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Jitiya Date 2026 : बिहार में जीउतिया यानी जीवित्पुत्रिका व्रत की छुट्टी को लेकर महिला शिक्षिकाओं ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से बड़ी मांग की है. शिक्षा विभाग के कैलेंडर में इस बार जीउतिया की छुट्टी 5 अक्टूबर को निर्धारित है, जबकि पर्व 3 अक्टूबर को मनाया जाएगा. महिला शिक्षिकाओं का कहना है कि जीउतिया के दिन महिलाएं संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. ऐसे में 3 अक्टूबर को स्कूल जाना उनके लिए मुश्किल होगा. शिक्षिकाओं ने मांग की है कि छुट्टी की तारीख में संशोधन कर 3 अक्टूबर को अवकाश घोषित किया जाए, ताकि उन्हें परेशानी न हो.
महिला शिक्षिकाओं ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है.
पटना. बिहार में जीउतिया यानी जीवित्पुत्रिका व्रत की छुट्टी को लेकर महिला शिक्षिकाओं ने बड़ी मांग की है. शिक्षा विभाग के कैलेंडर में इस बार जीउतिया की छुट्टी 5 अक्टूबर को निर्धारित की गई है, जबकि जीउतिया पर्व 3 अक्टूबर को है. ऐसे में महिला शिक्षिकाओं ने छुट्टी की तारीख में संशोधन की मांग की है. महिला शिक्षिकाओं का कहना है कि जीउतिया बिहार समेत कई राज्यों में महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण पर्व है. इस दिन महिलाएं संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. पर्व की तैयारियों और व्रत के कारण 3 अक्टूबर को स्कूल जाना महिला शिक्षिकाओं के लिए मुश्किल होगा.
शिक्षा मंत्री से तत्काल संशोधन की मांग
महिला शिक्षिकाओं ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है. शिक्षिकाओं का कहना है कि जब पर्व 3 अक्टूबर को है, तो 5 अक्टूबर की छुट्टी का कोई विशेष मतलब नहीं रह जाता. इसलिए कैलेंडर में छुट्टी की तारीख को पर्व के अनुरूप संशोधित किया जाए. शिक्षिकाओं का कहना है कि यदि 3 अक्टूबर को छुट्टी नहीं दी गई तो बड़ी संख्या में महिला शिक्षक जीउतिया के व्रत के बावजूद स्कूल जाने को मजबूर होंगी. इससे उनके लिए धार्मिक परंपरा और ड्यूटी, दोनों को लेकर परेशानी पैदा होगी.
कैलेंडर में तारीख बदलने की मांग
महिला शिक्षिकाओं ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि जीउतिया की छुट्टी को 5 अक्टूबर से बदलकर 3 अक्टूबर किया जाए. उनका कहना है कि समय रहते छुट्टी की तारीख में संशोधन कर दिया जाए, ताकि शिक्षकों और स्कूलों के बीच बाद में किसी तरह का भ्रम या परेशानी न हो. अब महिला शिक्षिकाओं की इस मांग पर शिक्षा विभाग और शिक्षा मंत्री की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर नजर है.