यूक्रेन के साथ जारी भीषण युद्ध के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जंग के मैदान में एक ऐसा घातक हथियार उतार दिया है, जिसने दुश्मनों के खेमे में तहलका मचा दिया है. हवा में मंडराते यूक्रेनी ड्रोनों का नामो-निशान मिटाने के लिए रूस ने अपना नया ‘जुब्र एंटी-ड्रोन डिफेंस सिस्टम’ तैनात किया है. इसे पुतिन का नया ‘ब्रह्मास्त्र’ कहा जा रहा है, जिसमें एक साथ चार-चार PKT मशीन गन जोड़ी गई हैं. ये खतरनाक सिस्टम महज एक मिनट के अंदर 900 गोलियां बरसाता है. हाल ही में इस डिफेंस सिस्टम को लेकर न्यूज 18 के ‘कमांड सेंटर’ में डिफेंस गौरव आर्या ने भी विस्तार से बात की है.
क्या है पुतिन का नया ‘ड्रोन किलर’ जुब्र सिस्टम?
रूस-यूक्रेन जंग में पिछले कुछ महीनों से ड्रोनों का इस्तेमाल बहुत तेजी से बढ़ा है. यूक्रेन लगातार रूस के सैन्य ठिकानों, बंकरों, रसद वाहनों और टैंकों को निशाना बनाने के लिए सुसाइड ड्रोनों से हमले कर रहा था. इन छोटे लेकिन बेहद खतरनाक उड़ते खतरों को रोकने के लिए रूसी सेना को एक ऐसे सुरक्षा कवच की सख्त जरूरत थी, जो बिना समय गंवाए बिल्कुल सटीक और अचूक निशाना साध सके.
गौरव आर्या ने बताया कि इसी जरूरत को पूरा करने के लिए रूसी रक्षा इंजीनियरों ने अपना नया ‘जुब्र एंटी-ड्रोन डिफेंस सिस्टम’ तैयार किया. आज दुनिया भर के डिफेंस एक्सपर्ट्स इसे ‘वेपन ऑफ द डे’ यानी जंग के मैदान का सबसे मारक और आधुनिक हथियार मान रहे हैं. इसने रूसी सेना को फ्रंटलाइन पर बहुत बड़ी राहत दी है.
कैसे काम करता है ये अभेद्य सुरक्षा कवच?
‘जुब्र’ कोई पारंपरिक तोप या भारी-भरकम मिसाइल सिस्टम नहीं है, बल्कि ये एक मॉडर्न ऑटोमेटिक पॉयंट डिफेंस सिस्टम है.
- खास जगहों पर तैनाती: इसे किसी खास सैन्य ठिकाने, टैंक कॉन्वॉय, बंकर या सैन्य टुकड़ी के ठीक पास तैनात किया जाता है.
- भयानक घेराबंदी: इसका काम ये सुनिश्चित करना होता है कि कोई भी दुश्मन ड्रोन उस तय इलाके की सीमा में घुस न पाए.
- ड्रोन के लिए ही डिजाइन: इस पूरे सिस्टम का ढांचा और सॉफ्टवेयर खासतौर पर छोटे और तेज रफ्तार सुसाइड ड्रोनों को हवा में ही भस्म करने के लिए तैयार किया गया है.
4 PKT मशीन गन और 900 गोलियों की खौफनाक मारक क्षमता
इस नए सिस्टम की असली ताकत इसकी बिना रुके गोलियां बरसाने की क्षमता में छिपी है. इसके पास एक ऐसा कॉम्बिनेशन है जिसके सामने आते ही कोई भी ड्रोन बच नहीं निकल सकता.
- 4 PKT मशीन गन से लैस: इस पूरे सिस्टम में 7.62 कैलिबर की चार शक्तिशाली PKT मशीन गन एक साथ माउंट की गई हैं.
