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Arun Govil Angry : मेरठ के चर्चित सेंट्रल मार्केट प्रकरण को लेकर हुई प्रेस वार्ता में उस वक्त माहौल गरमा गया, जब सांसद अरुण गोविल एक सवाल पर नाराज हो गए. उन्होंने सवाल सुनकर कहा कि कैसी बातें करते हैं आप. इसके बाद उन्होंने सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों के साथ अपनी बातचीत और समाधान को लेकर कही गई बातों का जिक्र किया. आइये जानते हैं डिटेल में..
मेरठ सेंट्रल मार्केट सवाल पर भड़के अरुण गोविल..
मेरठ : मेरठ में प्रेस कॉन्फ्रेंस चल रही थी और सवाल-जवाब का दौर था. तभी एक सवाल ऐसा आया कि मेरठ के सांसद अरुण गोविल नाराज हो गए. सवाल सुनते ही उन्होंने कहा कि ‘कैसी बातें करते हैं आप.’ पत्रकार महोदय ने मेरठ सेंट्रल मार्केट में दुकानों को गिराए जाने के मुद्दे पर सवाल पूछ लिया था. इससे सांसद महोदय ऐसा भड़के ही बीजेपी नेताओं को बीच में आना पड़ा. कुछ देर बाद गोविल साहब शांत हुए, फिर अपनी बात आराम से समझाने लगे. इस दौरान पत्रकारों का बड़ा हुजुम वहां मौजूद था. आइये जानते हैं आखिर वहां क्या हुआ था…
दरअसल, मेरठ का चर्चित सेंट्रल मार्केट प्रकरण लगातार चर्चा में है. जनप्रतिनिधियों की प्रेस वार्ता हुई थी, जिसमें सांसद अरुण गोविल भी पहुंचे थे. सवाल सेंट्रल मार्केट और सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जुड़ा था, जिस पर सांसद ने अपनी बात रखते हुए सवाल करने के तरीके पर ही नाराजगी जताई. अरुण गोविल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के ऊपर जाने या उसे क्रिटिसाइज करने जैसी बातें नहीं होनी चाहिए. उन्होंने अपनी ओर से सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों के साथ हुई बातचीत का भी जिक्र किया.
‘कभी यह नहीं कहा था कि समस्या नहीं होगी’
सांसद ने बताया कि वह जुलाई में सेंट्रल मार्केट गए थे और वहां लोगों से मिले थे. उनका कहना था कि उन्होंने कभी यह नहीं कहा था कि समस्या नहीं होगी या कार्रवाई नहीं होगी. उन्होंने व्यापारियों से कहा था कि हम इसका समाधान जरूर ढूंढेंगे. यानी उस वक्त उनके पास कोई तत्काल रास्ता नहीं था, लेकिन समाधान तलाशने की बात उन्होंने जरूर कही थी. अब अरुण गोविल का कहना है कि पहली बार उन्हें ऐसा लगा है कि समाधान का एक सिरा हाथ में आया है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कुछ परिस्थितियों और आचार संहिता की वजह से वह इस समय पूरी जानकारी विस्तार से नहीं बता सकते.
सेंट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण मामले में यूपी सरकार नई पुनर्वास नीति लाने की बात कह रही है. सरकार की ओर से कहा गया है कि शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों और निवासियों के लिए समाधान तलाशा जा रहा है. मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर के मुताबिक, करीब 650 व्यापारियों को आबादी के बीच कम किराए पर लीज पर दुकानें उपलब्ध कराने की योजना है. उन्होंने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करती है. वहीं करीब 16 हजार संपत्तियों के मामले में दोबारा सर्वे कराए जाने की बात भी सामने आई है.
आखिर अरुण गोविल ने मेरठ सेंट्रल मार्किट ध्वस्तीकरण मसले पर क्या कहा, आइये जानते हैं…
हमारे पास उनकी संवेदना को लेकर कोई और विकल्प है तो आप मुझे बताइए. कैसी बातें करते हैं आप? आप सुप्रीम कोर्ट के ऊपर जाने की बात कर रहे हैं, आप क्रिटिसाइज कर रहे हैं. आपने भी पहले कहा था कि मैं जुलाई में सेंट्रल मार्केट में गया था, बहनों से मिलने. उसके बाद मैं नहीं गया. मुझे लगा कि यही कहना था. मैंने उनसे एक बार भी यह नहीं कहा था कि बहनजी, ऐसा नहीं होगा. मैंने उनसे कहा था कि हम इसका समाधान जरूर ढूंढेंगे. कुछ न कुछ समाधान जरूर निकलेगा. सर, विद ड्यू रिस्पेक्ट, समाधान में समय लगता है. परिस्थितियां होती हैं, बहुत सारी चीजें इसमें शामिल होती हैं. अब जब पहली बार हमें लगा कि हमारे पास समाधान का एक सिरा हाथ में आ गया है, और वो भी ऐसा सिरा… मैं इसलिए कह रहा हूं कि आचार संहिता है, वरना आपको डिटेल में बता सकते थे. आज तो जमकर बोलते हैं कि सिरा हाथ में आ गया है.