Pakistan High Alert: Islamabad March|क्या होने वाला है इस्लामाबाद में? हाई अलर्ट पर पाकिस्तान 72 घंटे बाद अग्निपरीक्षा अटक में बंदूक लेकर खड़े रेंजर्स

Pakistan High Alert: Islamabad March|क्या होने वाला है इस्लामाबाद में? हाई अलर्ट पर पाकिस्तान 72 घंटे बाद अग्निपरीक्षा अटक में बंदूक लेकर खड़े रेंजर्स


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Pakistan High Security: पाकिस्तान में इस वक्त इस्लामाबाद से लेकर रावलपिंडी और अटक तक सुरक्षा इतनी टाइट है, मानो कोई बड़ा हमला होने वाला हो. दरअसल ये तैयारी जेल में बंद इमरान खान की पार्टी पीटीआई के लॉन्ग मार्च से पहले की गई है. स्थिति ये है कि कंटेनरों से रास्ते बंद किए गए हैं और संवेदनशील जगहों पर रेंजर्स की फौज तैनात है.

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पाकिस्तान में सिक्योरिटी टाइट, 27 मार्च की तैयारी. (रॉयटर्स/ फाइल फोटो)

Pakistan PTI Long March: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में 27 सितंबर को होने वाले पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के प्रस्तावित मार्च से पहले हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं.  सरकार ने राजधानी की तरफ आने वाले प्रमुख रास्तों पर सुरक्षा बढ़ा दी है और कई जगह बड़े-बड़े कंटेनर लगाए जा रहे हैं. मकसद प्रदर्शनकारियों को राजधानी तक पहुंचने से रोकना और संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा करना है. बुधवार रात से इस्लामाबाद को खैबर पख्तूनख्वा से जोड़ने वाले कई अहम रास्तों को अगले आदेश तक बंद किया जा रहा है और तैयारी ऐसी है, मानो कोई हमला होने जा रहा है.

M-1 इस्लामाबाद-पेशावर मोटरवे को इस्लामाबाद टोल प्लाजा से छाच इंटरचेंज तक दोनों दिशाओं में बंद किया गया है. इसी तरह M-14 मोटरवे पर हकला से कुंडल तक यातायात रोक दिया गया है. अटक खुर्द के पास GT रोड भी दोनों दिशाओं में बंद रहेगी. इन रास्तों के बंद होने से खैबर पख्तूनख्वा, उत्तरी पंजाब, रावलपिंडी और इस्लामाबाद के बीच आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है. हालांकि लाहौर-इस्लामाबाद M-2 मोटरवे के खुले रहने की उम्मीद है. कुल मिलाकर परिस्थिति बिल्कुल ऐसी है, मानो इस्लामाबाद कोई किला हो.

राजधानी की किलेबंदी 

इस्लामाबाद को फिलहाल एक तरह से किले में बदलने की तैयारी दिखाई दे रही है. राजधानी और अटक के अहम रास्तों पर करीब 2000 कंटेनर लगाए जाने की रिपोर्ट है. खासतौर पर उन जगहों पर बैरिकेड लगाए जा रहे हैं, जहां से प्रदर्शनकारी शहर में प्रवेश कर सकते हैं. रेड जोन, एक्सप्रेसवे, श्रीनगर हाईवे, मार्गल्ला रोड और फैसल एवेन्यू जैसे महत्वपूर्ण इलाकों में भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है.

अटक में तैनात हजारों रेंजर्स 

इस पूरे सुरक्षा प्लान में अटक जिला सबसे महत्वपूर्ण इलाकों में से एक बन गया है क्योंकि ये इलाका खैबर पख्तूनख्वा को पंजाब और इस्लामाबाद-रावलपिंडी क्षेत्र से जोड़ता है. रिपोर्टों के मुताबिक अटक में करीब 30000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जा रही है. अटक ब्रिज और हारून ब्रिज जैसे महत्वपूर्ण रास्तों पर भी कंटेनर और सुरक्षा बैरिकेड लगाए गए हैं. इस्लामाबाद में भी पंजाब और सिंध से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब से करीब 19000 और सिंध से करीब 1950 पुलिसकर्मियों के पहुंचने की व्यवस्था की गई है.

इस्लामाबाद बन चुका है छावनी 

इस्लामाबाद का हाई-सिक्योरिटी रेड जोन भी सुरक्षा घेरे में है. डी-चौक और नादरा चौक जैसे महत्वपूर्ण प्रवेश बिंदुओं पर बैरिकेड और कंटेनर लगाए जा रहे हैं. इससे आम लोगों के लिए भी आवाजाही प्रभावित हो सकती है. प्रशासन ने लोगों से प्रभावित रास्तों पर अनावश्यक यात्रा से बचने और ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करने को कहा है. इतना ही नहीं सुरक्षा व्यवस्था का असर राजधानी के स्कूलों पर भी पड़ा है. कुछ शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने या ऑनलाइन कक्षाएं चलाने का फैसला किया गया है, जबकि रावलपिंडी प्रशासन ने शहर के शैक्षणिक संस्थानों के सामान्य रूप से चलते रहने की बात कही है.

क्यों की जा रही है तैयारी?

  • PTI ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद में मार्च का ऐलान किया है. पार्टी के मुताबिक इसका प्रमुख उद्देश्य जेल में बंद उसके संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग करना है. PTI ने मार्च जारी रखने की बात कही है, जबकि सरकार का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को राजधानी में प्रवेश करके लंबे समय तक शहर बंद करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
  • फिलहाल राजधानी में सबसे ज्यादा नजर सड़कों, प्रवेश मार्गों और रेड जोन पर है. प्रमुख रास्तों को बंद करने की शुरुआत हो चुकी है, कंटेनर लगाए जा रहे हैं और अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात किया जा रहा है.
  • 27 सितंबर की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, इस्लामाबाद में सुरक्षा और आवाजाही पर प्रतिबंध बढ़ने की संभावना है. बड़ा सवाल यही है कि PTI का काफिला राजधानी तक पहुंच पाता है या रास्तों पर लगाए गए बैरिकेड और बंद किए गए हाईवे उसे रोक देते हैं.



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