गयाजीः बिहार में बड़ी संख्या में युवा रोजगार और स्वरोजगार के अवसर तलाश रहे हैं. दूसरी ओर छोटे उद्योगों को आधुनिक तकनीक, कुशल श्रमिक, उत्पाद परीक्षण, मशीनरी और बाजार संबंधी सहायता की जरूरत होती है. बोधगया मगध विश्वविद्यालय परिसर में स्थित राज्य का पहला एनएसआईसी तकनीकी सेवा केंद्र युवाओं, नए उद्यमियों और एमएसएमई इकाइयों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया गया है.
यह छोटे एवं मध्यम उद्यमों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण, बाजार, कच्चा माल और अन्य व्यावसायिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम करता है. एनएसआईसी देश के अपने तकनीकी सेवा केंद्र के माध्यम से हाई-टेक और पारंपरिक दोनों क्षेत्रों में रोजगार उन्मुखी प्रशिक्षण उपलब्ध कराता है. इन केंद्रों पर तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ उत्पाद परीक्षण और अन्य तकनीकी सेवाएं भी उपलब्ध होती हैं.
ये कोर्स हैं उपलब्ध
एनएसआईसी के एडवांस इंटीग्रेटेड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत ब्रेड बिस्कुट और बेकरी, वायर नेल (कांटी), मसाला ग्राइंडिंग और पैकिंग समेत विभिन्न मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की व्यावहारिक जानकारी दी जाती है. हाईटेक प्रशिक्षण में आईटीआई डिप्लोमा या इंजीनियरिंग के छात्रों को 3D प्रिंटिंग, डिजाइन और रिवर्स इंजीनियरिंग, डीसीए, एडीसीए, सीसीए, रोबोटिक्स जैसे कोर्स का प्रशिक्षण दिया जाता है.
स्वरोजगार उन्मुखी प्रशिक्षण में फैशन डिजाइनिंग, टेलरिंग, असिस्टेंट नेल टेक्नीशियन, ब्यूटीशियन, डाटा एंट्री ऑपरेटर, सोलर डोमेस्टिक प्रोडक्ट असेंबलर, एडवांस्ड ब्यूटीशियन, हेयर स्पा, ब्राइडल एचडी मेकअप जैसे प्रशिक्षण दिए जाते हैं. प्रशिक्षण में युवाओं को प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने, मार्केट सर्वे, इंडस्ट्रियल विजिट और मशीनों के संचालन का व्यावहारिक ज्ञान दिया जाता है ताकि वे नौकरी के साथ-साथ अपना व्यवसाय शुरू करने की संभावनाओं को भी समझ सके.
केंद्र कब से हैं संचालित?
बता दे कि मगध विश्वविद्यालय परिसर में एनएसआईसी तकनीकी सेवा केंद्र तकरीबन 1 वर्ष से संचालित है और अब तक 800 अधिक युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. केंद्र के सेंटर हेड मनोज कुमार ने बताया कि वैसे युवा जो यहां से प्रशिक्षण लेना चाहते हैं उनका न्यूनतम उम्र 18 वर्ष होना चाहिए. न्यूनतम आठवीं पास युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाता है.
इच्छुक युवा उपर्युक्त क्षेत्र में प्रशिक्षण लेना चाहते हैं वह अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र के साथ कार्यालय में आकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. अक्टूबर महीने में डाटा एंट्री ऑपरेटर का प्रशिक्षण शुरू होने वाला है और इसमें 20 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा.