2 दिन में 1 लाख के 1.43 लाख बना दिए, तबाही के बीच रॉकेट की रफ्तार से भाग रहा ये शेयर

2 दिन में 1 लाख के 1.43 लाख बना दिए, तबाही के बीच रॉकेट की रफ्तार से भाग रहा ये शेयर


शेयर बाजार में लिस्ट होते ही एक शेयर ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि निवेशकों की नजर उसी पर टिक गई. हीरो मोटर्स के शेयर ने गुरुवार को 20% का अपर सर्किट लगा दिया. बुधवार को बाजार में इसकी एंट्री 82 रुपये के आसपास हुई थी, जबकि गुरुवार को शेयर तेजी से चढ़कर 117 के करीब पहुंच गया. यानी सिर्फ दो कारोबारी दिनों में शेयर ने करीब 40% की छलांग लगा दी. यानी अगर किसी ने बुधवार को करीब 82 के भाव पर 1 लाख के शेयर खरीदे होते, तो गुरुवार को 117 के आसपास भाव पहुंचने पर उनकी कीमत करीब 1.43 लाख हो जाती. यानी कागज पर करीब 43 हजार का फायदा दिखता.

हीरो मोटर्स के शेयर में यह तेजी एक बड़ी ब्लॉक डील के बाद देखने को मिली. कंपनी के करीब 2.4 करोड़ शेयरों का बड़ा सौदा हुआ. ये शेयर करीब ₹117 प्रति शेयर के औसत भाव पर खरीदे-बेचे गए. पूरे सौदे की कीमत करीब ₹281 करोड़ रही. आसान भाषा में कहें तो बाजार में कंपनी के करोड़ों शेयरों का एक साथ बड़ा लेनदेन हुआ और इसके बाद शेयर में खरीदारी का जोर देखने को मिला.

घाटे में ल‍िस्‍ट हुआ था शेयर

दिलचस्प बात यह है कि हीरो मोटर्स की शेयर बाजार में शुरुआत कुछ खास नहीं रही थी. कंपनी का आईपीओ ₹84 प्रति शेयर के भाव पर आया था, लेकिन बुधवार को एनएसई पर शेयर ₹82 पर लिस्ट हुआ. यानी आईपीओ में पैसा लगाने वालों को शुरुआत में ही करीब 2.38% की कमी दिखी. बीएसई पर भी शेयर ₹82.10 पर खुला. लेकिन दिन खत्म होते-होते कहानी पूरी तरह बदल गई.

पहले ही द‍िन गजब की छलांग

पहले दिन ही शेयर ने वापसी कर ली. बुधवार को कारोबार खत्म होने तक हीरो मोटर्स का शेयर एनएसई पर ₹98.40 और बीएसई पर ₹98.51 पर बंद हुआ. यानी जिस शेयर ने सुबह आईपीओ भाव से नीचे शुरुआत की थी, वही दिन खत्म होने तक काफी ऊपर पहुंच गया. इसके बाद गुरुवार को इसमें फिर जोरदार खरीदारी हुई और शेयर 20% के अपर सर्किट तक पहुंच गया.

6 गुना म‍िला था सब्‍सक्र‍िप्‍शन

हीरो मोटर्स का आईपीओ भी निवेशकों के बीच काफी चर्चा में रहा था. कंपनी ने ₹1,000 करोड़ का आईपीओ पेश किया था, जिसे कुल 6.66 गुना सब्सक्रिप्शन मिला. खुदरा निवेशकों का हिस्सा 8.23 गुना भरा था, जबकि गैर-संस्थागत निवेशकों का हिस्सा 9.86 गुना और योग्य संस्थागत खरीदारों का हिस्सा 1.49 गुना सब्सक्राइब हुआ. कंपनी ने आईपीओ के लिए ₹79 से ₹84 का मूल्य दायरा रखा था.

आईपीओ से मिले पैसे का इस्तेमाल कंपनी ने अपने कारोबार को मजबूत करने के लिए करने की योजना बनाई थी. इसमें करीब ₹190 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और कुछ कर्ज को खत्‍म करने में किया जाना था. इसके अलावा पैसा पूंजीगत खर्च और कंपनी की सामान्य कारोबारी जरूरतों में लगाया जाना था. आईपीओ में ₹600 करोड़ के नए शेयर जारी किए गए थे, जबकि ₹400 करोड़ की बिक्री पेशकश थी.

क्‍या करती है कंपनी
अब सवाल है कि आखिर हीरो मोटर्स का कारोबार क्या है? कंपनी ऑटोमोबाइल तकनीक से जुड़ी है और पावरट्रेन के उत्पादों का डिजाइन, विकास, निर्माण और सप्लाई करती है. इसके ग्राहक भारत के अलावा अमेरिका, यूरोप और आसियान क्षेत्र में भी हैं. कंपनी दोपहिया, इलेक्ट्रिक साइकिल, ऑफ-रोड वाहन, इलेक्ट्रिक-हाइब्रिड कार और भारी वाहनों के लिए तकनीकी समाधान देती है. हालांकि, शेयर की तेज चाल आगे भी ऐसी ही रहेगी, यह तय नहीं है.



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