Bikaner News: बीकानेर में गणपति का अनोखा श्रृंगार, सोने-चांदी के वर्क से सजी प्रतिमा, दर्शन के लिए ऑस्ट्रेलिया तक से पहुंचे भक्त

Bikaner News: बीकानेर में गणपति का अनोखा श्रृंगार, सोने-चांदी के वर्क से सजी प्रतिमा, दर्शन के लिए ऑस्ट्रेलिया तक से पहुंचे भक्त


होमताजा खबरधर्म

बीकानेर में गणपति का अनोखा श्रृंगार, सोने-चांदी के वर्क से सजी प्रतिमा

Last Updated:

Bikaner Ganpati Pooja : बीकानेर के मुक्ताप्रसाद नगर स्थित गणेश मंदिर में भगवान गणेश की प्रतिमा का सोने-चांदी के वर्क से विशेष श्रृंगार किया गया है. इसे तैयार करने में 20-25 दिन लगे, श्रद्धालु देशभर से दर्शन को आ रहे हैं. भगवान गणेश का यह विशेष श्रृंगार पिछले वर्ष भी किया गया था और इस बार भी उसी भाव एवं श्रद्धा के साथ भगवान को सोने-चांदी के वर्क से सजाया गया है.

ख़बरें फटाफट

बीकानेर. इन दिनों पूरे देश में गणपति महोत्सव की धूम है. हर जगह श्रद्धालु अपने-अपने तरीके से भगवान गणेश की प्रतिमा को सजा रहे हैं. इसी बीच बीकानेर में गणपति के श्रृंगार का एक अनोखा और आकर्षक स्वरूप देखने को मिल रहा है. यहां मुक्ताप्रसाद नगर स्थित गणेश मंदिर में भगवान गणेश की प्रतिमा का सोने और चांदी के वर्क से विशेष श्रृंगार किया गया है. दावा है कि बीकानेर में पहली बार गणपति की प्रतिमा को इस तरह सोने-चांदी के वर्क से सजाया गया है. खास बात यह है कि इस श्रृंगार को तैयार करने में करीब 20 से 25 दिन का समय लगा है और अब इस अनोखे स्वरूप के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं.

मंदिर में भगवान गणेश के सोने-चांदी के वर्क से किए गए इस विशेष श्रृंगार को देखने के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह है. धार्मिक आस्था, कला और सोने की नक्काशी का यह संगम बीकानेर में चर्चा का विषय बना हुआ है. मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए भगवान गणेश का यह स्वरूप आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना है.

पिछले साल भी किया गया था ऐसा श्रृंगार
मंदिर से जुड़े विजय श्रीमाली ने बताया कि इस तरह का श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण बना हुआ है और भगवान गणेश के इस स्वरूप के दर्शन के लिए देशभर से लोग बीकानेर पहुंच रहे हैं. विजय श्रीमाली ने बताया कि भगवान गणेश का यह विशेष श्रृंगार पिछले वर्ष भी किया गया था और इस बार भी उसी भाव एवं श्रद्धा के साथ भगवान को सोने-चांदी के वर्क से सजाया गया है. उन्होंने बताया कि मंदिर में भगवान गणेश की प्रतिमा का श्रृंगार बेहद बारीकी और कलात्मक तरीके से किया गया है. इसके लिए करीब 20 से 25 दिनों तक लगातार काम किया गया.

सोने की नक्काशी से जुड़ा रहा है परिवार
विजय श्रीमाली ने बताया कि उन्होंने अपना पूरा जीवन सोने की नक्काशी के काम में लगाया है. राजस्थान के कई प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों पर भी सोने की नक्काशी का काम करने का अवसर मिला है. उन्होंने बताया कि देशनोक स्थित करणी माता मंदिर से लेकर सियाणा बाबा भेरूनाथ मंदिर तक सोने की नक्काशी से जुड़े कार्य किए हैं. उन्होंने कहा कि जीवनभर सोने की नक्काशी का काम करते हुए मन में हमेशा यह भावना रही कि जिस भगवान ने हाथों में सोने की कलम दी है, उनके लिए भी कुछ विशेष किया जाए. इसी भाव से भगवान गणेश की प्रतिमा को सोने और चांदी के वर्क से सजाने का विचार आया.

20-25 दिन तक चला काम
भगवान गणेश की प्रतिमा के विशेष श्रृंगार को तैयार करने में करीब 20 से 25 दिन का समय लगा. इस दौरान वर्क लगाने के साथ-साथ बारीक नक्काशी और सजावट का काम किया गया. श्रृंगार पूरा होने के बाद भगवान गणेश की प्रतिमा का स्वरूप और भी आकर्षक नजर आ रहा है. मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु भगवान गणेश के इस विशेष स्वरूप को देखकर भाव-विभोर हो रहे हैं. कई श्रद्धालु मंदिर में पहुंचकर भगवान के दर्शन कर रहे हैं और इस अनोखे श्रृंगार को अपने मोबाइल कैमरे में भी कैद कर रहे हैं.

ऑस्ट्रेलिया से भी पहुंचे भक्त
विजय श्रीमाली ने बताया कि भगवान गणेश की इस प्रतिमा के दर्शन के लिए केवल बीकानेर या राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया से भी भक्त भगवान गणेश के दर्शन करने के लिए बीकानेर पहुंचे हैं.



Source link