12वीं के बाद CA बनने में आएगा कितना खर्च? फाउंडेशन से फाइनल तक, समझिए पूरा फीस स्ट्रक्चर

12वीं के बाद CA बनने में आएगा कितना खर्च? फाउंडेशन से फाइनल तक, समझिए पूरा फीस स्ट्रक्चर


पटना. 12वीं के बाद बहुत से स्टूडेंट्स चार्टर्ड अकाउंटेंट यानी सीए बनने का सपना देखते हैं, लेकिन पढ़ाई शुरू करने से पहले उनके मन में सबसे बड़ा सवाल होता है कि आखिर सीए बनने में कुल कितना खर्च आएगा? क्या सिर्फ संस्थान की फीस देनी होती है या परीक्षा और कोचिंग के लिए भी अलग से पैसे देने पड़ते हैं? इन सवालों का जवाब खोजने के लिए लोकल 18 ने पटना के सीए अभिषेक मिश्रा से बातचीत की.

उन्होंने बताया कि सीए बनने के लिए 12वीं के बाद छात्र को फाउंडेशन स्तर से शुरुआत करनी होती है. इसके बाद इंटरमीडिएट और फिर फाइनल स्तर आता है. यानी CA की पढ़ाई को मुख्य रूप से तीन चरणों में समझा जा सकता है. हर चरण में संस्थान की रजिस्ट्रेशन फीस अलग होती है. इसके अलावा परीक्षा फॉर्म, मैंडेटरी ट्रेनिंग और कोचिंग का खर्च अलग-अलग हो सकता है.

फाउंडेशन से शुरू होती है सीए की पढ़ाई
12वीं के बाद स्टूडेंट्स सीए फाउंडेशन में प्रवेश ले सकता है. इस स्तर पर इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की रजिस्ट्रेशन फीस करीब 10 हजार रुपये के आसपास है. इसके अलावा परीक्षा के समय परीक्षा फॉर्म भरने के लिए अलग से शुल्क देना होता है. हालांकि, फाउंडेशन की तैयारी के लिए कोचिंग लेना जरूरी नहीं है. छात्र अपनी जरूरत और बजट के अनुसार इंस्टीट्यूट की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली कक्षाओं का सहारा ले सकता है या फिर निजी कोचिंग संस्थान और शिक्षक से पढ़ाई कर सकता है.

अगर छात्र निजी कोचिंग लेता है तो फीस एक जैसी नहीं होती. ऑनलाइन और ऑफलाइन कक्षाओं की फीस अलग हो सकती है. इसी तरह किसी बड़े शहर या महानगर में कोचिंग लेने और छोटे शहर में कोचिंग लेने की लागत में भी अंतर हो सकता है.

इंटरमीडिएट में बढ़ता है खर्च
फाउंडेशन पास करने के बाद छात्र सीए इंटरमीडिएट के लिए पंजीकरण कराता है. इंटरमीडिएट में दो ग्रुप होते हैं. दोनों ग्रुपों के लिए इंस्टीट्यूट की पंजीकरण फीस करीब 20 हजार रुपये के आसपास होती है. इसके बाद परीक्षा देने के समय परीक्षा शुल्क अलग से देना होता है.

इंटरमीडिएट में भी कोचिंग का खर्च छात्र के चुनाव पर निर्भर करता है. संस्थान की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली कक्षाएं कम लागत में हो सकती हैं. वहीं निजी कोचिंग की फीस ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम के अनुसार बदल सकती है.

फाइनल लेवल पर कितनी फीस?
CA की पढ़ाई के अंतिम चरण यानी Final में भी दो ग्रुप होते हैं. यहां दोनों ग्रुपों के लिए संस्थान की पंजीकरण फीस करीब 25 हजार रुपये के आसपास बताई गई है. फाइनल स्तर पर भी परीक्षा फॉर्म भरने के समय परीक्षा शुल्क अलग से देना पड़ता है. इसके अलावा छात्र अपनी तैयारी के लिए संस्थान की कक्षाएं या निजी कोचिंग का विकल्प चुन सकता है.

सिर्फ तीन स्तर की फीस ही नहीं होती
सीए की पढ़ाई के दौरान केवल Foundation, Intermediate और Final की पंजीकरण फीस ही खर्च नहीं होती. अलग-अलग चरणों पर कुछ अनिवार्य कार्यक्रम और प्रशिक्षण भी होते हैं. इनमें कंप्यूटर से संबंधित कार्यक्रम और अन्य अनिवार्य प्रशिक्षण शामिल हो सकते हैं. इन कार्यक्रमों की भी अपनी फीस होती है, जिसे संबंधित चरण पर छात्र को देना पड़ता है. इसलिए CA की कुल लागत का अनुमान लगाते समय इन खर्चों को भी ध्यान में रखना जरूरी है.

करीब 2 लाख रुपये में हो सकती है पढ़ाई?
अगर छात्र मुख्य रूप से संस्थान यानी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के माध्यम से पढ़ाई करता है और बाहर की महंगी कोचिंग नहीं लेता है, तो पूरी CA पढ़ाई का खर्च करीब 2 लाख रुपये के आसपास रह सकता है. हालांकि यह बस अनुमान है. अगर छात्र निजी कोचिंग संस्थानों और निजी शिक्षकों से पढ़ाई करता है, तो यही खर्च काफी बढ़ सकता है. कुछ परिस्थितियों में करीब दोगुना तक भी हो सकता है.

कई बातों पर निर्भर करता है खर्च
ऑनलाइन या ऑफलाइन पढ़ाई, शहर, विषय या ग्रुप कोचिंग और छात्र द्वारा चुनी गई सुविधाओं के आधार पर अंतिम खर्च अलग-अलग होगा. इसलिए CA की तैयारी शुरू करने वाले छात्रों को केवल संस्थान की रजिस्ट्रेशन फीस देखकर बजट नहीं बनाना चाहिए. परीक्षा शुल्क, अनिवार्य प्रशिक्षण और कोचिंग समेत पढ़ाई से जुड़े दूसरे खर्चों को भी ध्यान में रखकर अपना बजट तैयार करना बेहतर होगा.



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