Garib Rath Train: रेलवे को गरीब रथ ट्रेन चलाने की जरूरत क्यों पड़ी? कौन सी खासियत बनी लोगों की पसंद

Garib Rath Train: रेलवे को गरीब रथ ट्रेन चलाने की जरूरत क्यों पड़ी? कौन सी खासियत बनी लोगों की पसंद


What is Garib Rath Express: भारतीय रेलवे को देश की लाइफलाइन मानी जाती है. हर दिन करोड़ों यात्री ट्रेनों से सफर करते हैं. जब भी आरामदायक और एयर कंडीशन सफर की बात आती है, तो अमूमन लोगों के मन में महंगे टिकट और भारी-भरकम बजट का ख्याल आता है. लेकिन भारतीय रेलवे की गरीब रथ एक्सप्रेस ने इस सोच को पूरी तरह बदलकर रख दिया है. कम खर्च में आरामदायक AC सफर की चाह रखने वाले यात्रियों के लिए यह ट्रेन फायदे का सौदा है. लेकिन गरीब रथ क्या है? इसकी शुरुआत कैसे हुई? इसकी क्या खासियतें हैं? आइए समझते हैं.

गरीब रथ ट्रेन क्या है?
गरीब रथ एक्सप्रेस भारतीय रेलवे की तरफ से ऑपरेटेड एक No-Frills प्रीमियम सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन है. नो फ्रिल्स मतलब कि बिना किसी अधिक लग्जरी या फैन्सी फीचर्स के यह पूरी तरह से फुली एयर-कंडीशंड ट्रेन होती है. इसे स्पेशली इस तरह डिजाइन किया गया है कि मिडिल क्लास और लो इनकम ग्रुप के लोग भी लंबी दूरी का सफर किफायती दामों में AC क्लास में पूरा कर सकें. इस ट्रेन की रफ्तार सामान्य एक्सप्रेस ट्रेनों की तुलना में तेज होती है और इसे प्रीमियम ट्रेनों की तरह ही रूट पर प्रायॉरिटी दी जाती है.

इसकी शुरुआत क्यों की गई थी?
गरीब रथ ट्रेन सेवा की शुरुआत 2006 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल के दौरान की गई थी. इस ट्रेन को शुरू करने का सबसे मुख्य मकसद देश के आम नागरिकों, गरीब और मिडिल क्लास परिवारों को सस्ती रेट पर वातानुकूलित सफर की सुविधा देना था.

उस समय आम एक्सप्रेस ट्रेनों के स्लीपर क्लास और AC-3 टियर के किराए में काफी बड़ा अंतर होता था. बहुत से लोग गर्मी या धूल-मिट्टी की वजह से AC में सफर करना चाहते थे लेकिन भारी किराए के कारण नहीं कर पाते थे. इसी खाई को पाटने के लिए ‘गरीब रथ’ का कॉन्सेप्ट लाया गया.

इसका नाम गरीब रथ क्यों पड़ा?
इस ट्रेन के नाम के पीछे एक दिलचस्प और सीधा सामाजिक संदेश जुड़ा हुआ है. इसमें गरीब शब्द दर्शाता है कि यह ट्रेन सामान्य और कम इनकम ग्रुप के लोगों को ध्यान में रखकर बनाई गई है. वहीं रथ शब्द का इस्तेमाल शाही, तेज और सम्मानजनक सवारी के संकेत के तौर पर किया जाता है.

लालू प्रसाद यादव का मानना था कि AC में सफर करने का हक सिर्फ अमीरों को ही नहीं, बल्कि गरीबों और आम जनता को भी है. इसीलिए एक ऐसी ट्रेन जो गरीब और मिडिल क्लास के आदमी को ‘शाही रथ’ जैसी AC सुविधाएं बहुत कम दाम में दे, उसका नाम गरीब रथ रखा गया.

गरीब रथ बाकी ट्रेनों से अलग क्यों है?  
गरीब रथ एक्सप्रेस कई मायनों में सामान्य ट्रेनों जैसे कि राजधानी, एक्सप्रेस या सुपरफास्ट से अलग है. आइए गौर करते हैं कि इसमें क्या खासियत होती है?

  • कम किराया: इसका किराया सामान्य ट्रेनों के AC 3-टियर के किराए से करीब 30 प्रतिशत से 40 प्रतिशत तक सस्ता होता है.
  • अधिक सीटें: इसमें कोच के साइड में 2 की बजाय 3 बर्थ यानी कि साइज लोअर, साइड मिडिल, साइड अपर बर्थ होती हैं, जिससे एक कोच में 72 की जगह 81 या 102 यात्री सफर कर सकते हैं.
  • बेडशीट/कंबल का अलग चार्ज: किराए को कम रखने के लिए इसमें बेडिंग यानी बेडशीट, तकिया, कंबल का खर्च टिकट में शामिल नहीं होता है. यात्री चाहें तो 25 से 30 रुपये की अलग फीस देकर इसे ले सकते हैं.
  • कोई पैंट्री कार नहीं: किराए और रखरखाव की लागत घटाने के लिए इसमें इन-बिल्ट पैंट्री कार नहीं होती, हालांकि ऑन-बोर्ड कैटरिंग के जरिए भोजन और पानी उपलब्ध कराया जाता है.
  • रंग वाली अलग पहचान: हरे और पीले रंग वाले कोच ही गरीब रथ ट्रेन को दूर से ही एक अलग पहचान देते हैं.

सबसे पहली गरीब रथ ट्रेन कहां से कहां तक चली थी?
देश की सबसे पहली गरीब रथ एक्सप्रेस 5 अक्टूबर 2006 को पटरी पर उतरी थी. यह ट्रेन बिहार के सहरसा जंक्शन से दिल्ली के हजरत निज़ामुद्दीन के बीच चलाई गई थी. अपनी पहली ही यात्रा से यह ट्रेन यात्रियों के बीच बेहद लोकप्रिय हो गई और इसकी सफलता को देखते हुए रेलवे ने देश के अन्य प्रमुख शहरों के लिए भी गरीब रथ ट्रेनें शुरू कीं.

गरीब रथ ट्रेनें कहां से कहां तक चलती हैं?
पहली ट्रेन की सफलता के बाद भारतीय रेलवे ने देश के करीब सभी प्रमुख महानगरों और प्रदेश की राजधानियों को जोड़ने के लिए गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेनों का नेटवर्क फैलाया.

मौजूदा स्थिति पर गौर करें तो देश भर में 25 से अधिक गरीब रथ ट्रेन विभिन्न रूट्स पर संचालित हो रही हैं. इनमें कुछ प्रमुख रूट पर नजर डालते हैं.

  • हजरत निजामुद्दीन बांद्रा टर्मिनस (मुंबई) (12909 / 12910)
  • हजरत निजामुद्दीन चेन्नई सेंट्रल (12611 / 12612)
  • आनंद विहार टर्मिनस जयनगर (12435 / 12436)
  • आनंद विहार टर्मिनस भागलपुर (22405 / 22406)
  • मुंबई बांद्रा हजरत निज़ामुद्दीन
  • कोलकाता (हावड़ा/सियालदह) गुवाहाटी/पुरी
  • सिकंदराबाद विशाखापट्टनम / यशवंतपुर (बेंगलुरु)
  • जबलपुर छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (मुंबई)



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