टाटा से लेकर नेस्ले तक सब पंजाब के दीवाने, मान सरकार 4 साल में लाई 1.89 लाख करोड़ का निवेश और 6 लाख नौकरियां

टाटा से लेकर नेस्ले तक सब पंजाब के दीवाने, मान सरकार 4 साल में लाई 1.89 लाख करोड़ का निवेश और 6 लाख नौकरियां


चंडीगढ़: पंजाब अब सिर्फ खेती के लिए नहीं बल्कि बड़े इंडस्ट्रियल हब के रूप में जाना जा रहा है. आम आदमी पार्टी के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के विजन से राज्य की तस्वीर पूरी तरह बदल रही है. पिछले चार सालों में पंजाब ने 1.89 लाख करोड़ रुपये का भारी भरकम इन्वेस्टमेंट हासिल किया है. यह कोई छोटा आंकड़ा नहीं है. इस बड़े इन्वेस्टमेंट से सीधे तौर पर 6.31 लाख युवाओं के लिए रोजगार के नए दरवाजे खुल गए हैं. खास बात यह है कि विकास सिर्फ पुराने शहरों तक सीमित नहीं है. मोहाली और लुधियाना जैसे शहर इन्वेस्टमेंट के नए रिकॉर्ड बना रहे हैं. मोहाली में सबसे ज्यादा 9,478 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट आया है. सरकार का फोकस अब एक ऐसा इकोसिस्टम बनाने पर है जिससे लोकल और ग्लोबल इन्वेस्टर्स पंजाब की तरफ आकर्षित हों. इससे युवाओं को राज्य में ही एक अच्छी नौकरी मिलेगी.

मोहाली और लुधियाना कैसे बन गए इन्वेस्टर्स की पहली पसंद?

मोहाली और लुधियाना अब पंजाब की इकॉनमी के सबसे मजबूत पिलर बन चुके हैं. सीएम भगवंत सिंह मान ने बताया कि नए इन्वेस्टमेंट प्रपोजल में मोहाली सबसे आगे है. यहां 9,478 करोड़ रुपये का भारी इन्वेस्टमेंट आया है. इसके बाद लुधियाना का नंबर आता है जहां 4,968 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट प्रपोजल मिला है. अकेले मोहाली और लुधियाना ने कुल सीएएफ इन्वेस्टमेंट का 49.8 प्रतिशत हिस्सा हासिल किया है. यह दिखाता है कि इन दोनों शहरों की अहमियत कितनी बढ़ गई है. पटियाला को 2,590 करोड़ और होशियारपुर को 2,003 करोड़ रुपये के प्रपोजल मिले हैं. मोहाली तेजी से भारत की सिलिकॉन वैली बनने की राह पर है. यहां आईटी और टेक्नोलॉजी का इकोसिस्टम बहुत तेजी से फैल रहा है.

किन बड़ी कंपनियों ने खोला पंजाब में अपना

पंजाब सरकार की बिजनेस नीतियों पर ग्लोबल और नेशनल कंपनियों ने पूरा भरोसा जताया है. सीएम मान ने साफ कहा, ‘यह शानदार इन्वेस्टमेंट हमारे इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम में बढ़ते भरोसे को दिखाता है’. टाटा स्टील और जेएसडब्ल्यू स्टील जैसी दिग्गज कंपनियों ने यहां अपना पैसा लगाया है. इसके अलावा नेस्ले और हिंदुस्तान लीवर भी अपने बिजनेस का विस्तार कर रहे हैं. कारगिल, आईची स्टील्स और वर्धमान जैसी कंपनियों ने भी पंजाब को अपना बेस बनाया है. डी ह्यू, एचएमईएल, संथान टेक्सटाइल और फ्रूडेनबर्ग भी इस लिस्ट में शामिल हैं. सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम और आसान क्लीयरेंस के जरिए बिजनेस करना बहुत आसान कर दिया है. इससे विदेशी कंपनियों को भी पंजाब का माहौल काफी सेफ और प्रॉफिटेबल लग रहा है.

सिर्फ पुराने शहर नहीं, बाकी जिलों में कैसे आ रहा है बदलाव?

पंजाब का यह इंडस्ट्रियल बूम सिर्फ एक या दो शहरों तक सीमित नहीं है. सरकार ने यह पक्का किया है कि पूरे राज्य का विकास एक समान हो. फतेहगढ़ साहिब को 1,265 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट मिला है. वहीं बठिंडा ने 1,248 करोड़ रुपये के प्रपोजल हासिल किए हैं. कपूरथला को 1,037 करोड़ और जालंधर को 1,003 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट मिला है. इसका सीधा मतलब यह है कि इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अब पूरे पंजाब में फैल रहा है. नए इन्वेस्टमेंट से हर इलाके में मौके बन रहे हैं. इससे राज्य की इकॉनमी का बेस बहुत मजबूत हो रहा है. युवाओं को अब काम के लिए अपना घर या शहर नहीं छोड़ना पड़ेगा.

