एयरबस A321neo विमानों को लेकर एक गड़बड़ सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक- IndiGo के करीब 12 विमान भी इसकी चपेट में बताए जा रहे हैं. मामला विमान के ढांचे पर चढ़ाई जाने वाली एक खास सुरक्षात्मक परत यानी कोटिंग से जुड़ा है. कुछ विमानों में यह कोटिंग तय मानकों के हिसाब से नहीं मिली. अब यहां घबराने वाली बात ये है कि विमान में खामी तो मिली है, लेकिन एयरबस का कहना है कि ये सेफ्टी का मामला नहीं है. यानी प्रभावित विमान अभी भी उड़ सकते हैं.
विमान के फ्यूजलेज यानी उसके मुख्य ढांचे के निचले आगे वाले हिस्से में कुछ पार्ट्स लगे होते हैं. इन हिस्सों को जंग और दूसरे बाहरी असर से बचाने के लिए ऊपर से एक खास कोटिंग की जाती है. रूटीन काम के दौरान पता चला कि कुछ A321neo विमानों में इस कोटिंग की क्वालिटी तय मानक के मुताबिक नहीं थी. यानी मामला विमान के उड़ने या उसके डिजाइन में कोई बड़ी खराबी का नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिए लगाई गई बाहरी परत की क्वालिटी का है.
कितने विमान इसकी चपेट में आए?
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दुनियाभर में करीब 500 A321neo विमानों पर इसका असर हो सकता है. इनमें कुछ विमान एयरलाइंस को पहले ही मिल चुके हैं, जबकि कुछ अभी एयरबस के यहां बन रहे हैं. भारत की बात करें तो IndiGo के करीब 12 A321neo विमान प्रभावित बताए जा रहे हैं. हालांकि, ये संख्या एयरबस या IndiGo ने अलग से आधिकारिक तौर पर कन्फर्म नहीं की है.
एयरबस बोला- सेफ्टी का मामला नहीं
एयरबस ने कहा है कि यह क्वालिटी इश्यू है. सुरक्षा के साथ कोई दिक्कत नहीं है. यानी कंपनी के हिसाब से क्वालिटी में गड़बड़ जरूर है, लेकिन इससे विमान की उड़ान सुरक्षा पर तत्काल खतरा नहीं है. कंपनी का कहना है कि इस समस्या की वजह पकड़ ली गई है और उसे कंट्रोल भी कर लिया गया है. इसे ठीक करने का तरीका भी एयरबस के पास तैयार है. नई कोटिंग को भी तय मानकों के मुताबिक बनाया जा रहा है, इसलिए आगे बनने वाले विमानों में यह दिक्कत दोबारा न आए, इसका इंतजाम कर लिया गया है.
तो क्या विमान उड़ते रहेंगे?
हां, फिलहाल ऐसा ही है. एयरबस ने कहा है कि जिन विमानों में यह समस्या मिली है, उन्हें तुरंत जमीन पर खड़ा करने की जरूरत नहीं है. यानी वे अपनी उड़ान जारी रख सकते हैं. एयरलाइंस अपने सामान्य रखरखाव के दौरान इन विमानों पर जरूरी काम करा सकती हैं. इसलिए सिर्फ इस खबर की वजह से यह मानने की जरूरत नहीं है कि IndiGo के ये विमान अचानक उड़ान भरना बंद कर देंगे.
मरम्मत के लिए पूरा विमान खोलना पड़ेगा?
नहीं. यही राहत वाली बात है. एयरबस के मुताबिक, इस समस्या को ठीक करने के लिए विमान के stringers को खोलने या उस हिस्से को अलग करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. तय प्रक्रिया के तहत वहीं जरूरी rework किया जा सकता है. काम पूरा होने के बाद विमान को उसकी मूल डिजाइन स्थिति के मुताबिक माना जाएगा.
यात्रियों को क्या टेंशन लेनी है?
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के हिसाब से तुरंत कोई बड़ा असर नहीं दिख रहा है. एयरबस ने खुद कहा है कि यह सुरक्षा से जुड़ी समस्या नहीं है और प्रभावित विमान उड़ान जारी रख सकते हैं. यानी अगर आप IndiGo की A321neo फ्लाइट में सफर करने वाले हैं, तो सिर्फ इस क्वालिटी खामी की वजह से फिलहाल घबराने वाली कोई बात सामने नहीं आई है. एयरलाइंस तय प्रक्रिया के हिसाब से प्रभावित विमानों की जांच और जरूरी सुधार का काम करेंगी.