नई दिल्ली. क्रिकेट के मैदान पर बल्लेबाजों को आउट करने के 10 अलग-अलग तरीके मौजूद हैं, लेकिन इनमें से ‘टाइम आउट’ सबसे दुर्लभ और यकीनन सबसे ज्यादा विवादित नियम है. क्रिकेट में आम तौर पर बोल्ड, कैच आउट या एलबीडब्ल्यू जैसे आउट होने के तरीके सबसे ज्यादा देखने को मिलते हैं, जिनमें बल्लेबाज का स्ट्राइक पर होना अनिवार्य होता है. कुछ अन्य तरीके जैसे रन आउट भी हैं जो नॉन-स्ट्राइकर को भी प्रभावित कर सकते हैं. लेकिन टाइम आउट क्रिकेट का इकलौता ऐसा दिलचस्प नियम है जो किसी बल्लेबाज को बिना स्ट्राइक लिए, बल्कि क्रीज पर पहुंचने से पहले ही पवेलियन वापस भेज सकता है.
टाइम आउट (Timed Out) का यह नियम तब लागू होता है जब किसी विकेट के गिरने या किसी खिलाड़ी के रिटायर्ड हर्ट होने के बाद मैदान पर आने वाला नया बल्लेबाज बहुत ज्यादा समय ले लेता है. अगर वह तय समय सीमा के भीतर अपनी जगह पर पहुंचकर अगली गेंद का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं होता है, तो उसे टाइम आउट करार दिया जाता है.
एमसीसी के नियम बनाम आईसीसी की प्लेइंग कंडीशंस
इस खेल के नियम बनाने वाली सबसे पुरानी संस्था मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) के कानूनों के अनुसार, किसी विकेट के गिरने या बल्लेबाज के रिटायर होने के ठीक बाद, आने वाले नए बल्लेबाज को हर हाल में तीन मिनट के भीतर गेंद खेलने के लिए तैयार होना चाहिए. यदि वह खुद स्ट्राइक पर नहीं है, तो उसे यह सुनिश्चित करना होगा कि दूसरा बल्लेबाज अगली गेंद खेलने के लिए तैयार हो. अगर कोई बल्लेबाज इस जरूरत को पूरा करने में विफल रहता है, तो उसे टाइम आउट के रूप में अपना विकेट गंवाना पड़ता है.
हालांकि, जब बात इंटरनेशनल क्रिकेट की आती है, तो क्रिकेट के नियमों और इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की प्लेइंग कंडीशंस के बीच एक छोटा लेकिन बेहद अहम अंतर देखने को मिलता है. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का संचालन करने वाली आईसीसी की प्लेइंग कंडीशंस के मुताबिक, यह समय सीमा तीन मिनट के बजाय सिर्फ दो मिनट निर्धारित की गई है. आईसीसी ने खेल में होने वाली अनावश्यक देरी को कम करने और मैच की गति को बनाए रखने के एकमात्र उद्देश्य से इस समय को घटाकर दो मिनट कर दिया है. इसका सीधा मतलब है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकेट गिरने के बाद नए बल्लेबाज को दो मिनट के भीतर अगली गेंद का सामना करने के लिए मुस्तैद रहना होगा.
फॉर्मेट के हिसाब से समय सीमा और ‘डायमंड डक’
टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट की तेज तर्रार और रोमांच को देखते हुए इस समय सीमा को और भी सख्त कर दिया गया है. सबसे छोटे यानी टी20 फॉर्मेट में बल्लेबाज के पास मैदान में आकर अगली गेंद खेलने के लिए महज 90 सेकंड का समय होता है. वहीं, टेस्ट और वनडे क्रिकेट जैसे अपेक्षाकृत लंबे प्रारूपों में यह लिमिट दो मिनट ही रहती है. दिलचस्प बात यह है कि जो बल्लेबाज टाइम आउट का शिकार होते हैं, उनका नाम रिकॉर्ड बुक में ‘डायमंड डक’ के साथ दर्ज होता है, क्योंकि उन्हें बिना एक भी गेंद का सामना किए शून्य पर आउट होकर वापस लौटना पड़ता है.
