गयाजी: नौकरी, पढ़ाई, व्यवसाय, पर्यटन या परिवार से जुड़े कारणों से विदेश जाने वाले भारतीय नागरिकों के लिए पासपोर्ट आवश्यक होता है. आम तौर पर पासपोर्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद दस्तावेजों की जांच, फोटो और बायोमेट्रिक जैसी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है, लेकिन दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुविधा देने के लिए समय-समय पर पासपोर्ट मोबाइल वैन कैंप आयोजित किए जाते हैं. आइये जानते हैं इसके बारे में.
25 सितंबर तक यहां लगेगा कैंप
फिलहाल पासपोर्ट मोबाइल वैन सेवा बिहार के गया जिले में पहुंची हैं. 25 सितंबर तक यहां कैंप लगाएगी. बोधगया में दो दिनो तक कैंप लगाने के बाद शेरघाटी अनुमंडल कार्यालय में इसका कैंप लगेगा. मोबाइल वैन सेवा के माध्यम से लोगों को अपने नजदीकी क्षेत्र में पासपोर्ट संबंधी प्रक्रिया पूरी करने का अवसर मिल सकता है. मोबाइल वैन में सामान्यतः उन आवेदकों को बुलाया जाता है, जिन्होंने पहले से ऑनलाइन आवेदन करके निर्धारित अपॉइंटमेंट लिया हो.
बता दें कि अपॉइंटमेंट मिलने के बाद निर्धारित समय पर पासपोर्ट सेवा केंद्र या पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र पहुंचना पड़ता है. अपने मूल दस्तावेज और आवश्यक प्रतियां साथ रखना उचित है. केंद्र पर आवेदन की जांच, दस्तावेज सत्यापन, फोटो, बायोमेट्रिक और अन्य निर्धारित प्रक्रियाएं पूरी की जाती हैं. इसके बाद आवेदन आगे की प्रक्रिया में चला जाता है और सब कुछ सही पाये जाने के बाद 10 दिनों के अंदर पासपोर्ट डाक के माध्यम से घर-घर तक पहुंच जाती है.
जानें पासपोर्ट अधिकारी ने क्या बताया
गया जिले में लगे पासपोर्ट मोबाइल वैन कैंप के वरिष्ठ पासपोर्ट अधिकारी अजय कुमार ने बताया वैसे लोग जो विदेश जाने का सपना देख रहें हैं और नया पासपोर्ट बनाना चाहते हैं. उन्हें मैट्रिक का सर्टिफिकेट, आधार कार्ड और पैन कार्ड की आवश्यकता होती है. जो पढे लिखे नहीं हैं, उनके लिए जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और पैन कार्ड आवश्यक होगी. किसी भी जगह से आवेदन के दौरान निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद अपॉइंटमेंट बुक कराकर डाक्यूमेंट सत्यापन के लिए निर्धारित जगह पर पहुंच सकते हैं.
गया में 5 दिनों तक लगेगा मोबाइल वैन कैंप
डॉक्यूमेंट सत्यापन के बाद 8 से 10 दिनों के अंदर पासपोर्ट डाक के माध्यम से घर तक भेजी जाती है. गया जिले में पांच दिवसीय पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन कैंप में 275 अपॉइंटमेंट स्लॉट बुक कराए गए थे, जिसमें बोधगया शिविर में 110 स्लॉट, जबकि शेरघाटी शिविर में 165 स्लॉट बुक किए गए हैं. 25 सितंबर तक कैंप शेरघाटी अनुमंडल कार्यालय में आयोजित होगी. माना जा रहा है पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन कैंप के माध्यम से जिले तथा आसपास के क्षेत्र के लोगों को उनके निकट पासपोर्ट संबंधी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है.
इस कैंप में पासपोर्ट बनाने पहुंची बोधगया के रहने वाली मो. गुलनार बताती हैं कि पहले पासपोर्ट से जुड़े किसी तरह की समस्या होती थी तो लोगों को पटना या गया जाना पड़ता था, लेकिन पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन कैंप गांव पहुंचकर लोगों को यह सुविधा उपलब्ध करा रही है. डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद बहुत आसानी से पासपोर्ट बन रहा है. सबसे बड़ी बात है की मोबाइल वन कैंप के सारे स्टाफ सहयोगी हैं.