में पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। ग्रामीण और शहरी इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे कई लोग अपने घरों को छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हुए हैं.

बस्तर में बाढ़ की स्थिति
लगातार बारिश के चलते बस्तर के ग्रामीण और शहरी इलाकों में पानी भर गया है. जगदलपुर के चिमनीभट्टी इलाके में भी जलभराव की स्थिति है, जहां से बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को भगत सिंह स्कूल में बनाए गए राहत शिविर में ठहराया गया है. इस शिविर में वर्तमान में 101 ग्रामीण रह रहे हैं.

राहत शिविरों की व्यवस्था
बस्तर जिले में कुल नौ राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। प्रशासन के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से ग्रामीणों को सुरक्षित निकालकर इन शिविरों तक पहुंचाया जा रहा है। अब तक जिले के विभिन्न राहत शिविरों में 353 से अधिक ग्रामीण पहुंच चुके हैं, और यह संख्या बढ़ने की संभावना है.

ग्रामीणों की आपबीती
चिमनीभट्टी की लक्ष्मी बघेल ने बताया कि उनके घर में पूरी तरह पानी भर गया था और उन्हें बच्चों के साथ तुरंत निकलना पड़ा. उन्होंने कहा कि रात से उन्होंने कुछ नहीं खाया था और घर का सारा सामान पानी में डूब गया। उन्हें सामान निकालने का भी समय नहीं मिला। चिमनीभट्टी निवासी कमन कश्यप ने बताया कि इंद्रावती नदी का पानी उनके घर में कमर तक भर गया था और वे रात करीब 12 बजे राहत शिविर में पहुंचे। उन्होंने बताया कि घर में काफी नुकसान हुआ है और घर में दरारें भी आ गई हैं.

मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने बस्तर जिले में अगले दिन भी भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इंद्रावती नदी का पानी कई इलाकों में घरों में घुस गया है, जिससे कमर तक पानी पहुंच गया है।



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