रियल एस्टेट से लेकर ऑटोमोबाइल तक, किन सेक्टर्स में है तेजी?

पंजाब हमेशा से एग्रीकल्चर और टेक्सटाइल में मजबूत रहा है. लेकिन अब नए सेक्टर्स में भी बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है. कृषि और फूड प्रोसेसिंग के साथ-साथ अब टेक्नोलॉजी और रिन्यूएबल एनर्जी पर ज्यादा फोकस है. इसके अलावा रियल एस्टेट और हाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में भी भारी इन्वेस्टमेंट आ रहा है. अलॉय स्टील, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट और बायो-एनर्जी के क्षेत्र में भी कई प्रपोजल मिले हैं. सीएम मान ने कहा, ‘औद्योगिक आधार में विविधता लाने से पंजाब की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी’. इससे पुराने सेक्टर्स पर हमारी निर्भरता कम होगी. नए सेक्टर्स में बूम आने से पढ़े-लिखे और स्किल्ड युवाओं के लिए बहुत सारे नए मौके पैदा होंगे. यह पंजाब के फ्यूचर के लिए एक बहुत बड़ा कदम है.

छोटे उद्योगों (MSME) के लिए सरकार का क्या है मास्टर प्लान?

बड़े उद्योगों के साथ-साथ सरकार का पूरा ध्यान एमएसएमई सेक्टर पर भी है. छोटे उद्योगों को मजबूत किए बिना बड़ी इकॉनमी नहीं बन सकती. इसके लिए सरकार ने खास इंडस्ट्रियल क्लस्टर बनाने का प्लान तैयार किया है. मोहाली में एक हाई-टेक मेटल क्लस्टर को मंजूरी दी गई है. यह उन्नत धातु विनिर्माण का एक बड़ा सेंटर बनेगा. लुधियाना में ऑयल एक्सपेलर, कल-पुर्जा विनिर्माण, टेक्सटाइल और शहद प्रोसेसिंग से जुड़े क्लस्टर बनाए जाएंगे. पटियाला को कटिंग टूल क्लस्टर के लिए चुना गया है. सीएम मान ने बताया, ‘ये क्लस्टर उद्यमों को साझा बुनियादी ढांचे और आधुनिक तकनीक का लाभ उठाने में मदद करेंगे’. इससे छोटे उद्योगों को मार्केटिंग और स्किल डेवलपमेंट में बहुत फायदा मिलेगा. ये छोटे उद्योग ही बड़ी कंपनियों की सप्लाई चेन को मजबूत करते हैं.

इंफ्रास्ट्रक्चर और भविष्य के लिए क्या है सीएम मान का विजन?

बिना वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर के कोई भी राज्य तरक्की नहीं कर सकता. पंजाब सरकार इस बात को बहुत अच्छी तरह समझती है. राज्य में दो बड़े इंडस्ट्रियल पार्क प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी मिल चुकी है. इससे नए बिजनेस को सेटअप करने में बहुत आसानी होगी. सरकार का विजन सिर्फ इन्वेस्टमेंट के आंकड़े जुटाना नहीं है. सीएम मान ने स्पष्ट किया, ‘हमारा उद्देश्य निवेश को रोजगार और युवाओं के लिए बेहतर अवसरों में बदलना है’. सरकार ऐसा इकोसिस्टम बना रही है जहां बिना किसी परेशानी के बिजनेस हो सके. कागजी कार्रवाई को कम से कम किया जा रहा है. पंजाब के पास टैलेंट, शानदार लोकेशन और कुशल मानव संसाधन का बहुत अच्छा कॉम्बिनेशन मौजूद है.

युवाओं के सपनों को पंजाब में ही कैसे मिलेगी नई उड़ान?

पंजाब के युवा बेहद टैलेंटेड और मेहनती हैं. सरकार चाहती है कि उन्हें अच्छी नौकरी के लिए विदेश या दूसरे राज्यों में न जाना पड़े. नया इन्वेस्टमेंट इस दिशा में गेम चेंजर साबित हो रहा है. 6.31 लाख नौकरियों का मतलब है कि लाखों परिवारों का जीवन स्तर पूरी तरह सुधरेगा. स्टार्ट-अप, ज्ञान आधारित उद्योगों और नए उद्यमों को खास सपोर्ट दिया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘पंजाब नए निवेश और नए विचारों का स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार है’. सरकार इंडस्ट्री के साथ एक पार्टनर की तरह काम कर रही है. पॉलिसी को इस तरह डिजाइन किया गया है कि बिजनेस और इंसान दोनों की ग्रोथ हो. अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर और मजबूत विजन के साथ पंजाब अब देश के सबसे बड़े इकोनॉमिक पावरहाउस के रूप में अपनी पक्की पहचान बना रहा है.



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