इस ऐतिहासिक शहर में बनेगा एशिया का पहला टेलीकॉम जोन, ₹5500 करोड़ का निवेश और नौकरियों की लगेगी कतार

इस ऐतिहासिक शहर में बनेगा एशिया का पहला टेलीकॉम जोन, ₹5500 करोड़ का निवेश और नौकरियों की लगेगी कतार


Last Updated:

Telecom Manufacturing Zone : ग्‍वालियर में बनने वाले टेलीकॉम जोन में एक साझा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होगा, जहां टेस्टिंग सुविधाएं, लॉजिस्टिक्स, कुशल मैनपावर और मजबूत सप्लाई चेन एक ही छत के नीचे मौजूद रहेंगी. इससे कंपनियों की उत्पादन लागत और समय दोनों में भारी कमी आएगी.

Zoom

प्रस्तावित TMZ को ग्वालियर की श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी (SADA) और ग्वालियर आईटी पार्क में विकसित किया जा रहा है.

नई दिल्‍ली. मध्य प्रदेश का ऐतिहासिक शहर ग्वालियर अब सिर्फ अपने किलों और शाही विरासत के लिए नहीं, बल्कि एशिया के सबसे बड़े टेक क्रांति के केंद्र के रूप में पहचान बनाने जा रहा है. ग्वालियर में एशिया का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) स्थापित किया जाएगा. इसके लिए 170 एकड़ जमीन चिन्ह्ति की गई है. इस परियोजना के तहत ₹5,500 करोड़ का भारी-भरकम निवेश आने का अनुमान है. यह टेलीकॉम हब 18,000 से अधिक डायरेक्‍ट जॉब्‍स पैदा करेगा.

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दूरसंचार विभाग के शीर्ष अधिकारियों के साथ हाल ही में इस परियोजना की समीक्षा की थी. यह प्रोजेक्ट केवल फैक्ट्रियां लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां टेलीकॉम निर्माण का एक पूरा औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है. अब तक करीब 24 बड़ी कंपनियों ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स लगाने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है.

एक ही जगह सब सुविधाएं

टेलीकॉम हब में एक साझा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होगा, जहां टेस्टिंग सुविधाएं, लॉजिस्टिक्स, कुशल मैनपावर और मजबूत सप्लाई चेन एक ही छत के नीचे मौजूद रहेंगी. इससे कंपनियों की उत्पादन लागत और समय दोनों में भारी कमी आएगी.

170 एकड़ जमीन भी पड़ी कम

प्रस्तावित TMZ को ग्वालियर की श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी (SADA) और ग्वालियर आईटी पार्क में विकसित किया जा रहा है. एसएडीए क्षेत्र में पहले चरण के लिए लगभग 90 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है. आईटी पार्क में करीब 70 एकड़ जमीन आवंटित होगी. कुल 170 एकड़ जमीन इस हब के लिए रखी गई है. लेकिन कंपनियों के उत्साह को देखते हुए यह जमीन भी कम पड़ने लगी है. निवेशकों के आवेदन उपलब्ध जमीन की क्षमता से कहीं अधिक हैं. इसके चलते प्रशासन पहले चरण के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि की पहचान करने में जुट गया है.

6 प्रमुख वर्टिकल्स और ₹500 करोड़ की हाई-टेक टेस्टिंग लैब

ग्वालियर का यह टेलीकॉम जोन इंडस्ट्री के छह प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग वर्टिकल्स पर आधारित होगा. यहां 5G/6G उपकरण, नेटवर्क गियर्स, ट्रांसमिशन डिवाइसेज और सूक्ष्म इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का बड़े पैमाने पर उत्पादन होगा. उत्पादों की गुणवत्ता और ग्लोबल सर्टिफिकेशन के लिए दूरसंचार विभाग यहां ₹500 करोड़ की लागत से एक आधुनिक ‘कॉमन टेस्टिंग लैब’ स्थापित की जाएगी. मध्य प्रदेश सरकार ने निवेशकों के लिए विशेष इंसेंटिव पैकेज तैयार किया है, जिससे ग्वालियर देश के नक्शे पर एक ग्लोबल टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस के रूप में उभरने के लिए पूरी तरह तैयार है.

दिल्ली-मुंबई किया रोडशो

टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के लिए पिछले महीने दिल्ली और मुंबई में आयोजित हाई-प्रोफाइल इन्वेस्टर रोडशो किए गए. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और ज्योतिरादित्य सिंधिया की अगुवाई में हुए इन सम्मेलनों में उद्योग जगत ने ग्वालियर में निवेश का वादा किया. दिल्ली रोडशो से करीब ₹3,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव आने की संभावना है. मुंबई रोडशो से करीब ₹2,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव आने की उम्‍मीद है.



Source link