Hormuz Attack : होर्मुज के पास जहाज पर टारपीडो अटैक, भारतीय नाविक की मौत, धू-धूकर जला MV Cape Dao

Hormuz Attack : होर्मुज के पास जहाज पर टारपीडो अटैक, भारतीय नाविक की मौत, धू-धूकर जला MV Cape Dao


ईरान-अमेरिका जंग के बीच ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ सबसे खतनाक समुद्री रास्ते के नाम से बदनाम हो चुका है. हाल ही में इस रास्ते से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. समंदर में भारत की ओर बढ़ रहे एक कमर्शियल मर्चेंट शिप ‘MV Cape Dao’ पर भीषण टॉरपीडो हमला हुआ है. इस घातक हमले में उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले भारतीय नाविक सूरज यादव की दर्दनाक मौत हो गई. सूरज यादव इस जहाज पर ‘वाइपर’ के पद पर तैनात थे और अपनी ड्यूटी निभा रहे थे. जहाज पर कुल 28 क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें से 20 भारतीय नाविक हैं.

होर्मुज में भारत आ रहे जहाज पर कैसे हुआ हमला?

होर्मुज से गुजर रहे इस जहाज पर दो-दो टॉरपीडो दागे गए, जिसके जहाज में आग लग गई और चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई. घटना के बाद से नाविकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापारिक मार्गों पर सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं.

‘फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया’ से मिली जानकारी के मुताबिक, MV Cape Dao जहाज समुद्र के रास्ते भारत की दिशा में आगे बढ़ रहा था. इसी दौरान उस पर घात लगाकर दो भीषण टॉरपीडो दागे गए.

  1. पहला हमला: पहला टॉरपीडो जहाज के पोर्ट साइड (बाएं हिस्से) के ‘C-डेक’ पर जाकर सीधे टकराया. ‘C-डेक’ जहाज का वह हिस्सा होता है जहाँ क्रू मेंबर्स के रहने के कमरे होते हैं. इसी इलाके में अचानक हुए धमाके से अफरा-तफरी मच गई.
  2. दूसरा हमला: दूसरा टॉरपीडो जहाज के निचले ढांचे पर, पोर्ट साइड में इंजन रूम के ठीक पास लगा.

टॉरपीडो टकराते ही जहाज के भीतर भयानक धमाका हुआ और उसमें आग लग गई. सामने आए वीडियो फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि समुद्र के बीचो-बीच खड़ा यह विशालकाय जहाज धू-धू कर जल रहा है और इसके ऊपरी हिस्से से काले धुएं का गुबार उठकर आसमान में फैल रहा है. पास ही गश्ती नाव पर तैनात सशस्त्र कर्मी इस जलते हुए जहाज को बेबसी से देख रहे हैं.

28 में से 20 नाविक भारतीय: जहाजों पर बढ़ा जान का खतरा

इस दर्दनाक हादसे की सबसे चिंताजनक बात ये है कि MV Cape Dao पर मौजूद 28 क्रू मेंबर्स में से 20 नाविक भारतीय नागरिक हैं. हमले के वक्त जहाज पर मौजूद सभी लोग अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे.

समुद्र में बिना किसी उकसावे के कमर्शियल जहाजों पर हो रहे ये हमले निर्दोष नाविकों की जान के दुश्मन बनते जा रहे हैं. अपने परिवार की रोजी-रोटी कमाने के लिए महीनों तक समुद्र की लहरों पर रहने वाले इन नाविकों को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि उन पर अचानक इस तरह मौत बनकर टॉरपीडो आ गिरेंगे.

FSUI की चेतावनी: ‘सुरक्षा, न्याय और जवाबदेही तय हो’

इस दुखद घटना के सामने आते ही नाविकों के बड़े संगठन ‘फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया’ (FSUI) ने गहरा शोक जताने के साथ-साथ कड़ा रुख अपनाया है. FSUI ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और भारत सरकार से तुरंत एक्रशन लेने की अपील की है.

  1. सूरज यादव को न्याय: सूरज यादव की हत्या और इस हमले के जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और कानूनी इंसाफ मिले.
  2. भारतीय नाविकों की सुरक्षा: होर्मुज और रेड सी जैसे संवेदनशील समुद्री इलाकों में सफर कर रहे भारतीय और अन्य विदेशी नाविकों को सुरक्षित रास्ता मुहैया कराया जाए.
  3. जवाबदेही तय हो: युद्ध या क्षेत्रीय तनाव के नाम पर असैनिक नाविकों और व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने वाली ताकतों की तुरंत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जवाबदेही तय होनी चाहिए.

यूनियन का कहना है कि अगर इस तरह सिविलियन जहाजों पर हमले होते रहे, तो दुनिया भर के नाविकों के लिए काम करना नामुमकिन हो जाएगा.

होर्मुज क्यों बनता जा रहा ‘डेथ जोन’?

‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ दुनिया का सबसे अहम और बिजी समुद्री तेल व्यापार मार्ग माना जाता है. फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ने वाले इस बेहद संकरे रास्ते से होकर दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल गुजरता है.

लेकिन पिछले कुछ समय से मध्य पूर्व में जारी राजनीतिक और सैन्य तनाव की वजह से ये इलाका मर्चेंट शिप्स के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है. ड्रोन हमले, मिसाइल स्ट्राइक, बारूदी सुरंगे और अब टॉरपीडो हमले—इन सबने इस पूरे सी-रूट को नाविकों के लिए एक ‘डेथ जोन’ में बदल दिया है.

कमर्शियल जहाजों का किसी भी युद्ध या राजनीति से कोई लेना-देना नहीं होता, फिर भी उन्हें बार-बार निशाना बनाया जाना अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाने जैसा है.



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