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दिग्गज अभिनेता आशीष विद्यार्थी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल पर खुलकर अपनी बात रखी. उनका कहना है कि कंप्यूटर और इंटरनेट की तर्ज पर एआई से झिझकना स्वाभाविक है, क्योंकि यह पुरानी कार्यशैली को चुनौती देता है. इसके बावजूद, तकनीक से दूरी बनाने के बजाय उसे अपनाना ही बुद्धिमानी है. समय के साथ नए बदलावों को सीखने वाले ही आगे चलकर टिक पाएंगे, जबकि अनदेखी करने वाले पिछड़ सकते हैं.
आशीष विद्यार्थी ने एआई के इस्तेमाल पर अपनी राय रखी. (फोटो साभार: Instagram@ashishvidyarthi1)
नई दिल्ली. हिंदी सिनेमा के दिग्गज एक्टर आशीष विद्यार्थी ने दैनिक जीवन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती पैठ पर अपने विचार व्यक्त किए. उन्होंने माना कि हर नई तकनीक के आने पर मन में डर और अनिश्चितता होना स्वाभाविक है, क्योंकि यह हमारे काम करने के पारंपरिक तौर-तरीकों को पूरी तरह बदल देती है. हालांकि, एक्टर का स्पष्ट मानना है कि तकनीक से घबराने के बजाय बदलाव को स्वीकारना, नई चीजें सीखना और अपने काम को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल करना ही समझदारी है.
आईएएनएस से साथ बातचीत में आशीष विद्यार्थी ने कहा, ‘लोग पहले कंप्यूटर से डरते थे, वेब से डरने लगे थे, इंटरनेट से डरने लगे थे. डरना लाजिमी है क्योंकि आप जिस तरह से काम कर रहे थे, उसमें फर्क आएगा. मुझे ऐसा लगता है कि अगर कोई नई चीज आती है, तो इनवाइट करती है. आप अगर इसको इस्तेमाल करें, तो बहुत अच्छा है क्योंकि कुछ लोग इसको इस्तेमाल करेंगे और जो लोग इसको इस्तेमाल नहीं करेंगे, वो दरकिनार रह सकते हैं.’
एआई को एक नई संभावना के तौर पर देखते हैं आशीष विद्यार्थी
उन्होंने कहा, ‘मैं खुद भी एआई को एक नई संभावना के तौर पर देखता हूं और मानता हूं कि इससे लोगों को अपनी क्षमताओं और उपलब्धियों को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है.’ आशीष विद्यार्थी ने पश्चिम बंगाल में अदाणी ग्रुप के निवेश पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अगर किसी बड़े निवेश से लोगों को फायदा होता है, तो इससे अच्छी बात क्या हो सकती है. बहुत अच्छी बात है कि इस पहल से लोगों का भला होगा. अमीर लोग अमीर हों लेकिन इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि इसका फायदा आम जनता को भी मिले.
इन फिल्मों में अपने हुनर का जलवा बिखेर चुकी हैं एक्टर
आशीष विद्यार्थी के फिल्मी करियर की बात करें तो वह हिंदी के साथ-साथ कई दूसरी भारतीय भाषाओं की फिल्मों में भी अपनी अलग पहचान बना चुके हैं. अपने दमदार अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले आशीष विद्यार्थी ने ‘द्रोहकाल’, ‘बाजी’, ‘जीत’, ‘घातक’, ‘कहो ना प्यार है’, ‘वास्तु शास्त्र’, ‘1942: ए लव स्टोरी’ और ‘किस्मत’ जैसी फिल्मों में काम किया है. वह विलेन से लेकर सपोर्टिंग किरदारों तक कई तरह के रोल निभा चुके हैं.