Last Updated:
EPS Pension Calculation : आपकी बेसिक सैलरी का 12% हिस्सा PF में कटता है और कंपनी भी 12% मिलाती है. कंपनी के इस 12% में से 8.33% हिस्सा EPS फंड में और शेष 3.67% EPF खाते में जाता है. अब बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी होने से पेंशन भी बढ़ जाएगी.
बेसिक वेतन लिमिट बढने से पेंशन में भी वृद्धि होगी.
नई दिल्ली. सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) और कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत वेतन सीमा (Wage Limit) को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह कर दिया है. इस फैसले की सबसे बड़ा असर कर्मचारी की रिटायरमेंट के बाद हर महीने बैंक खाते में आने वाली ईपीएस पेंशन पर पड़ेगा. नई वेज सीलिंग लागू होने से पेंशन में सीधे 66.6% तक का बंपर उछाल आना तय है. EPFO के तय फॉर्मूले से इस बढोतरी के बाद 10 से लेकर 25 साल की सर्विस पर आपको पेंशन में कितना फायदा होगा, आज हम आपको ये बताएंगे.
मंथली पेंशन ईपीएफओ के एक तय फॉर्मूले से बनती है. यह है- मासिक पेंशन = पेंशन योग्य वेतन X पेंशन योग्य सेवा ÷ 70. पहले पेंशन योग्य वेतन ₹15,000 था, जो अब बढ़कर ₹25,000 हो गया है. पेंशन योग्य सेवा से मतलब आपकी नौकरी के कुल वर्ष से है. यहां यह समझना भी जरूरी है कि ईपीफओ के नियमानुसार, यदि किसी कर्मचारी की सर्विस 20 साल या उससे अधिक हो जाती है, तो उसे सरकार की तरफ से 2 साल का ‘सर्विस बोनस’ अतिरिक्त मिलता है.
कितनी बढ़ जाएगी पेंशन
आपकी बेसिक सैलरी का 12% हिस्सा PF में कटता है और कंपनी भी 12% मिलाती है. कंपनी के इस 12% में से 8.33% हिस्सा EPS फंड में और शेष 3.67% EPF खाते में जाता है. अगर आपकी बेसिक सैलरी ₹25,000 या उससे अधिक है, तो सर्विस के अलग-अलग पड़ावों पर मिलने वाली पेंशन में अंतर होगा.
| नौकरी की अवधि (Service Years) | बोनस वर्ष | कुल कैलकुलेटेड वर्ष | पुरानी सीलिंग (₹15,000) पर पेंशन | नई सीलिंग (₹25,000) पर पेंशन | हर महीने पेंशन में बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|---|---|
| 10 वर्ष | 0 साल | 10 वर्ष | ₹2,143 | ₹3,571 | + ₹1,428 |
| 15 वर्ष | 0 साल | 15 वर्ष | ₹3,214 | ₹5,357 | + ₹2,143 |
| 20 वर्ष | 2 साल | 22 वर्ष | ₹4,714 | ₹7,857 | + ₹3,143 |
| 25 वर्ष | 2 साल | 27 वर्ष | ₹5,786 | ₹9,643 | + ₹3,857 |
अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹30,000 प्रति माह है और उसने पूरे 20 साल तक नौकरी की है, तो नई लिमिट से उसकी पेंशन में जबरदस्त उछाल आएगा. ईपीएफओ के नियमानुसार, 20 साल की सेवा पूरी होने पर 2 साल का बोनस जुड़ जाता है, जिससे पेंशन की गणना के लिए कुल सर्विस 22 साल मानी जाती है. पुरानी व्यवस्था में अधिकतम वेतन सीमा ₹15,000 तय थी, जिसमें हर महीने ₹4,714 की पेंशन बनती थी. लेकिन अब ₹25,000 की नई सीलिंग लागू होने पर इसी फॉर्मूले यानी 25,000 X 22 ÷ 70 से मासिक पेंशन सीधे बढ़कर ₹7,857 हो जाएगी. इसका सीधा मतलब यह है कि कर्मचारी को हर महीने ₹3,143 का अतिरिक्त फायदा होगा.