एंजेलो मैथ्यूज इंटरनेशनल क्रिकेट में पहली बार हुए इस नियम के शिकार
इंटररेशनल क्रिकेट के लंबे इतिहास में टाइम आउट होने वाले पहले खिलाड़ी श्रीलंका के दिग्गज ऑलराउंडर एंजेलो मैथ्यूज (Angelo Mathews) थे. यह ऐतिहासिक और काफी चर्चा में रही घटना 6 नवंबर 2023 को श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच खेले गए वनडे विश्व कप के ग्रुप स्टेज मैच के दौरान हुई थी. पारी के 25वें ओवर में सदीरा समरविक्रमा के आउट होने के बाद मैथ्यूज क्रीज पर आए थे. मैथ्यूज शुरुआत में समय रहते क्रीज पर पहुंच गए थे, लेकिन अचानक उन्हें महसूस हुआ कि उनके हेलमेट की ठुड्डी वाली पट्टी (चिन स्ट्रैप) टूट गई है और उन्होंने हेलमेट बदलने के लिए खेल रोक दिया.
गेंदबाज का सामना करने में मैथ्यूज द्वारा की गई इस अतिरिक्त देरी के कारण बांग्लादेश के तत्कालीन कप्तान शाकिब अल हसन ने मौके का फायदा उठाते हुए अंपायर से टाइम आउट की अपील कर दी. मैथ्यूज और पूरी श्रीलंकाई टीम के कड़े विरोध और समझाने के बावजूद अंपायर ने नियमों के तहत अपील को स्वीकार किया और बांग्लादेश को बिना कोई गेंद फेंके ही यह बहुमूल्य विकेट मिल गया.
टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट गॉडफ्रेड बाकिवेयेम टाइम आउट के शिकार हुए
इस वाकये के लगभग एक महीने बाद ही, घाना के गॉडफ्रेड बाकिवेयेम इंटरनेशनल क्रिकेट में टाइम आउट होने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए. 17 दिसंबर 2023 को अफ्रीका क्रिकेट एसोसिएशन कप के दौरान घाना और सिएरा लियोन के बीच खेले गए ग्रुप बी के टी20 मुकाबले में यह घटना घटी. यह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में टाइम आउट का पहला मामला था. सिएरा लियोन के खिलाफ 112 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए गॉडफ्रेड बाकिवेयेम घाना के छठे विकेट के रूप में टाइम आउट हुए थे. हालांकि, इस झटके के बावजूद घाना की टीम ने शानदार वापसी की और वह मैच दो विकेट से अपने नाम कर लिया.
महिला क्रिकेट में रित्शी चोडेन हुई आउट
पुरुषों के अलावा महिला क्रिकेट में भी इस कड़े नियम का असर देखने को मिल चुका है. भूटान की रित्शी चोडेन महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में टाइम आउट होने वाली पहली खिलाड़ी बनीं. 4 जून 2026 को मलेशिया में नेपाल के खिलाफ खेले गए एसीसी महिला प्रीमियर कप टी20 मैच के दौरान उन्हें इस तरह से आउट करार दिया गया था.
टेस्ट क्रिकेट में स्थिति
टी20 और वनडे क्रिकेट में इन घटनाओं के बावजूद, क्रिकेट के सबसे लंबे और पारंपरिक प्रारूप यानी टेस्ट क्रिकेट में अब तक किसी भी बल्लेबाज को टाइम आउट के जरिए आउट नहीं किया गया है. यह देखना दिलचस्प होगा कि भविष्य में सफेद जर्सी वाले क्रिकेट में इस नियम का इस्तेमाल कब और कैसे होता है.