- 1.5 किलोमीटर दूर से ही नजर: इसमें लगा एडवांस्ड रडार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम 1500 मीटर यानी 1.5 किलोमीटर की दूरी से ही आते हुए छोटे से छोटे ड्रोन को पहचान लेता है.
- एक साथ चारों गन की फायरिंग: जैसे ही दुश्मन का ड्रोन तय सीमा में दाखिल होता है, चारों मशीन गन एक साथ गोलियां दागना शुरू कर देती हैं.
- 400-500 मीटर की घातक किलिंग जोन: ये सिस्टम 400 से 500 मीटर की दूरी पर पहुंचते ही ड्रोन पर गोलियों की बौछार कर उसे पूरी तरह तबाह कर देता है.
- 1 मिनट में 900 राउंड फायरिंग: इसकी फायरपावर इतनी बेमिसाल है कि ये एक मिनट में 900 गोलियां बरसा सकता है.
‘जुब्र’ की जद में आया ड्रोन चूरन बन जाता है!
इस ‘ड्रोन किलर’ सिस्टम को सबसे पहले जनवरी 2026 में रूसी सेना में शामिल किया गया था. गौरव आर्या ने बताया कि बीते कुछ महीनों में युद्ध के मैदान से मिले अनुभवों के आधार पर रूसी इंजीनियरों ने इसे और भी ज्यादा एडवांस्ड बना दिया है. अब इसका AI सॉफ्टवेयर इतना स्मार्ट हो चुका है कि ये पक्षियों और ड्रोनों के बीच का फर्क भी तुरंत समझ लेता है और सिर्फ असली खतरे पर ही हमला करता है.
जैसे ही यूक्रेन का कोई सुसाइड या कामिकेज ड्रोन 1.5 किलोमीटर के दायरे में आता है, जुब्र का रडार उसे अपनी पकड़ में ले लेता है. इसके बाद एआई तकनीक सेकंड के हजारवें हिस्से में उस ड्रोन की रफ्तार, ऊंचाई और दिशा का हिसाब लगाती है. जैसे ही वो ड्रोन 400 से 500 मीटर की किलिंग रेंज में कदम रखता है, जुब्र की चारों PKT गन एक साथ आग उगलना शुरू कर देती हैं.
हवा में बन जाती है सीसे की अभेद्य दीवार
जब 7.62 कैलिबर की चार PKT मशीन गन एक साथ प्रति मिनट 900 गोलियां छोड़ती हैं, तो आसमान में सीसे और लोहे की एक ऐसी चादर बन जाती है जिसे पार करना किसी भी उड़ती हुई चीज के लिए नामुमकिन हो जाता है.
इसी वजह से डिफेंस एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि पुतिन के इस ‘जुब्र लड़ाके’ का मारा हुआ ड्रोन हवा में ही जलकर राख हो जाता है. उसकी एक चिप या पुर्जा भी सही-सलामत जमीन पर नहीं गिरता.
क्या अब थम जाएंगे यूक्रेन के ड्रोन हमले?
रूस के इस नए ‘जुब्र एंटी-ड्रोन डिफेंस सिस्टम’ ने ये साबित कर दिया है कि आधुनिक दौर में युद्ध का तरीका पूरी तरह से बदल चुका है. अब जंग सिर्फ इंसानी सैनिकों से नहीं, बल्कि एआई, रडार और ऑटोमेटिक गन सिस्टम से लड़ी जा रही है.
4 PKT मशीन गन, हाई-टेक एआई सेंसर और एक मिनट में 900 राउंड दागने वाली बेमिसाल ताकत के साथ पुतिन का ये नया ‘ब्रह्मास्त्र’ अब यूक्रेन के लिए सबसे बड़ी सिरदर्दी बन गया है. आने वाले दिनों में ये देखना काफी दिलचस्प होगा कि यूक्रेन पुतिन के इस अभेद्य सुरक्षा कवच को भेदने के लिए क्या नई रणनीति अपनाता है.