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जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील आरएस पुरा सेक्टर में पाकिस्तान कबूतर मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है. इस कबूतर के पैर में एक रिंग बंधी हुई है, जिस पर ‘+92 03065920…’ नंबर लिखा हुआ है. आशंका जताई जा रही है कि यह पक्षी सीमा पार से भारतीय क्षेत्र में पहुंचा है. सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कबूतर को अपने कब्जे में लेकर पैर पर दर्ज नंबर की गहन जांच शुरू कर दी है.
जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा सेक्टर में पाकिस्तानी कबूतर मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों एक्शन में आ गई हैं.
Jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा सेक्टर में एक पाकिस्तानी कबूतर मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां एक्शन में आ गई हैं. कबूतर के पैर में एक रिंग बंधी हुई मिली है, जिस पर +92 03065920… नंबर लिखा हुआ है. +92 पाकिस्तान का इंटरनेशनल कंट्री कोड है. सुरक्षा एजेंसियों ने आरएस पुरा सेक्टर से मिले इस में कबूतर को अपने कब्जे में ले लिया है. साथ ही, उसके पैर से मिली रिंग में दर्ज नंबर की पड़ताल शुरू कर दी गई है. सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता करने की कोशिश कर रही है कि इस कबूतर को सीमा पर से किस इरादे से भेजा गया था.
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह कबूतर पाकिस्तान की तरफ से उड़कर भारतीय क्षेत्र में पहुंचा हो सकता है. हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं है कि कबूतर के वास्तव में पाकिस्तान से आया है या उसके पैर में रिंग किसने और किस मकसद से बांधी थी. सुरक्षा एजेंसियां अब इन सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं. खासतौर पर रिंग पर दर्ज मोबाइल नंबर को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है. एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह नंबर किससे जुड़ा है और कबूतर के पैर में इसे लगाने के पीछे क्या वजह थी.
लगातार जासूसी की कोशिश कर रहा है पाकिस्तान
आपको बता दें बीते कुछ दिनों पाकिस्तान लगातार सीमा पर हो रही गतिविधियों की जानकारी जुटाने की कोशिश में लगा है. इस कबूतर के मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां इस एंगल से भी मामले की जांच क रही हैं. कुछ दिनों पहले पुंछ के बेहरूती गांव के ऊपर भी पाकिस्तान का ड्रोन मंडराते हुए देखा गया था. यह ड्रोन पाकिस्तान की तरफ से आया था. भारतीय सीमा में दाखिल होने के बाद यह ड्रोन मंगलनार-दाबरोटे की ओर बढ़ा और फिर पाकिस्तान की दिशा में लौट गया. घटना के बाद सेना ने शनिवार सुबह इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था. सेना यह पता लगाने की कोशिश थी कि ड्रोन ने कहीं कोई संदिग्ध सामान तो नहीं गिराया था. फिलहाल अभी तक मौके से कोई संदिग्ध सामान नहीं मिला है. बावजूद इसके, एओसी पर निगरानी बढ़ा दी गई है और जवानों को अलर्ट पर रखा गया है.