खून दो और ज्यादा ब्याज लो, रोमानिया की सरकार ले आई अनोखी स्कीम

खून दो और ज्यादा ब्याज लो, रोमानिया की सरकार ले आई अनोखी स्कीम


सोचिए, आप रक्तदान करने अस्पताल गए और कुछ समय बाद उसी वजह से आपको सरकारी बॉन्ड में इन्‍वेस्‍टमेंट का फायदा मिल गया. रोमानिया में सरकार ने कुछ ऐसा ही मॉडल बनाया है. वहां FIDELIS नाम के सरकारी बॉन्ड प्रोग्राम में रक्तदान करने वालों के लिए अलग बॉन्ड ट्रांजैक्शन रखा गया है, जिसमें सामान्य निवेशकों के मुकाबले ज्यादा ब्याज दिया जाता है. इसी वजह से इंटरनेशनल मीडिया में इसे मजाकिया अंदाज में ब्‍लड फॉर बॉन्‍ड्स कहा जा रहा है. हालांकि, असल में सरकार खून के बदले सीधे पैसा नहीं देती.

दरअसल, सरकार को देश चलाने, पुराना कर्ज चुकाने और अपनी दूसरी जरूरतें पूरी करने के लिए पैसे चाहिए. इसके लिए सरकार लोगों और संस्थानों से पैसा उधार लेती है और बदले में सरकारी बॉन्ड जारी करती है. जिसने बॉन्ड खरीदा, उसे तय समय तक ब्याज मिलता है और अवधि पूरी होने पर मूल रकम वापस मिलती है. रोमानिया ने इसी सरकारी बॉन्ड प्रोग्राम में रक्तदान करने वालों के लिए अलग बॉन्ड और ज्यादा ब्याज का प्रावधान किया है.

खून देने वाले को ज्यादा ब्याज क्यों?

यहां सरकार ने एक तरह का इंसेंटिव दिया है. मतलब अगर कोई व्यक्ति रक्तदान करता है और उसके बाद पात्रता पूरी करके FIDELIS का बॉन्ड खरीदता है, तो उसे सामान्य निवेशक से बेहतर ब्याज वाली श्रेणी मिल सकती है. उदाहरण के लिए 2024 की जून वाली पेशकश में रक्तदाताओं के लिए 1 साल की मैच्योरिटी वाले सरकारी बॉन्ड पर 7% सालाना ब्याज था. सामान्य निवेशकों के लिए उसी ऑफर में अलग दरें थीं. यानी सरकार ने सामाजिक काम यानी रक्तदान को वित्तीय फायदे से जोड़ दिया.

1 लाख लगाओ तो कितना मिलेगा?

मान लीजिए किसी योजना में आपको 7% सालाना ब्याज वाली बॉन्ड श्रेणी मिलती है और आपने भारतीय रुपये के हिसाब से 1 लाख आपने लगाया. 7% की दर से एक साल में करीब 7,000 ब्याज बनता है. मैच्योरिटी पर मूल रकम अलग से वापस मिलती है. लेकिन ध्यान रखें कि यह सिर्फ समझाने का उदाहरण है. रोमानिया के FIDELIS बॉन्ड रोमानियाई मुद्रा या यूरो में जारी होते हैं, इसलिए इसे सीधे भारतीय रुपये के निवेश या भारत की सरकारी बॉन्ड स्कीम से तुलना नहीं करनी चाहिए.

क्या सिर्फ खून देकर बॉन्ड मिल जाता है?

नहीं. रक्तदान करने से आपको मुफ्त सरकारी बॉन्ड नहीं मिलता. आपको बॉन्ड खरीदने के लिए अपना पैसा लगाना पड़ता है. रक्तदान करने का फायदा यह है कि आप उस खास श्रेणी के बॉन्ड के लिए पात्र हो सकते हैं, जिसमें सामान्य बॉन्ड के मुकाबले ज्यादा ब्याज या कम न्यूनतम निवेश जैसी सुविधा मिलती है. 2025 में रोमानिया ने रक्तदाताओं के लिए न्यूनतम निवेश की सीमा भी घटाकर 500 लेई की थी, जबकि सामान्य श्रेणी में यह 5,000 लेई थी.

इस स्कीम से सरकार को क्या फायदा?

सरकार के लिए इसका फायदा दो तरफ है. पहला, उसे आम लोगों से पैसा जुटाने का एक और रास्ता मिलता है. दूसरा, रक्तदान जैसी सामाजिक जरूरत को बढ़ावा मिलता है. 2024 की पहली FIDELIS पेशकश में 1,405 रक्तदाताओं ने इस विशेष श्रेणी में निवेश किया था और कुल 135.336 मिलियन लेई से ज्यादा रकम लगाई थी. बाद की अगस्त 2024 की पेशकश में 1,608 रक्तदाताओं ने 202 मिलियन लेई से ज्यादा निवेश किया. यानी लोगों ने इस इंसेंटिव का इस्तेमाल किया.

फिर इसे Blood-for-Bonds क्यों कहा जा रहा है?

क्योंकि मॉडल सुनने में काफी अलग है- पहले रक्तदान करो, फिर सरकारी बॉन्ड में निवेश करने पर बेहतर शर्त पाओ. इसी वजह से इसका नाम Blood-for-Bonds जैसा बन गया. लेकिन इसे खून बेचने वाली स्कीम समझना गलत होगा. सरकार रक्त की कीमत नहीं चुका रही. रक्तदान करने वाले व्यक्ति को एक अलग निवेश विकल्प दिया जा रहा है. यानी यहां सामाजिक काम और निवेश का इंसेंटिव एक साथ जोड़ा गया है.

क्या यह सिर्फ 7% वाली एक स्कीम है?

नहीं. ब्याज दर हर बॉन्ड इश्यू के साथ बदल सकती है. मसलन 2025 में रक्तदाताओं के लिए 2 साल की लेई बॉन्ड श्रेणी पर 8.20% तक ब्याज दिया गया था, जबकि सामान्य 2 साल वाली श्रेणी में 7.20% था. जुलाई 2025 में रक्तदाताओं के लिए यही दर 8.25% और सामान्य दर 7.25% थी. यानी खबर में लिखा 7% किसी एक पुराने इश्यू की दर है; इसे आज की स्थायी दर नहीं मानना चाहिए.



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