इस बार बुलडोजर चला नहीं, सीज हो गया, अंबेडरकरनगर में रातोंरात ऐसा क्या हुआ? जो 5 पुलिसकर्मी हुए सस्पेंड

इस बार बुलडोजर चला नहीं, सीज हो गया, अंबेडरकरनगर में रातोंरात ऐसा क्या हुआ? जो 5 पुलिसकर्मी हुए सस्पेंड


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Ambedkar Bulldozer Action : अंबेडकरनगर में गरीबों के मकान पर रात के अंधेरे में बुलडोजर चलाने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. साथ ही बुलडोजर पर भी एक्शन लिया गया है. 

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बुलडोजर सीज किए गए.

अंबेडकरनगर : योगी सरकार का जब बुलडोजर चलता है, तो माफिया या अपराधी का पूरा कुनबा कांप उठता है. मगर, इस बार बुलडोजर चलने की बजाय सीज किए गए हैं. आखिर ऐसा रातोंरात क्या हो गया, जो 3-3 बुलडोजर को सीज करना पड़ा. वहीं, पांच पुलिसकर्मियों पर भी गाज गिरी है. ये उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर से मामला सामने आया है. दरअसल, यहां तीन दिन पहले अचानक घरों-दुकानों में रात के अंधेरे में बड़ी संख्या में लोग घुस गए. जबरन बुलडोजर चलाकर कई मकानों को गिरा दिया. जब मामला प्रशासन के पास पहुंचा तो बड़ी कार्रवाई की गई. आइए जानते हैं पूरा मामला.

यह है मामला

बता दें कि 20/21 सितंबर की रात 3 जेसीबी लेकर बड़ी संख्या में लोग अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के बरियावन-किछौछा मार्ग पर पहुंचे. फिर नकाबपोश लोगों ने जबरन दुकान-मकान में तोड़फोड़ करते हुए 11 मकानों को  गिरा दिया था. इस दौरान दुकानों में रखा सामान और अन्य घरेलू सामान मलबे में दब गया. पीड़ित परिवारों का आरोप है कि तोड़फोड़ के दौरान उन्हें धमकाया गया और पुलिस को सूचना देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई. पीड़ितों ने बताया था कि वह 40 वर्षों से यहां रह रहे है. 60-70 दबंग अचानक पहुंचे और जो दो तीन परिवार थे उन्हें डरा धमका कर चुप करा दिया. दुकान और मकान पर बुल्डोजर चला कर ढहा दिया.

60 पर केस 

जब घटना की जानकारी ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रतीक्षा सिंह को मिली तो पुलिस और राजस्व टीम ने निरीक्षण किया. उन्होंने पीड़ित परिवारों से बातचीत कर घटना में हुए नुकसान की जानकारी ली और मामले की जांच शुरू कराई. पूरे घटनाक्रम में शामिल मुख्य आरोपियों में से दो को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, मामले में नामजद व अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसओजी (SOG) और पुलिस की विशेष टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं. उल्लेखनीय है कि पुलिस ने इस मामले में 50 से 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था.

कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने किया निरीक्षण

घटना की सूचना मिलते ही प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने बरियावन पहुंचकर घटनास्थल का स्थलीय निरीक्षण किया. उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया. मंत्री ने पीड़ितों को राहत पहुंचाते हुए बिना किसी ब्याज के 5-5 लाख रुपये का लोन दिलाने का वादा किया, ताकि वे अपने आशियाने को फिर से खड़ा कर सकें.

पुलिस महकमे पर गिरी गाज

मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई की गई है. सदर कोतवाल समेत 5 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. वहीं, क्षेत्राधिकारी (CO) नितीश तिवारी को पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय से सम्बद्ध (अटैच) कर दिया गया है. प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही सभी आरोपियों को जेल भेजा जाएगा.



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