आजकल मेकअप में हैवी फाउंडेशन और बहुत ज्यादा पाउडर की जगह ग्लोइंग और नेचुरल बेस का ट्रेंड काफी पसंद किया जा रहा है. इसी में ग्लास स्किन मेकअप भी शामिल है. इसका मकसद चेहरे को इतना मेकअप से ढकना नहीं है कि स्किन की नेचुरल बनावट ही गायब हो जाए, बल्कि चेहरे पर ऐसा ग्लो और हाइड्रेशन दिखाना है जिससे त्वचा फ्रेश और स्मूद नजर आए. हालांकि असली स्किन में पोर्स होना बिल्कुल सामान्य है, इसलिए ग्लास स्किन का मतलब सच में पोर्स-लेस चेहरा नहीं है.
अगर आप चाहती हैं कि मेकअप पास से भी केकी न लगे, तो इन 4 रूल्स को फॉलो कर सकती हैं.
1. मेकअप से पहले स्किन को अच्छी तरह तैयार करें
ग्लास स्किन मेकअप का सबसे जरूरी हिस्सा बेस लगाने से पहले की स्किन प्रेप है. सबसे पहले चेहरे को किसी माइल्ड क्लींजर से साफ करें. इसके बाद अपनी स्किन के हिसाब से मॉइश्चराइजर लगाएं. American Academy of Dermatology के मुताबिक स्किनकेयर में मॉइश्चराइजर और सनस्क्रीन के बाद मेकअप लगाया जाना चाहिए. अगर त्वचा बहुत ड्राई है, तो मेकअप सीधे लगाने पर फाउंडेशन पैची और ज्यादा टेक्सचर्ड दिखाई दे सकता है. इसलिए मॉइश्चराइजर को कुछ समय त्वचा में बैठने दें.
2. हैवी फाउंडेशन की मोटी लेयर न लगाएं
ग्लास स्किन लुक में बहुत ज्यादा फाउंडेशन लगाने के बजाय हल्की और बिल्डेबल कवरेज बेहतर रहती है. Skin tint, BB cream या हल्के टेक्सचर वाला फाउंडेशन इस्तेमाल किया जा सकता है. प्रोडक्ट को एक साथ मोटी लेयर में लगाने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में लगाएं और जरूरत वाली जगहों पर ही दूसरी लेयर लगाएं. ग्लास स्किन मेकअप गाइड्स भी sheer, luminous base को इस लुक के लिए इस्तेमाल करने की सलाह देती हैं.
3. क्रीम वाले प्रोडक्ट्स चुनें, पाउडर कम रखें
चेहरे को नेचुरल और ग्लोइंग दिखाने के लिए क्रीम ब्लश या लिक्विड हाईलाइटर जैसे प्रोडक्ट्स इस्तेमाल किए जा सकते हैं. बहुत ज्यादा पाउडर पूरे चेहरे पर लगाने से dewy finish कम हो सकती है. इसलिए पाउडर को सिर्फ उन हिस्सों पर लगाएं जहां मेकअप जल्दी क्रीज या ऑयली होता है, जैसे नाक के आसपास या अंडर-आई एरिया.
4. ग्लो के चक्कर में बहुत ज्यादा प्रोडक्ट न लगाएं
ग्लास स्किन का मतलब चेहरे पर ढेर सारा हाईलाइटर लगाना नहीं है. बहुत ज्यादा लेयरिंग से मेकअप भारी दिख सकता है और टेक्सचर ज्यादा नजर आ सकता है. बेहतर है कि हाईलाइटर को चेहरे के उन हिस्सों पर हल्का लगाएं जहां नेचुरल तरीके से रोशनी पड़ती है, जैसे गालों की ऊपरी हड्डी और नाक का हल्का हिस्सा.
एक और जरूरी बात है कि मेकअप टूल्स साफ रखें. AAD के मुताबिक गंदे ब्रश और स्पंज से बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं और त्वचा पर ब्रेकआउट या इरिटेशन का खतरा बढ़ सकता है. मेकअप स्पंज को हर इस्तेमाल के बाद साफ करने और ब्रश को नियमित रूप से धोने की सलाह दी जाती है.