Pitru Paksha 2026 Rules: पितृ पक्ष का प्रारंभ 26 सितंबर से होने जा रहा है. इस समय में 15 तिथियों तक पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध, पिंडदान, दान आदि करते हैं. पितृ पक्ष में पितरों के लिए श्राद्ध करते हैं, इसलिए इसे श्राद्ध पक्ष भी कहा जाता है. लेकिन पितृ पक्ष के समय में कोई शुभ काम करना चाहिए या नहीं? पितृ पक्ष में नए चीजों की खरीदारी करना शुभ है या अशुभ? इस बारे में विस्तार से जानते हैं ज्योतिषाचार्य चंद्रकांत सारस्वत से.
पितृ पक्ष में न करें शुभ कार्य, यह है वजह
ज्योतिषाचार्य सारस्वत का कहना है कि पितृ पक्ष के समय में नए कार्य शुरू करने का विचार नहीं करना चाहिए. श्राद्ध पक्ष के समय व्यक्ति भारी मन से अपने पितरों को याद कर रहा होता है, जोकि इस दुनिया में नहीं हैं.
चंद्रकांत सारस्वत, ज्योतिषाचार्य.
विष्णु पुराण में बताया गया है कि पितृ पक्ष ही एक ऐसा समय है, जब पितृगण अपनी संतान से मिलने के लिए धरती लोक पर किसी न किसी रूप में आते हैं. ऐसे समय में अगर आप कोई नया या शुभ कार्य कर रहे होंगे तो यह बात उनको अच्छी नहीं लगेगी.
पितरों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का समय
पितृ पक्ष का समय पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता और शोक प्रकट करने का होता है. अब आप सवाल कर सकते हैं कि जब आत्मा को नया जन्म मिल जाता है तो फिर धरती पर कौन आता है? ऐसे में आपको बताएं कि शास्त्रों के अनुसार, हर आत्मा का एक अंश पितृ लोक में ही निवास करता है. श्राद्ध के समय में वे ही धरती पर आते हैं.
उन पितरों की वजह से ही हमें जीवन मिला है. जब वे हमसे प्रसन्न होते हैं, तो हमें जीवन में खुशहाली, तरक्की, उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य का वरदान प्राप्त होता है. जब हमारे पितर नाराज होते हैं, तो पितृ दोष लगता है. उसकी वजह से कार्यों में रुकावट, उन्नति में बाधाएं, रोग, कलह आदि का सामना करना पड़ सकता है.
पितृ पक्ष में बचाएं एनर्जी
वैज्ञानिक दृष्टिकोण की बात करें तो, साल के बाकी समय हम शुभ और मांगलिक कार्य करते ही हैं. कोई भी कार्य करने में धन से लेकर शारीरिक ऊर्जा लगती है. ऐसे में पितृ पक्ष के समय आप शुभ या नया कार्य करेंगे तो आप पितृ गण के लिए समय नहीं दे पाएंगे. पितृ पूजा के लिए भी हम ऊर्जा नहीं बचा पाएंगे, इसीलिए पितृ पक्ष में केवल और केवल पितृ पूजन की बात इस समय में की गई है.
पितृ पक्ष में भलूकर भी न खरीदें ये 9 चीजें
इस साल पितृ पक्ष 26 सितंबर से 10 अक्टूबर तक है. इस समय में आपको नए कपड़े, गहने, वाहन, संपत्ति, झाड़ू, सरसों का तेल, नमक, इलेक्ट्रॉनिक्स और नया फर्नीचर नहीं खरीदना चाहिए.