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Mukhyamantri Krishak Samridhi Yojana : मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना से छोटे किसानों को बहुत राहत मिलने वाली है. योगी सरकार ने यूपी के किसानों का बोझ हल्का करने का फैसला ले लिया है. आइए जानते हैं इस योजना से किसानों को क्या फायदा होगा, कैसे अप्लाई करना होगा, कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए.
क्या है मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना? (एआई तस्वीर)
Chief Minister’s Farmer Prosperity Scheme : आप सभी को पता है कि आज सीएम योगी आदित्यनाथ किसानों को बड़ी सौगात देने जा रहे हैं. इससे उनका भार तो कम होगा ही, इसके साथ-साथ टेंशन भी कम हो जाएगी. हम बात कर रहे हैं मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना की. योगी सरकार ने यूपी के किसानों के लिए खेती से जुड़े खर्चों को पूरा करने के लिए इस योजना को शुरू करने का ऐलान कर दिया है. आइए जानते हैं कि आखिर क्या है ये स्कीम, किन लोगों को मिलेगा लाभ, इसके लिए कैसे करेंगे आवेदन, कौन -कौन से दस्तावेज चाहिए होंगे.
क्या है मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना?
उत्तर प्रदेश सीएम योगी आदित्यनाथ नई स्कीम ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ के लिए आज e-Portal लॉन्च करने वाले हैं. यह योजना किसानों के लिए है. इसके तहत किसानों को 6 लाख रुपये तक का लोन देने की सुविधा दी जाएगी. वहीं इस लोन के लिए किसानों को रियायती दरों पर 6 प्रतिशत ब्याज दर पर लोन दिया जाएगा. हालांकि इसमें कुछ शर्तें भी रखी गई हैं. यूपी सरकार ने इस योजना के तहत 384 करोड़ मंजूर करने और 5 साल में पांच लाख किसानों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है.
इस योजना का क्या है मकसद ?
सरकार का उद्देश्य किसानों को खेती के लिए जरूरी पूंजी उपलब्ध कराना और उन्हें अधिक ब्याज वाले कर्ज से राहत दिलाना है. खेती में सिंचाई की व्यवस्था, कृषि उपकरण खरीदने, खेत के विकास और अन्य जरूरी कामों के लिए किसानों को अक्सर कर्ज की जरूरत पड़ती है. ऐसे में कम ब्याज दर पर उपलब्ध होने वाला यह ऋण किसानों के लिए उपयोगी हो सकता है. योजना का संचालन उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के माध्यम से किया जाएगा.
क्या है शर्त ?
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना में किसानों को ब्याज के स्तर पर राहत देने के लिए राज्य सरकार की ओर से करीब 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिए जाने की बात कही गई है. यह लाभ निर्धारित नियमों और समय पर ऋण की किस्त चुकाने वाले पात्र किसानों को मिलने की व्यवस्था बताई गई है. यानी योजना का लाभ लेने वाले किसानों को ऋण की शर्तों का पालन करना होगा. समय पर किस्तों का भुगतान करना भी जरूरी होगा. ब्याज अनुदान और ऋण की अंतिम शर्तें सरकार की ओर से जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार लागू होंगी.
कौन ले सकता है योजना का लाभ?
- योजना का लाभ लेने के लिए किसान का उत्तर प्रदेश का पात्र निवासी होना जरूरी होगा.
- इसके अलावा खेती से जुड़े वैध दस्तावेज और जमीन के रिकॉर्ड भी आवश्यक होंगे.
- इनमें खसरा-खतौनी जैसे भूमि संबंधी दस्तावेज शामिल हो सकते हैं.
- ऋण देने से पहले बैंक आवेदक की पात्रता, जमीन से जुड़े दस्तावेज और अन्य जरूरी कागजात की जांच करेगा.
- इसके बाद ही ऋण स्वीकृत करने का निर्णय लिया जाएगा.
- यदि किसान ने पहले से कोई कर्ज लिया हुआ है तो आवेदन के समय उसकी जानकारी सही-सही देना जरूरी होगा.
- किसानों को सलाह दी गई है कि आवेदन करने से पहले अपने भूमि रिकॉर्ड और अन्य जरूरी दस्तावेजों को अपडेट करा लें.
कैसे करें आवेदन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज योजना के लिए ई-पोर्टल लॉन्च करने वाले हैं. पोर्टल शुरू होने के बाद पात्र किसान इसके माध्यम से योजना के लिए आवेदन कर सकेंगे. इसके अलावा, उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड की नजदीकी शाखा से संपर्क करके भी आवेदन प्रक्रिया और पात्रता की जानकारी ले सकते हैं.
इन दस्तावेजों की जरूरत
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- पासपोर्ट साइज फोटो
- बैंक खाते की जानकारी
- निवास प्रमाण
- जमीन से जुड़े दस्तावेज और खसरा-खतौनी
- कृषि कार्य से संबंधित जानकारी
अगर किसान किसी विशेष कृषि परियोजना के लिए ऋण ले रहा है तो बैंक की ओर से प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी मांगी जा सकती है. इसमें प्रस्तावित कृषि कार्य की लागत, जरूरत और उससे संबंधित विवरण देना पड़ सकता है. आवेदन जमा करने के बाद बैंक की ओर से किसान की पात्रता और दस्तावेजों की जांच की जाएगी. ऋण की स्वीकृति बैंक की निर्धारित प्रक्रिया, किसान की पात्रता और योजना की शर्तों के आधार पर होगी. किसानों को आवेदन शुरू करने से पहले अपने जमीन संबंधी रिकॉर्ड की जांच कर लेने और पुराने ऋण या बकाया की सही जानकारी उपलब्ध कराने की सलाह दी गई है.